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कचरे के पहाड़ अब हो सकेंगे खत्म! जो प्लास्टिक सदियों में नहीं गलता, उसे चंद घंटों में गला देगी ये चीज

नया एंजाइम जो 50 डिग्री से कम तापमान में भी प्लास्टिक का काम तमाम कर सकता है.

नया एंजाइम जो 50 डिग्री से कम तापमान में भी प्लास्टिक का काम तमाम कर सकता है.

plastic eating enzyme: वैज्ञानिकों ने PETase नाम के एंजाइम का नया म्यूटेशन तैयार किया है. ये प्लास्टिक को तोड़कर ऐसा बना देता है कि बैक्टीरिया उसे खाकर चट कर जाते हैं. सबसे बड़ी बात ये कि यह एंजाइम 50 डिग्री से कम तापमान में भी प्लास्टिक का काम तमाम कर सकता है.

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आजकल बाजार में मिलने वाली लगभग हर चीज में प्लास्टिक का इस्तेमाल होता है. पेन से लेकर हवाई जहाज तक कहीं भी इसके बिना काम नहीं चलता. प्लास्टिक उपयोगी है तो पर्यावरण के लिए सबसे बड़ा खतरा भी है. वजह है इसका अपने आप खत्म न होना. प्लास्टिक को प्राकृतिक रूप से गलने में सदियां लग जाती हैं. दुनिया में खड़े होते जा रहे प्लास्टिक कचरे के अंबार को ठिकाने लगाना अब तक वैज्ञानिकों के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द रहा है. लेकिन अब ऑस्टिन में यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सस के वैज्ञानिकों और केमिकल इंजीनियरों ने ऐसी चीज बनाई है, जो कुछ ही घंटों के अंदर प्लास्टिक को गलाकर खत्म कर देगी. ये चीज है एक एंजाइम. उम्मीद की जा रही है कि ये एंजाइम धरती को पर्यावरण की सबसे बड़ी समस्या से निजात दिला देंगे.

टेक्सस यूनिवर्सिटी की इस खोज को साइंस जर्नल नेचर में प्रकाशित किया गया है. वैज्ञानिकों ने प्लास्टिक को गलाने के लिए जिस एंजाइम को चुना, उसका नाम है PETase. उन्होंने एक मशीनी मॉडल का इस्तेमाल करके प्राकृतिक एंजाइम से PETase नाम के नए म्यूटेशन को तैयार किया. यह एंजाइम प्लास्टिक के अणुओं को तोड़-तोड़कर ऐसा बना देता है कि बैक्टीरिया उसे खाकर चट कर जाते हैं. सबसे बड़ी बात ये कि FAST-PETase ऐसा एंजाइम है जो 50 डिग्री से कम के तापमान में भी प्लास्टिक का काम तमाम कर सकता है.

ऐसे काम करता है ये एंजाइम
PETase एंजाइम प्लास्टिक को टुकड़ों (depolymerization) में तोड़ देता है और फिर से रसायन के रूप में वापस एक साथ ले आता (repolymerization) है. खास बात यह है कि कुछ मामलों में यह प्लास्टिक को 24 घंटे से भी कम वक्त में तोड़कर मोनोमर्स में बदल देता है. वैज्ञानिकों ने जिस मशीनी मॉडल का इस काम के लिए इस्तेमाल किया, उसकी खास बात यह है कि इससे अनुमान लगाया जा सकता है कि एंजाइम में कौन सा म्यूटेशन प्लास्टिक को जल्दी खत्म करने यानी तापमान बहुत ज्यादा बढ़ाए बिना ही उसे डीपोलीमेराइज करने में सक्षम होगा. कॉकरेल स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड कॉलेज ऑफ नेचुरल साइंस के वैज्ञानिकों ने एंजाइम को 51 अलग-अलग तरह के उत्पादों में इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक, पांच अलग प्रकार के पोलिस्टर फाइबर व फेब्रिक्स और पानी की बोतलों पर प्रयोग करके देखा. इस तरह FAST-PETase एंजाइम तैयार हुआ.

प्लास्टिक पैकिंग पर ज्यादा कारगर
वैज्ञानिक इस एंजाइम का इस्तेमाल उस प्लास्टिक को गलाने में करना चाहते हैं, जिसका सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है. ये है polyethylene terephthalate (PET). आसान भाषा में बताएं तो उत्पादों की पैकेजिंग में ज्यादातर इस्तेमाल होने वाली प्लास्टिक पन्नी और प्लास्टिक की बोतलें. कुछ फाइबर और टेक्सटाइल भी इसी से बनाए जाते हैं. सबसे ज्यादा प्लास्टिक कचरा इसी का निकलता है. आंकड़ों में बताएं तो दुनिया में जो कूड़ा इकट्ठा होता है, उसमें 12 फीसद हिस्सा इसी का होता है. PETase एंजाइम इसको तेजी से खत्म कर सकता है. इस एंजाइम में सुपरचार्ज रिसाइक्लिंग की क्षमता है. इसकी मदद से प्लास्टिक को बड़े पैमाने पर खत्म करके पर्यावरण पर इसके दुष्प्रभावों को कम किया जा सकेगा.

कितनी अहम है ये खोज
ये बात तो साफ है कि प्लास्टिक को अपने आप खत्म होने में सदियां लग जाती हैं. ऐसे में रिसाइकिलिंग ही एकमात्र ऐसा तरीका है, जिस से प्लास्टिक के कचरे को कम किया जाता है. लेकिन समस्या ये है कि इसकी क्षमता सीमित है. दुनियाभर में पैदा होने वाले प्लास्टिक के कूड़े का महज 10 फीसद हिस्सा ही रिसाइकिल हो पाता है. रिसाइकिलिंग के लिए प्लास्टिक को जलाया जाता है. इसमें खूब खर्चा तो होता ही है, इससे निकलने वाली जहरीली गैसें वातावरण को भी नुकसान पहुंचाती हैं. इसके अलावा रिसाइकल के जो दूसरे विकल्प हैं, उसमें लंबा वक्त और ज्यादा ऊर्जा दोनों लगते हैं. ऐसे में ढेर सारी प्लास्टिक को ऐसे ही छोड़ दिया जाता है, जो घातक होती है.

15 साल से हो रही तलाश
वैज्ञानिक लंबे समय से प्लास्टिक के निपटारे का ऐसा बायोलॉजिकल यानी जैविक समाधान खोजने में जुटे हैं, जिससे प्लास्टिक को जल्दी खत्म किया जा सके, ऊर्जा भी कम लगे और लागत भी ज्यादा न आए. लेकिन 15 सालों के शोध के बावजूद कोई ऐसा ठोस तरीका नहीं निकल पाया था, जो सस्ता हो, टिकाऊ भी और जिसका बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा सके. अब FAST-PETase एंजाइम के तैयार होने से वैज्ञानिकों की उम्मीद जगी है कि दुनिया में खड़े होते जा रहे प्लास्टिक कूड़े के पहाड़ को आसानी से खत्म किया जा सकेगा. जमीन और पानी में इसकी वजह से जो प्रदूषण फैल रहा है, उसे कम किया जा सकेगा.

Tags: Plastic waste, Science news

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