तमिलनाडु समेत भारत के कई हिस्सों में आतंकी हमले करने की थी योजना, NIA की हिरासत में 16 लोग

संदेह है कि सिमी के प्रति झुकाव रखने वाले लोग तमिलनाडु में इस्लामी संगठन, वहादत-ए-इस्लामी हिंद से जुड़े हुए हैं.

News18Hindi
Updated: July 20, 2019, 1:30 AM IST
तमिलनाडु समेत भारत के कई हिस्सों में आतंकी हमले करने की थी योजना, NIA की हिरासत में 16 लोग
संदेह है कि सिमी के प्रति झुकाव रखने वाले लोग तमिलनाडु में इस्लामी संगठन, वहादत-ए-इस्लामी हिंद से जुड़े हुए हैं.
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Updated: July 20, 2019, 1:30 AM IST
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की जांच में खुलासा हुआ है कि तमिलनाडु समेत भारत के कई हिस्सों में आतंकी हमले की साजिश रची जा रही थी. राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने शनिवार को अंसारुल्ला मामले में सैयद मोहम्मद बुखारी के चेन्नई स्थित आवास और दफ्तर में छापेमारी की थी. एनआईए ने इसके साथ ही हसन अली युनुसमरिकर और हरीश मोहम्मद के तमिलनाडु के नागापट्टिनम स्थित घर पर भी छापेमारी की थी.

एनआईए ने इनके खिलाफ अंसारुल्ला नाम का आतंकी संगठन बनाकर भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश रचने का केस दर्ज किया था. इस दौरान करीब 16 लोग हिरासत में लिए गए जिनमें सभी तमिलनाडु से हैं. इन 16 लोगों में से 14 लोगों की पहचान कर ली गई है.

एक बयान में NIA ने कहा कि, 'आरोपी व्यक्ति सक्रिय तौर पर लोगों को भारत में आतंकी हमले करने के लिए रिक्रूट कर रहे थे. वह अपने समर्थकों को आए दिन वीडियो और अन्य प्रोपेगेंडा वाले मटेरियल देते थे. इसके साथ ही वह हमले करने के लिए लोगों को विस्फोटक, जहर, चाकू और गाड़ियों की ट्रेनिंग भी दे रहे थे.'



इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला

एनआईए की ओर से जारी किए गए एक बयान में कहा गया है कि इस मामले में आईपीसी की धारा 12बी, 121ए और 122 के साथ ही गैरकानूनी गतिविधियों की धारा 17,18,18-बी,38 और 39 के तहत 9 जुलाई को मामला दर्ज किया गया है. एनआईए ने बताया है कि खुफिया जानकारी मिलने के बाद इस मामले में छापेमारी की गई थी.

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9 जुलाई को दर्ज हुआ मामला

एनआईए ने आगे दावा किया कि उसने 9 जुलाई को 16 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. NIA के अनुसार, 'विश्वसनीय जानकारी के आधार पर, अभियुक्त व्यक्तियों ने आतंकवादी संगठनों ISIS / दाएश, अल कायदा और सिमी के लिए झुकाव के कारण (स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया) भारत के भीतर और बाहर हमले की साजिश रची थी और आतंकवादी गिरोह अंसारुल्ला का गठन करके भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने की तैयारी की थी.'

ये लोग हिरासत में

NIA के सूत्रों ने जानकारी दी कि सभी संदिग्धों को दुबई से 13 और 15 जुलाई को डिपोर्ट किया गया. सभी को स्पेशल फ्लाइट से चेन्नई लाया गया और उन्हें अदालत में पेश किया गया. यूएई से निकाले गए 14 लोगों की पहचान 58 वर्षीय मोहम्मद इब्राहिम, मीरान गनी, 33, 37 साल के गुलाम नबी असथ, रफी अहमद 55 वर्ष, मुंतशिर 39 वर्ष, उमर बरोक 48 वर्ष, फ़ारूक 26 वर्ष, मोहम्मद शेख मैथीन 40 वर्ष, अहमद अजरुद्दीन 27 वर्ष, तौफीक अहमद 27 वर्ष, मोहम्मद इब्राहिम, 36, मोहम्मद अफज़र, 29, मोहिदीन सेनी शाहुल हमीद, 59, और फैज़ल शरीफ, 44 का नाम शामिल है.

यह संदेह है कि सिमी के प्रति झुकाव रखने वाले लोग तमिलनाडु में इस्लामी संगठन, वहादत-ए-इस्लामी हिंद से जुड़े हुए हैं.

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First published: July 20, 2019, 1:26 AM IST
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