जवानों के साथ दिवाली मनाने पहुंचे PM मोदी, बोले- भारत को आजमाया गया तो मिलेगा 'प्रचंड जवाब' | 10 खास बातें

2014 से प्रधानमंत्री हर साल उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, जम्मू कश्मीर के अग्रिम इलाकों में सैनिकों के साथ समय गुजारते हुए दीपावली मनाते रहे हैं.
2014 से प्रधानमंत्री हर साल उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, जम्मू कश्मीर के अग्रिम इलाकों में सैनिकों के साथ समय गुजारते हुए दीपावली मनाते रहे हैं.

PM Modi Celebrate diwali with troops: अग्रिम चौकी पर जवानों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने नाम लिये बगैर चीन पर निशाना साधा और कहा कि आज पूरा विश्व ‘‘विस्तारवादी’’ ताकतों से परेशान हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 14, 2020, 5:26 PM IST
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लोंगेवाला. भारत के दुश्मनों को स्पष्ट संदेश देते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने शनिवार को कहा कि अगर भारत को आजमाया गया तो प्रचंड जवाब दिया जायेगा. पीएम मोदी 2014 में पदभार संभालने के बाद से ही हर दिवाली जवानों के साथ मनाते आये हैं. इस बार वह जवानों के साथ दिवाली मनाने के लिए लोंगेवाला चौकी आए.

अग्रिम चौकी पर जवानों को संबोधित करते हुए मोदी ने नाम लिये बगैर चीन पर निशाना साधा और कहा कि आज पूरा विश्व ‘‘विस्तारवादी’’ ताकतों से परेशान हैं. विस्तारवाद, एक तरह से ‘‘मानसिक विकृति’’ है और 18वीं शताब्दी की सोच को दर्शाती है. उन्होंने कहा कि इस सोच के खिलाफ भी भारत प्रखर आवाज बन रहा है. पढ़िए उनके संबोधन की 10 खास बातें...
प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान पर भी निशाना साधते हुए कहा कि आज भारत आतंकियों और उनके आकाओं को उनके घर में घुसकर मारता है. इसे पड़ोसी देश में आतंकवादी शिविरों के खिलाफ हवाई और सर्जिकल स्ट्राइल के संदर्भ में देखा जा रहा है.
उन्होंने कहा, ‘‘दुनिया की कोई भी ताकत हमारे वीर जवानों को देश की सीमा की सुरक्षा करने से रोक नहीं सकती है. आज दुनिया ये जान रही है, समझ रही है कि यह देश अपने हितों से किसी भी कीमत पर रत्ती भर भी समझौता करने वाला नहीं है.’’
पीएम मोदी ने कहा कि भारत दूसरों को समझने और उनके साथ आपसी समझ बनाने की नीति में विश्वास करता है लेकिन अगर उसे आजमाने की कोशिश की जाती है, तो इसका प्रचंड जवाब दिया जायेगा. उन्होंने कहा कि उसे चुनौती देने वालों को करारा जवाब देने के लिए भारत में ताकत और राजनीतिक इच्छाशक्ति है.
प्रधानमंत्री ने मजबूत क्षमता होने के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि भले ही अंतरराष्ट्रीय सहयोग कितना ही आगे क्यों न बढ़ गया हो, समीकरण कितने ही बदल क्यों न गए हों, लेकिन हम कभी नहीं भूल सकते कि सतर्कता ही सुरक्षा की राह है, सजगता ही सुख-चैन का संबल है और सक्षमता से ही शांति का पुरस्कार है.
उन्होंने कहा, ‘‘दुनिया का इतिहास हमें ये बताता है कि केवल वही राष्ट्र सुरक्षित रहे हैं, वही राष्ट्र आगे बढ़े हैं जिनके भीतर आक्रांताओं का मुकाबला करने की क्षमता थी.’’ उन्होंने जवानों से कहा , ‘‘आपके इसी शौर्य को नमन करते हुये आज भारत के 130 करोड़ देशवासी आपके साथ मजबूती से खड़े हैं. आज हर भारतवासी को अपने सैनिकों की ताकत और शौर्य पर गर्व है. उन्हें आपकी अपराजेयता पर गर्व है.’’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सैनिकों के बीच आने के बाद ही उनकी दिवाली पूरी होती है. उन्होंने कहा, ‘‘मैं दिवाली पर खुद को आप से दूर नहीं रख सकता, इसीलिए मैं यहां आपके साथ हूं.’’
उन्होंने कहा, ‘‘जितना अधिक समय मैं आपके साथ बिताता हूं, देश की सेवा और रक्षा करने का मेरा संकल्प उतना मजबूत होता है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘आपका बलिदान देश को अनुशासन और सेवा की भावना सिखाता है.’’
पीएम मोदी ने जवानों से कहा, ‘‘आज के दिन मैं आपसे तीन आग्रह करना चाहता हूं. पहला कुछ न कुछ नवीन (इनोवेट) करने की आदत को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाइए. दूसरा योग को अपने जीवन का हिस्सा बनाए रखिए. तीसरा अपनी मातृभाषा, हिंदी और अंग्रेजी के अलावा, कम से कम एक भाषा जरूर सीखिए. आप देखिएगा, ये बातें आपमें एक नयी ऊर्जा का संचार करेंगी.’’
प्रधानमंत्री ने अपनी सरकार के आत्मनिर्भरता और ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि हाल ही में हमारी सेनाओं ने निर्णय लिया है कि वे 100 से ज्यादा हथियारों और साजो-सामान को विदेश से नहीं मंगवाएगी जो कि सराहनीय है. लोंगेवाला की शानदार लड़ाई को याद करते हुए, उन्होंने कहा कि इसे रणनीतिक योजना और सैन्य वीरता के उद्घोषों में हमेशा याद किया जाएगा.
इस मौके पर उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ 1971 के युद्ध में ब्रिगेडियर कुलदीप सिंह चांदपुरी के पराक्रम को सलाम किया. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के खिलाफ 1971 का युद्ध थल सेना, नौसेना और वायुसेना के बीच अनुकरणीय समन्वय का उदाहरण था. भारत ने 1971 के युद्ध में पाकिस्तान को पराजित कर दिया था. मोदी 2014 में उनकी सरकार के सत्ता में आने के बाद से ही हर दिवाली अग्रिम चौकियों पर जाते हैं. पिछले साल वह राजौरी गये थे, 2018 में उत्तराखंड और 2017 में गुरेज गये थे.
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