अपना शहर चुनें

States

ब्रिटेन के फाइजर टीके को मंजूरी देने के बाद भी क्यों भारत ऑक्सफोर्ड और दूसरी कोरोना वैक्सीन का करेगा इंतजार

ब्रिटेन ने  Pfizer-BioNTech की कोरोना वैक्सीन को इस्तेमाल की मंजूरी दी .
ब्रिटेन ने Pfizer-BioNTech की कोरोना वैक्सीन को इस्तेमाल की मंजूरी दी .

Covid-19 Vaccine: ब्रिटेन ने फाइजर की कोविड-19 वैक्सीन को मंजूरी दे दी है. लेकिन इसके बाद भी भारत ऑक्सफोर्ड और स्वदेशी वैक्सीन का इंतजार कर रहा है जानें इसकी क्या वजह है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 3, 2020, 4:15 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. कोविड -19 के खिलाफ वैक्सीन को अधिकृत करने वाला ब्रिटेन पहला देश बन गया है, फिर भी भारत कुछ अन्य भारतीय वैक्सीन उम्मीदवारों के साथ ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका के शॉट के इंतजार में है, जो महामारी के खिलाफ एक मजबूत विकल्प हो सकता है. Pfizer-BioNTech Covid-19 वैक्सीन वर्तमान में भारत के लिए उपलब्ध नहीं है और इसके भंडारण के लिए अल्ट्रा-ठंडे शून्य से -70 डिग्री सेल्सियस (शून्य से -94 डिग्री फ़ारेनहाइट) तापमान की आवश्यकता है जो कि एक गंभीर बाधा है क्योंकि टीके को दूरदराज के क्षेत्रों में वितरित करने की आवश्यकता होगी. यहां तक ​​कि शहरी केंद्रों में ऐसी सुविधाओं का अभाव है.

एक अधिकारी ने कहा कि कई पश्चिमी देशों ने पहले ही ब्रिटेन सहित स्टॉक बुक कर लिए हैं, जो स्पष्ट रूप से अपने लोगों के लिए पर्याप्त है. इसलिए, जाहिर है कि ये देश इसे पहले प्राप्त कर लेंगे. उन्होंने कहा कि जब सरकार सभी कंपनियों के साथ बातचीत कर रही है, तो यह संभावना है कि ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका या भारत बायोटेक द्वारा विकसित किया जा रहा वैक्सीन परीक्षण पूरा करेगा और जल्द से जल्द अनुमोदन प्राप्त करेगा.

सरकार ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राज़ेनेका उम्मीदवार के लिए उत्सुकता से घटनाक्रम देख रही है, जिसके लिए सीरम संस्थान स्थानीय भागीदार है और उसने कहा है कि यह अगले कुछ दिनों में आपातकालीन उपयोग प्राधिकरण के लिए आवेदन करेगा. अधिकारी ने कहा कि भारत बायोटेक के कोवैक्सिन, जो मानव परीक्षणों के तीसरे चरण में है, इसे जल्द ही मंजूरी मिलने की भी संभावना है क्योंकि यह एक आसान प्लेटफॉर्म पर है और परीक्षण अब तक सुचारू रहा है. देश के कई राज्यों में आईसीएमआर-एनआईसीईडी में कोवैक्सीन के तीसरे चरण के ट्रायल चल रहे हैं.



ब्रिटेन ने दी फाइजर के कोविड-19 टीके को मंजूरी
गौरतलब है कि ब्रिटेन अग्रणी दवा कंपनी फाइजर-बायोएनटेक के कोविड-19 टीके को मंजूरी देने वाला पहला देश बन गया है. इस तरह, घातक कोरोना वायरस को नियंत्रित करने के लिए अगले सप्ताह से अति जोखिम वाले लोगों के टीकाकरण करने का मार्ग प्रशस्त हो गया है. ब्रिटेन की दवा और स्वास्थ्य उत्पाद नियामक एजेंसी (एमएचआरए) ने बताया कि यह टीका उपयोग में लाने के लिए सुरक्षित है. दावा किया गया था कि यह टीका कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए 95 प्रतिशत तक कारगर रहा है.

ब्रिटेन सरकार ने कहा कि आंकड़ों के व्यापक विश्लेषण के बाद इसकी मंजूरी दी गयी और मानकों के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं किया गया. अमेरिकी दवा कंपनी फाइजर और जर्मन कंपनी बायोएनटेक ने साथ मिलकर इस टीके को विकसित किया है. कंपनी ने हाल में दावा किया था कि परीक्षण के दौरान उसका टीका सभी उम्र, नस्ल, अलग-अलग जगह के लोगों पर कारगर रहा.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज