पुडुचेरी में कोविड-19 मरीजों के इलाज के लिए हो सकता है सिद्ध चिकित्सा पद्धति का इस्तेमाल

पुडुचेरी में कोविड-19 मरीजों के इलाज के लिए हो सकता है सिद्ध चिकित्सा पद्धति का इस्तेमाल
तमिलनाडु समेत कई राज्य मरीजों के इलाज के लिए सिद्ध चिकित्सा पद्धति का सहारा ले रहे हैं. (सांकेतिक तस्वीर)

पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी नारायणसामी (Puducherry CM V Narasamy) की सरकार कोविड-19 मरीजों (Covid-19 Patients) का इलाज करने के लिए सिद्ध चिकित्सा पद्धति के इस्तेमाल की योजना बना रही है.

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पुडुचेरी. पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी नारायणसामी (Puducherry CM V Narasamy) ने मंगलवार को कहा कि उनकी सरकार कोविड-19 मरीजों (Covid-19 Patients) का इलाज करने के लिए सिद्ध चिकित्सा पद्धति के इस्तेमाल की योजना बना रही है. नारायणसामी ने ऑनलाइन संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि वह स्वास्थ्य मंत्री मलाडी कृष्णा राव के साथ सिद्ध चिकित्सा पद्धति से इलाज करने वाले लोगों से शीघ्र ही मिलेंगें ताकि कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण के इलाज के लिए इस संबंध में कार्ययोजना तैयार की जा सके. उन्होंने कहा कि इलाज के स्वदेशी तरीके के बारे में माना जाता है कि इसके खराब प्रभाव नहीं होते.

तमिलनाडु (Tamilnadu) समेत कई राज्य मरीजों के इलाज के लिए सिद्ध चिकित्सा पद्धति का सहारा ले रहे हैं. मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ हम भी इसका सहारा लेंगे और सिद्ध चिकित्सा पद्धति से इलाज करने वालों के साथ बैठक करके इसे अपनाने के लिए कार्ययोजना तैयार करेंगे.’’ उन्होंने कहा कि पुडुचेरी में महामारी का ग्राफ नीचे जा रहा है और स्वस्थ होने वाले मरीजों की दर भी अच्छी है. उन्होंने कहा कि स्वस्थ होने की दर अब 56 फीसदी है और जांच और बढ़ाए जाएंगे. उन्होंने कहा कि सरकार की अपील के बाद कई निजी मेडिकल कॉलेज अस्पताल अपने परिसर में एक सप्ताह की जांच सुविधा लगाने के लिए आगे आए हैं. केंद्र ने मेडिकल कॉलेजों को आरटी-पीसीआर जांच की अनुमति दे दी है और ऐसे में निजी संस्थानों की भूमिका अहम होगी.

पुडुचेरी में संक्रमितों की संख्या हुई 1,041
बता दें पुडुचेरी में मंगलवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 32 नए मामले सामने आए जिससे यहां संक्रमितों की कुल संख्या 1,041 हो गई. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने एक मेडिकल बुलेटिन में बताया कि केंद्र शासित प्रदेश में फिलहाल 510 मरीजों का इलाज चल रहा है जबकि स्वस्थ होने के बाद 517 लोगों को अस्पतालों से छुट्टी मिल चुकी है.
संक्रमण के नए 18 मरीजों को इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती किया गया है और 13 मरीजों को केंद्र सरकार के संचालन वाले जिपमेर में भर्ती किया गया है. अन्य मरीजों को माहे के सरकारी सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है. बुलेटिन के मुताबिक मंगलवार को 35 मरीजों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई.



निजी मेडिकल कॉलेज में भी हो सकेगा कोविड मरीजों का इलाज
स्वास्थ्य मंत्री एम कृष्ण राव ने ऑनलाइन प्रेस कान्फ्रेंस में कहा कि इस महीने प्रदेश में संक्रमण के बढ़ते मामलों के मद्देनजर खतरा बढ़ गया है. उन्होंने कहा कि सरकार की अपील पर निजी मेडिकल कॉलेज मरीजों को कोविड-19 की जांच करने और भर्ती कर उनका इलाज करने में सहयोग देने के लिए मान गए हैं. उन्होंने कहा, “राज्य सरकार मंगलवार को संक्रमित मरीजों को सरकारी मेडिकल कॉलेजों से निजी मेडिकल कॉलेजों में स्थानांतरित करेगी जिसके लिए निजी संस्थानों में सुविधाओं को बेहतर बनाया जा रहा है.”

ग्रामीण क्षेत्रों में जांच की सचल इकाइयों को सक्रिय किया जा रहा है जिससे अधिक से अधिक नमूनों की जांच की जा सके.
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