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वॉट्सऐप की नई प्राइवेट पॉलिसी को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका, कल होगी सुनवाई

WhatsApp की प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दर्ज की गई है.  (सांकेतिक तस्वीर)
WhatsApp की प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दर्ज की गई है. (सांकेतिक तस्वीर)

Whatsapp New Policy: वॉट्सऐप ने नई पॉलिसी को लेकर सफाई देते हुए कहा है कि उसके ताजा नीतिगत बदलावों से संदेशों की गोपनीयता प्रभावित नहीं होती है और इसके साथ ही फेसबुक के स्वामित्व वाली कंपनी ने उपयोगकर्ताओं के डेटा की सुरक्षा को लेकर चिंताओं को दूर करने की कोशिश की.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 14, 2021, 11:35 PM IST
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नई दिल्ली. वॉट्सऐप की नई प्राइवेसी पॉलिसी (WhatsApp New Privacy Policy) को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi Highcourt) में एक याचिका दायर की गई है. दायर याचिका में कहा गया है कि सोशल मेसेजिंग ऐप की प्राइवेसी पॉलिसी देश के नागरिकों के निजता के अधिकार का उल्लंघन करती है. इस मामले पर दिल्ली उच्च न्यायालय में शुक्रवार को सुनवाई होगी. याचिका में कहा गया है कि "वॉट्सऐप ने अपनी गोपनीयता नीति को" सबसे मनमाने तरीके से बदल दिया है और इसे अपने यूज़र्स के लिए अपने नियम और शर्तों को स्वीकार करने के लिए अनिवार्य कर दिया है, ऐसा नहीं करने पर 8 फरवरी 2021 के बाद संबंधित यूजर के अकाउंट और सेवाओं को समाप्त कर दिया जाएगा."

अधिवक्ता चैतन्य रोहिल्ला की याचिका में यह मांग की गई है कि नई प्राइवेट पॉलिसी पर तुरंत प्रभाव से रोक लगाई जाए और उसके साथ भारत सरकार वॉट्सएप के इस्तेमाल और लोगों की राइट टू प्राइवेसी को ध्यान में रखते हुए दिशानिर्देश जारी की जाएं. याचिका में यह भी मांग की गई है कि इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को भी निर्देश दिए जाएं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वॉट्सएप किसी भी उद्देश्य के लिए अपने उपयोगकर्ताओं के किसी भी डेटा को किसी तीसरे पक्ष या फेसबुक और उसकी कंपनियों के साथ साझा न करे.

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याचिका में कही गईं ये बातें
याचिका में कहा गया है कि “यह वस्तुतः एक व्यक्ति की ऑनलाइन गतिविधि को 360 डिग्री प्रोफ़ाइल देता है. किसी व्यक्ति की निजी और व्यक्तिगत गतिविधियों में इस तरह नजर रखने का स्तर वर्तमान में किसी रेग्युलेटरी सुपरविजन या किसी भी सरकारी निरीक्षण के बिना किया जाता है. इसके अलावा, डेटा संरक्षण प्राधिकरण की अनुपस्थिति में, यह उपयोगकर्ताओं को कंपनी के अपनी आश्वासनों और गोपनीयता नीतियों पर निर्भर कर देता है."

याचिका में आगे कहा गया कि "और अगर वॉट्सऐप यह कह रहा है कि वह अब यूजर्स के डेटा का उपयोग करने जा रहा है और इसे दुनिया के सबसे बड़े सामाजिक नेटवर्क के साथ साझा कर रहा है, जो हर दूसरी वेबसाइट पर एम्बेडेड है और वहां से भी डेटा एकत्र करता है, तो इस डेटा का एकीकरण अनिवार्य रूप से होगा. इसका मतलब है कि यूजर्स फेसबुक कंपनियों के समूह की निगरानी में है."

वॉट्सऐप ने दी है ये सफाई
बता दें वॉट्सऐप ने नई पॉलिसी को लेकर सफाई देते हुए कहा है कि उसके ताजा नीतिगत बदलावों से संदेशों की गोपनीयता प्रभावित नहीं होती है और इसके साथ ही फेसबुक के स्वामित्व वाली कंपनी ने उपयोगकर्ताओं के डेटा की सुरक्षा को लेकर चिंताओं को दूर करने की कोशिश की.

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वॉट्सऐप ने एक ब्लॉगपोस्ट में कहा कि वह विज्ञापनों के उद्देश्य से उपयोगकर्ताओं की संपर्क सूची या समूहों के डेटा को फेसबुक के साथ साझा नहीं करती है और वॉट्सऐप या फेसबुक न तो वॉट्सऐप पर उपयोगकर्ताओं के संदेश को पढ़ सकते हैं और न ही कॉल सुन सकते हैं.

पिछले हफ्ते वॉट्सऐप ने अपनी सेवा शर्तों और गोपनीयता नीति में एक बदलाव के बारे में बताया था कि वह किस तरह उपयोगकर्ताओं के डेटा का इस्तेमाल करती है और किसी तरह फेसबुक के साथ उन्हें साझा किया जाता है.

वॉट्सऐप ने यह भी कहा कि उसकी सेवा का उपयोग जारी रखने के लिए उपयोगकर्ताओं को आठ फरवरी 2021 तक नई शर्तों और नीति को स्वीकार करना होगा.
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