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अफगानिस्तान संकट पर पीएम मोदी और पुतिन के बीच बातचीत, 45 मिनट तक हुई चर्चा

अफगानिस्तान संकट को लेकर पीएम मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच फोन पर चर्चा हुई. ( फाइल फोटो- PTI)

अफगानिस्तान संकट को लेकर पीएम मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच फोन पर चर्चा हुई. ( फाइल फोटो- PTI)

Afghanistan Crisis: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) से पहले पीएम मोदी (PM Modi) ने जर्मनी की चांसलर ...अधिक पढ़ें

    नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) के बीच मंगलवार को लंबी बातचीत हुई. दोनों नेताओं ने अफगानिस्तान के मौजूदा हालात (Afghanistan Crisis) पर करीब 45 मिनट तक फोन पर चर्चा की. पीएम मोदी और पुतिन के बीच ये बातचीत ऐसे समय में हुई जब जी-7 के नेता काबुल में तालिबान के शासन (Taliban rule in Kabul) पर आज वर्चुअली मीटिंग करने जा रहे हैं.

    रूस की तरफ से जारी बयान के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और व्लादिमीर पुतिन के बीच अफगानिस्तान के ताजा हालात पर चर्चा हुई. रूस सरकार ने कहा, ‘भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति पुतिन ने टेलीफोन पर बातचीत के दौरान अफगानिस्तान की स्थिति पर विचारों का आदान-प्रदान किया. उन्होंने इस देश में शांति और स्थिरता की स्थापना, पूरे क्षेत्र में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए समन्वित प्रयासों के महत्व पर जोर दिया.’

    एक अन्य बयान में रूस ने कहा, ‘प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन ने अफगानिस्तान के क्षेत्र से निकलने वाली आतंकवादी विचारधारा और नशीली दवाओं के खतरे के प्रसार का मुकाबला करने के लिए सहयोग बढ़ाने का इरादा जाहिर किया. इस मुद्दे पर परामर्श के लिए एक स्थायी द्विपक्षीय चैनल बनाने पर भी दोनों देशों में सहमति बनी.’

    इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल (Angela Merkel) के साथ फोन पर बातचीत की थी, और अफगानिस्तान के सुरक्षा हालात पर चर्चा की थी. बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल से अफगानिस्तान में सुरक्षा की स्थिति और क्षेत्र तथा दुनिया पर इसके प्रभाव पर चर्चा की. दोनों नेताओं ने शांति और सुरक्षा बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया.

    प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने एक बयान में कहा कि दोनों नेताओं ने माना कि सबसे जरूरी प्राथमिकता अफगानिस्तान में फंसे हुए लोगों की स्वदेश वापसी है. उन्होंने द्विपक्षीय मुद्दों पर भी चर्चा की, जिसमें कोविड-19 टीकों में सहयोग, जलवायु और ऊर्जा पर ध्यान देने के साथ विकास सहयोग, व्यापार एवं आर्थिक संबंधों को बढ़ावा देना शामिल है.

    मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘आज शाम चांसलर मर्केल से बातचीत की और द्विपक्षीय, बहुपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों के साथ ही अफगानिस्तान में हाल के घटनाक्रम पर चर्चा की. भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए हमारी प्रतिबद्धता को दोहराया.’’ पीएमओ के बयान में कहा गया है, ‘‘नेताओं ने अफगानिस्तान की सुरक्षा स्थिति और क्षेत्र तथा दुनिया पर इसके प्रभाव पर चर्चा की. उन्होंने शांति और सुरक्षा बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया, जिसमें सबसे जरूरी प्राथमिकता फंसे हुए लोगों की वापसी है.’’

    अफगानिस्तान पर जी-7 देशों की बैठक
    दूसरी ओर अफगानिस्तान पर जी-7 देशों (G-7 Leaders meeting) के नेताओं की मंगलवार को एक महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है. इस बैठक में काबुल में तालिबान के शासन को आधिकारिक तौर पर मान्यता देना है या प्रतिबंध लगाना है, इस बात पर फैसला हो सकता है. मीटिंग का आयोजन वर्चुअली होगा. अगस्त की 15 तारीख को काबुल पर तालिबान के कब्जे के बाद अमेरिका के सहयोगी देश वॉशिंगटन की ओर देख रहे हैं, वहीं विदेशी राजनयिकों को कहना है कि अफगानिस्तान के मसले पर जी-7 देशों की बैठक (G-7 Meeting) में आपसी सहयोग पर भी चर्चा हो सकती है.

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    बता दें कि काबुल पर तालिबान के हफ्ते भर में कब्जा करने और अमेरिकी सैनिकों के अफगानिस्तान से निकलने के बीच राष्ट्रपति अशरफ गनी देश छोड़कर भाग निकले, ऐसे में विदेशी सरकारें अफगानिस्तान के हालात को लेकर संशय की शिकार हैं और अफगानिस्तान से बड़ी संख्या में लोगों का पलायन शुरू हो गया है.

    Tags: Afghanistan Crisis, Angela Merkel, G-7 Meeting on Afghanistan, Narendra modi, PM Modi, Taliban, Vladimir Putin

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