जम्‍मू-कश्‍मीर से अनुच्‍छेद 370 हटने की पहली वर्षगांठ पर बोले पीयूष गोयल, 'PM मोदी ने दशकों का अंधेरा हटाया'

जम्‍मू-कश्‍मीर से अनुच्‍छेद 370 हटने की पहली वर्षगांठ पर बोले पीयूष गोयल, 'PM मोदी ने दशकों का अंधेरा हटाया'
जम्‍मू कश्‍मीर में एक साल पहले हटा था अनुच्‍छेद 370.

केंद्र की मोदी सरकार ने पिछले साल यानी 2019 को आज ही के दिन जम्‍मू और कश्‍मीर (Jammu Kashmir) से अनुच्‍छेद 370 (Article 370) को हटा लिया था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 5, 2020, 11:13 AM IST
  • Share this:
नई दिल्‍ली. केंद्र की मोदी सरकार ने पिछले साल यानी 2019 को आज ही के दिन जम्‍मू और कश्‍मीर (Jammu Kashmir) से अनुच्‍छेद 370 (Article 370) हटा लिया था. आज इस घटना की पहली वर्षगांठ है. इस पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने ट्वीट किया है. उन्‍होंने ट्वीट में लिखा है, 'न्याय, सामान्य व्यक्ति के लिए शांति और समृद्धि का पालन करना. जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में विकास और अवसरों को लाने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी जी ने दशकों का अंधकार नष्‍ट किया.

पीयूष गोयल ने बुधवार को ट्वीट में आगे लिखा, 'अनुच्छेद 370 को निरस्त करते हुए गृह मंत्री अमित शाह जी ने राष्ट्र और संघ शासित प्रदेशों के लोगों को अपना भविष्य बनाने के लिए एकजुट किया.' बता दें कि 5 अगस्त, 2019 को अनुच्छेद 370 को समाप्त कर दिया गया था. इससे जम्मू और कश्मीर को मिला विशेष दर्जा समाप्‍त हुआ. साथ ही इसे दो केंद्र शासित प्रदेशों- जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में विभाजित कर दिया.






वहीं अनुच्‍छेद 370 हटने के बाद जम्‍मू-कश्‍मीर में कई बदलाव भी देखने को मिले. सरकार द्वारा नियमों में बदलाव किए जाने के बाद आतंकवादियों के जनाजे में जुटने वाली हजारों लोगों की भीड़ पर भी रोक लग गई क्योंकि मारे गए आतंकवादियों की पहचान नहीं की गई. कुछ मामलों में आतंकवादियों की पहचान हुई, लेकिन उनके शव अज्ञात कब्रिस्तानों- या तो बारामूला या गांदरबल भेज दिए गए तथा परिवार के सदस्यों की मौजूदगी में उन्हें दफना दिया गया.

कम होती हिंसा के आंकड़े प्रस्तुत करते हुए अधिकारियों ने बताया कि 2018 में पथराव की 532 घटनाएं हुईं, वहीं 2019 में 389 और 2020 में पथराव की 102 घटनाएं हुई हैं. 2018 के मुकाबले 2019 में पथराव की घटनाओं में 27 प्रतिशत की कमी आई, वहीं 2020 में पथराव की घटनाओं में 73 प्रतिशत की कमी आई है.

अधिकारियों ने कहा कि 2018 में 2,268 पथराव करने वाले गिरफ्तार किए गए, वहीं 2019 में 1,127 और 2020 में 1,152 ऐसे लोग गिरफ्तार किए गए. आंकड़ों के अनुसार 2018 में 583 आतंकवादी गैर कानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम के तहत गिरफ्तार किए गए, वहीं 2019 में 849 तथा 2020 में 444 आतंकवादी गिरफ्तार किए गए हैं.

अधिकारियों के अनुसार 2018 में 58 हुर्रियत नेता हिरासत में लिए गए, जबकि 2019 में 70 तथा 2020 में छह हुर्रियत नेता हिरासत में लिए गए. वहीं, 2019 में प्रतिबंधित जमात ए इस्लामी के 29 कार्यकर्ता तथा 2020 में इसके आठ कार्यकर्ता हिरासत में लिए गए. वर्ष 2019 के बाद से सभी अलगाववादी नेताओं की सुरक्षा और वाहन भी वापस ले लिए गए.

आंकड़ों के अनुसार जांच के क्रम में अलगावादियों के 82 बैंक खातों में लेनदेन पर रोक लगा दी गयी है जिनमें 70,44,073 रुपये जमा थे और जमात ए इस्लामी के कार्यालयों वाले 19 परिसरों पर छापेमारी की गई.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज