किसने कब और कितने रुपये की पॉकेटमारी की, डायरी में रखते थे हिसाब

पूर्वी दिल्‍ली पुलिस ने पॉकेटमार गिरोह का किया पर्दाफाश
पूर्वी दिल्‍ली पुलिस ने पॉकेटमार गिरोह का किया पर्दाफाश

पुलिस को गैंग के पास से सात चोरी के मोबाइल भी बरामद हो गए हैं. इस मामले में एक 13 साल के नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 29, 2019, 10:43 AM IST
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चोरों का एक गिरोह भीड़भाड़ वाले इलाके में अलग-अलग लोगों की जेब पर हाथ साफ करता. इसके बाद वहां से निकलते ही उसे अपनी डायरी में लिखता. गिरोह का दूसरा चोर जब किसी की जेब मारता तो अपने साथी को फोनकर चोरी के माल की जानकारी देता और उसे डयरी में नोट कराता. आपको भले ही ये बात थोड़ी अजीब लग रही हो लेकिन ये सच है. पूर्व दिल्‍ली पुलिस ने एक ऐसे ही पॉकेटमार गैंग को पकड़ा है जो लगातार भीड़ वाली जगहों पर पॉकेटमारी किया करता था. ये चोरी की हर एक लिस्‍ट बनाया करते थे, जिससे उनके बीच किसी भी तरह का झगड़ा न हो. ये चोरी के सामान को बिहार और झारखंड में ले जाकर बेचते थे और उससे आए पैसे को आपस में बांट लिया करते थे. पुलिस ने इस मामले में एक 13 साल के नाबालिग को भी हिरासत में लिया है. पुलिस को गैंग के पास से सात चोरी के मोबाइल भी बरामद हो गए हैं.

जानकारी के अनुसार गाजियाबाद के खोड़ा कॉलोनी के भूपेंद्र (32), झारखंड के जिला साहिबगंज निवासी सुनील महतो (36), बिहार के जिला कटिहार के रहने वाले बिहारी चौधरी (35) को गिरफ्तार किया है. बताया जाता है कि लक्ष्‍मी नगर निवासी लक्ष्‍य चौहान ने शिकायत की थी कि वी3एस मॉल से उनका किसी ने उनका पर्स और मोबाइल चुरा लिया है. लक्ष्‍य ने तुरंत वहां का सीसीटीवी चेक किया तो उनके पीछे चोर साफ खड़ा दिखाई दिया. लक्ष्‍य अगले दिन एक बार फिर उसी मॉल में गए तो उन्‍हें वही चोर वहां पर घूमता दिखाई दिया. इसके बाद लक्ष्‍य ने तुरंत पुलिस को इसकी जानकारी दी और वहां पहुंचे पुलिसकर्मियों ने चोर को पकड़ लिया. चोर की निशानदेही पर उसके अन्‍य साथी भी गिरफ्तार हो गए.

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पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि चोर ज्‍यादातर भीड़भाड़ वाली जगह पर ही चोरी किया करते थे. हर चोरी के बाद सभी चोर अपने सामान की लिस्‍ट एक डायरी में नोट किया करते थे. चोर कुछ दिन बाद सामान लेकर बिहार और झारखंड जाते और वहां पर उसे बेचते थे. जो जितने का सामान चुराता था उसे उसका उतना हिस्‍सा मिल जाता था.
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