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Corona Vaccine 2nd Phase: इन बीमारियों से जूझ रहे 45 साल से ज्यादा उम्र के मरीज लगवा सकेंगे टीका

देश में 1 मार्च से टीकाकरण का दूसरा चरण शुरू होने जा रहा है. (सांकेतिक तस्वीर)

देश में 1 मार्च से टीकाकरण का दूसरा चरण शुरू होने जा रहा है. (सांकेतिक तस्वीर)

Corona Vaccination Second Phase: सरकार ने इस वर्ग में कोमॉर्बिडिटीज (Comorbidities) से जूझ रहे लोगों को शामिल करने का फैसला भी किया है. अब सवाल है कि कौन सी बीमारी के मरीज इस ग्रुप में शामिल होंगे?

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 28, 2021, 9:00 AM IST
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नई दिल्ली. देश में 1 मार्च से टीकाकरण (Vaccination) का दूसरा चरण शुरू होने जा रहा है. केंद्र ने कहा है कि 60 साल से ऊपर के नागरिकों को इस चरण में टीका लगाया जाएगा. इसके अलावा गंभीर बीमारी से जूझ रहे 45 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को भी वैक्सीन दी जाएगी. केंद्र ने अनुमान लगाया है कि इस वर्ग में करीब 27 करोड़ लोग शामिल होंगे. खास बात है कि वैक्सिनेशन के इस दूसरे चरण में लाभार्थी खुद रजिस्ट्रेशन करा सकता है. लाभार्थियों को Co-WIN 2.0 ऐप पर रजिस्टर करना होगा.

सरकार ने इस वर्ग में कोमॉर्बिडिटीज (Comorbidities) से जूझ रहे लोगों को शामिल करने का फैसला भी किया है. अब सवाल है कि कौन सी बीमारी के मरीज इस ग्रुप में शामिल होंगे? कार्डिवैस्क्युलर, डायबिटीज, हाइपरटेंशन, कैंसर, एड्स और दिव्यांगों को इस सूची में शामिल किया जाएगा. मरीजों को डॉक्टर से बीमारी के संबंध में एक सर्टिफिकेट तैयार कराना होगा. वहीं, उम्मीद की जा रही है कि इसके संबंध में सरकार आगे की जानकारी और नियम जल्द ही जारी करेगी.

जो लोग हार्ट फेलियर से जूझ रहे हैं और बीते एक साल में अस्पताल में भर्ती हुए हैं. लेफ्ट वेंट्रिकुलर सिस्टोलिक डिसफंक्शन, गंभीर पल्मोनरी आर्टरी हाइपरटेंशन (PAH) या आइडियोपैथिक PAH के साथ कॉन्जिनेंटल हार्ट डिसीज से पीड़ित हैं. मध्यम या गंभीर वल्व्युलर हार्ट डिसीज के मरीज इस वर्ग में शामिल हो सकते हैं. वहीं, जिन मरीजों के पास लेफ्ट वेंट्रिकुलर असिस्ट डिवाइस है या पोस्ट कार्डिययक ट्रांसप्लांट से गुजरने वाले मरीज भी इस चरण में वैक्सीन ले सकते हैं.



इसके अलावा पल्मोनरी आर्टरी हाइपरटेंशन, एनजाइना के साथ हाइपरटेंशन या डायबिटीज के मरीज. या कोरोनरी आर्टरी बायपास ग्राफ्टिंग/पर्क्युटेनियस ट्रांसल्युमिनल कोरोनरी एंजियोप्लास्टी/मायोकार्डियल इंफार्कशन के इतिहास के साथ कोरोनरी आर्टरी डिसीज से पीड़ित मरीज या जो स्ट्रोक का सामना करने वाले लोग इस सूची में शामिल हो सकते हैं. जो लोग 10 साल से डायबिटीज से पीड़ित हैं या डायबिटीज के कारण किसी परेशानी का सामना कर रहे हैं और हाइपरटेंशन की समस्या वाले मरीजों पर भी विचार किया जाएगा.
इसके साथ ही एंड स्टेज किडनी डिसऑर्डर का सामना कर रहे हैं और हेमोडायलिसिस/कंटिन्युअस एंब्युलेटरी पेरिटोनियल डायलिसिस के साथ-साथ डीकंपन्सेटेड साइरोसिस के मरीज इस टीका लगवा सकते हैं. वहीं, किडनी, लिवर या हेमाटोपोइटिक स्टेम सेल ट्रांसप्लांट के मरीज या इनमें से किसी ट्रांसप्लांट की वेट-लिस्ट में शामिल लोग टीके के लिए पात्र हैं.

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इनके अलावा रेस्पिरेटरी डिसऑर्डर से पीड़ित और बीते कुछ सालों में अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीज, एचआईवी या प्राइमरी इम्युनोडिफिशिएंसी डिसीज, सिकल बीमारी, बोन मैरो फेलियर, एप्लास्टिक एनीमिया और थैलेसीमिया मेजर के मरीज टीका लगवा सकते हैं.

ओरल कोर्टिकोस्टेरॉयड या लंबे समय से इम्युनोसप्रेसेंट दवाई ले रहे लोग भी वैक्सीन लगवा सकते हैं. इनके अलावा ऐसे मरीज, जिन्हें एक जुलाई के बाद कैंसर का पता चला है या कैंसर थैरेपी लेने वाले मरीज टीकाकरण में शामिल हो सकते हैं.
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