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टूरिस्टों के लिए बड़ा बदलाव: मेघालय में 24 घंटे से ज्यादा रुकने के लिए रजिस्ट्रेशन कराना होगा जरूरी

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Updated: November 2, 2019, 10:25 PM IST
टूरिस्टों के लिए बड़ा बदलाव: मेघालय में 24 घंटे से ज्यादा रुकने के लिए रजिस्ट्रेशन कराना होगा जरूरी
मेघालय में 24 घंटे से ज्यादा रुकने के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी होगा (सांकेतिक तस्वीर)

मेघालय (Meghalaya) के उपमुख्यमंत्री प्रेस्टोन तेन्सॉन्ग (Prestone Tynsong) ने कहा है कि गैर-जनजातीय लोग जो कि राज्य के स्थायी निवासी हैं, साथ ही केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारी (central and state government employees) इस कानून के अंतर्गत नहीं आएंगे.

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  • Last Updated: November 2, 2019, 10:25 PM IST
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(करिश्मा हसनत)

गुवाहाटी. बाहरी लोग जो मेघालय की यात्रा पर आना चाहते हैं उन्हें नए मेघालय रेजीडेंट्स सेफ्टी एंड सिक्योरिटी एक्ट (MRRSA), 2016 के तहत रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी हो जाएगा. अगले विधानसभा सत्र में रेग्युलराइज होने के बाद यह कानून प्रभावी हो जाएगा.

राज्य सरकार (State Government) ने हाल ही में MRRSA में बदलाव के एक अध्यादेश को अनुमति दी है. जिसके तहत उस हर शख्स का सरकार के पास रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होगा, जो मेघालय के किसी भी हिस्से में 24 घंटे से ज्यादा का समय गुजारना चाहता है.

मेघालय के निवासियों पर नहीं होगा कानून का कोई असर

उपमुख्यमंत्री प्रेस्टोन तेन्सॉन्ग कहा है कि राज्य के गैर-जनजातीय लोग, साथ ही केंद्र और राज्य सरकारों के कर्मचारी इस कानून के अंतर्गत नहीं आएंगे.

तेन्सॉन्ग ने कहा, 'मेघालय के स्थायी निवासी, चाहे वे जनजातीय हों या नहीं, उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है. यह कानून उन लोगों के लिए है जो टूरिस्ट, मजदूर या फिर व्यापार या अन्य वजहों से मेघालय आना चाहते हों. वे नए कानून के अंतर्गत कुछ नियमों का पालन करने के लिए बाध्य होंगे.'

तेन्सॉन्ग ने कहा, 'इसके सेक्शन 4 (a) के तहत एक नियम है, जिसमें कहा गया है कि कोई भी व्यक्ति जो मेघालय का नागरिक नहीं है और राज्य में 24 घंटे से अधिक रुकना चाहता है, उसे नियमों के अनुसार इसकी जानकारी देनी होगी.' इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस कानून का उल्लंघन करते पकड़े जाने वाले किसी भी शख्स पर भारतीय दंड संहिता (IPC) के तहत कार्रवाई की जाएगी.
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पिछली कांग्रेस सरकार ने बनाया था MRSSA कानून
MRSSA कानून को 2016 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने पास किया था. इस कानून को उस समय गैरकानूनी प्रवासियों को रोकने के लिए उठाया गया कदम कहा गया था. तेन्सॉन्ग ने कहा कि जिस समय कानून पास हुआ था, इसके केंद्र में किराएदार थे.

असम में नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स (NRC) का कदम उठाए जाने के बाद इस पर्वतीय राज्य में भी ऐसा कदम उठाए जाने की मांग बढ़ गई थी. मेघालय आने वालों के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था किए जाने की तैयारी की जा रही है. इसके साथ ही रजिस्ट्रेशन के तरीकों को साधारण बनाने के लिए भी सरकार काम कर रही है.

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First published: November 2, 2019, 7:37 PM IST
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