रात 12.30 बजे अनुराग ठाकुर को आए फोन कॉल ने एयरपोर्ट पर फंसे इरफान को बचाया

अनुराग ठाकुर (फोटो- पीटीआई)

अनुराग ठाकुर (फोटो- पीटीआई)

अनुराग ठाकुर ने कुछ ऐसा ही सोचते हुए फोन उठा लिया. दूसरी तरफ दूर सउदी अरब के दम्माम इलाके से फोन कर रहे प्रह्लाद चौधरी खुद भी चौंक गए जब उन्हें पता चला कि वो खुद मंत्री से बात कर रहे हैं.

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नई दिल्ली. कोरोना संकट में आम तौर पर सभी मंत्रियों सांसदों के मोबाइल फोन पर मदद की गुहार लगाते लोग आ ही रहे हैं. लेकिन रात साढे़ बारह बजे केन्द्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर के घर जब लैंड लाइन फोन की घंटी बजी तो वो अपने मंत्रालय का काम काज ही निबटा रहे थे. आम तौर पर टेलीफोन ऑपरेटर ही फोन उठाते हैं, लेकिन रात साढे़ बारह बजे उनके घर कोई स्टाफ नहीं था. कोरोना कॉल के चलते काम करने वाले लोगों की संख्या भी कम थी. ऐसे में जब लैंड लाइन पर घंटी बजी तो अनुराग ठाकुर ने खुद ही फोन उठा लिया. उनका फोन उठाना ही दो परिवारों के लिए नया जीवन लेकर आया.

रात साढे़ बारह बजे किसी के पास फोन तो सिर्फ इसलिए आता है कि कोई मुश्किल में पड़ा हो. अनुराग ठाकुर ने कुछ ऐसा ही सोचते हुए फोन उठा लिया. दूसरी तरफ दूर सउदी अरब के दम्माम इलाके से फोन कर रहे प्रह्लाद चौधरी खुद भी चौंक गए जब उन्हें पता चला कि वो खुद मंत्री से बात कर रहे हैं. बहरहाल एक सांस में प्रह्लाद चौधरी ने अपनी पूरी मुश्किल का बयान कर दिया. उन्होंने मंत्रीजी को बताया कि मैंगलौर में उनके परिवार को ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की सख्त जरूरत है जहां उन्हें ये मिल नहीं पा रहा है. इसलिए उन्होंने इरफान नाम के एक व्यक्ति के साथ 6 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर भेजे हैं जो उनके परिवार को देना है. लेकिन उसे मैंगलोर एयरपोर्ट पर कस्टम अधिकारियों ने पकड़ लिया है क्योंकि ऑक्सीजन कंसंट्रेटर को इस तरीके से लाना गलत है.

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प्रह्लाद चौधरी ने कहा कि इरफान के रोजे चल रहे हैं और वो एयरपोर्ट पर कुछ खाने को तैयार भी नहीं है. इतना सुनते ही अनुराग ठाकुर हरकत में आ गए. उन्होंने तुरंत फोन मिला कर मैंगलोर के कस्टम कमिश्नर से बात की.
अनुराग ठाकुर ने कस्टम कमिश्नर को दिए निर्देश

अनुराग ठाकुर ने कस्टम कमिश्नर को कहा कि वो जल्दी से जल्दी इरफान को तलाश करें. ये कहानी सुनते ही अधिकारी भी हरकत में आ गए. अनुराग ठाकुर के फोन कॉल के महज सात मिनट के भीतर ही इरफान को न सिर्फ ढूंढ बल्कि उसकी सारी क्लीयरेंस और स्क्रीनिंग तक काम भी पूरा कर लिया गया. आखिर विभाग के मंत्री इस स्तर पर बात करते नजर कहां आते हैं और वो भी इस कोरोना महामारी के संकट के दौरान. यहां तो अनुराग ठाकुर ने खुद फोन भी उठाया और खुद ही संबंधित अधिकारी से बात की.

ये अनुराग ठाकुर की ही पहल थी कि दो परिवार मुश्किल में पड़ने से बचे. एक प्रह्लाद चौधरी का परिवार जिसे ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की जरूरत थी और दूसरा इरफान को परिवार जो ईद मनाने भारत पहुंचा था और ऑक्सीजन पहुंचा कर एक नेक काम भी करने जा रहा था. अब दोनों परिवार अनुराग ठाकुर को दुआ देते नहीं थक रहे.




प्रह्लाद चौधरी ने उन्हें कहा कि अनुराग सर आपका बहुत बहुत धन्यवाद. हमारा और इरफान के परिवार बहुत खुश हैं. हमने यहां जो आपकी छवि बनायी हुई थी, आपने इस आपदा में मदद कर के उसे पूरा का पूरा बदल दिया है. सरकार से मदद की उम्मीद तो सब लगाए रहते हैं लेकिन मैंगलोर के प्रह्लाद चौधरी और इरफान के लिए तो ये तोहफे कम नहीं था. अनुराग ठाकुर ने शायद ऐसी मिसाल कायम की है जो मोदी सरकार के मानवीय चेहरे को उजागर कर रही है.

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