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सुप्रीम कोर्ट में फिजिकल सुनवाई शुरू, वकीलों में खुशी की लहर; दिग्गजों ने जताई थी आपत्ति

सुप्रीम कोर्ट में फिजिकल सुनवाई शुरू, वकीलों में खुशी की लहर; दिग्गजों ने जताई थी आपत्ति

सुप्रीम कोर्ट में फिजिकल हियरिंग की शुरुआत हो गई है. (फाइल फोटो)

सुप्रीम कोर्ट में फिजिकल हियरिंग की शुरुआत हो गई है. (फाइल फोटो)

Supreme Court Physical Hearing: कोरोना वायरस संक्रमण को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट में फिजिकल सुनवाई बंद हो गई थी. इसके बाद वकीलों ने मामले की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पूरी की.

    नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में गुरुवार से दोबारा फिजिकल सुनवाई (Physical Hearing) या व्यक्तिगत उपस्थिति में सुनवाई की शुरुआत हो गई है. कोरोना वायरस (Coronavirus) के चलते मार्च 2020 से ही कोर्ट में फिजिकल सुनवाई नहीं हो रही थी. मुख्य न्यायाधीश एनवी रमन्ना (NV Ramana) के इस फैसले पर वकीलों ने खुशी जाहिर की है. सीजेआई ने कहा है कि फिजिकल सुनवाई दिवाली के बाद बड़े स्तर पर शुरू हो जाएगी. एक दिन पहले ही कई वरिष्ठ वकीलों ने फिजिकल सुनवाई का विरोध किया था.

    सुप्रीम कोर्ट बार एसोशिएशन ने मुख्य न्यायाधीश से दोबारा फिजिकल हियरिंग शुरू करने की अपील की थी. इसके लिए वकीलों ने कोविड-19 के कम होते मामलों का हवाला दिया था. कोरोना की वजह से अभी तक सुप्रीम कोर्ट में वर्चुअल और हाइब्रिड सुनवाई हो रही थी, आज से सुप्रीम कोर्ट में पूरी तरह से फिजिकल सुनवाई शुरू हुई है. वरिष्ठ वकील राकेश द्विवेदी और रंजीत कुमार ने फिजिकल सुनवाई शुरू करने के लिए मुख्य न्यायधीश को बधाई दी.

    जस्टिस अब्दुल नज़ीर ने फिजिकल सुनवाई शुरू होने पर सबको बधाई दी. जस्टिस नज़ीर ने कहा कि वकील जिरह के समय मास्क हटा सकते हैं, इसकी इजाजत हम दे रहे हैं. दुष्यंत दवे ने कहा कि युवा वकीलों में बहुत खुशी है, बार के सदस्य बहुत खुश हैं, युवा वकीलों ने बहुत कुछ झेला है. उन्होंने कहा कि वरिष्ठ वकीलों को इतनी दिक्कत नहीं हुई, जम्मू कश्मीर से कन्याकुमारी तक वरिष्ठ वकीलों ने जिरह किया. दवे ने कहा कि हम सभी सावधानियां बरत रहे हैं, सभी ने कोविड के खिलाफ वैक्सीन की दोनों डोज़ ली हुई है.

    इन्होंने जताई थी आपत्ति
    भाषा के अनुसार, कपिल सिब्बल, मुकुल रोहतगी, एएम सिंघवी और सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता सहित वरिष्ठ वकीलों के एक समूह ने पीठ के समक्ष इस मुद्दे का उल्लेख किया और कहा कि SOP में बुधवार और गुरुवार को अनिवार्य भौतिक सुनवाई होने से बहुत सारी कठिनाइयां पैदा होंगी, इसलिए ‘हाइब्रिड मोड’, जिसमें भौतिक और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग दोनों विकल्प है, कि अनुमति दी जाए. पीठ में न्यायमूर्ति सूर्यकांत और हिमा कोहली भी शामिल थे.

    सिब्बल ने कहा कि कुछ मामलों में बड़े पैमाने पर रिकॉर्ड होते हैं और उनके लिए कई सहायक वकीलों की उपस्थिति की आवश्यकता होती है और भौतिक सुनवाई में कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना मुश्किल होगा. हालांकि सिब्बल ने कहा कि वह मामलों की भौतिक सुनवाई के विरोध में नहीं थे. (इनपुट: सुशील पांडे)

    Tags: Coronavirus, NV Ramana, Physical Hearing, Supreme Court

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