धार्मिक समारोह और शादी-ब्याह में संगीत का इस्तेमाल कॉपीराइट का उल्लंघन नहीं

ये नोटिस(Notice) कॉपीराइट (Copyright) अधिनियम, 1957 की धारा 52 के आधार पर जारी किया गया. इस धारा के मुताबिक इस तरह के समारोहों के संगीत बजाना कॉपीराइट कानून का उल्लंघन नहीं है.

News18Hindi
Updated: September 2, 2019, 3:49 PM IST
धार्मिक समारोह और शादी-ब्याह में संगीत का इस्तेमाल कॉपीराइट का उल्लंघन नहीं
धार्मिक समारोह और शादी-ब्याह में संगीत का इस्तेमाल कॉपीराइट का उल्लंघन नहीं.
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Updated: September 2, 2019, 3:49 PM IST
धार्मिक (Religious) और वैवाहिक समारोहों (Marriage Procession) में किसी भी तरह के संगीत का इस्तेमाल कॉपीराइट कानून के अंतर्गत नहीं आता है. इसकी पुष्टि केंद्र सरकार के द्वारा की गई है. कॉपी राइट ऑफिस ने इस संदर्भ में 27 अगस्त को एक स्पष्टीकरण जारी की है. ये स्पष्टीकरण पब्लिक नोटिस को तौर पर जारी की गई है. नोटिस के मुताबिक, विवाह से संबंधित उत्सवों में ध्वनि रिकॉर्डिंग के इस्तेमाल के लिए लाइसेंस प्राप्त करने की जरूरत है या नहीं, इस सवाल को अगल-अगल पक्षों के द्वारा उठाया गया था, और इसपर स्पष्टीकरण मांगा गया था.

ये नोटिस कॉपीराइट अधिनियम, 1957 की धारा 52 के आधार पर जारी किया गया. इस धारा के मुताबिक इस तरह के समारोहों के संगीत बजाना कॉपीराइट कानून का उल्लंघन नहीं है. सब-सेक्शन (1) किसी साहित्यिक, नाटकीय या संगीत कार्य के प्रदर्शन में संगीत के इस्तेमाल की छूट मुहैया कराता है. साथ ही ये जनता के लिए संचार या किसी धार्मिक कार्यक्रम या किसी आधिकारिक समारोह के दौरान ध्वनि रिकॉर्डिंग की भी छूट देता है.

उपरोक्त प्रावधान के मद्देनजर, कॉपीराइट कार्यालय ने स्पष्ट किया कि किसी भी धार्मिक समारोह के दौरान साउंड रिकॉर्डिंग के इस्तेमाल के लिए कोई लाइसेंस हासिल करने की जरूरत नहीं है, इसमें शादी से जुड़े किसी भी अन्य सामाजिक उत्सव शामिल हैं.

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First published: September 2, 2019, 3:49 PM IST
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