प्रणब मुखर्जी के निधन पर PM मोदी ने जताया शोक, कहा- राष्ट्र के विकास पथ पर उन्होंने छोड़ी अमिट छाप

प्रणब मुखर्जी के निधन पर PM मोदी ने जताया शोक, कहा- राष्ट्र के विकास पथ पर उन्होंने छोड़ी अमिट छाप
पीएम मोदी ने प्रबण मुखर्जी के निधन पर शोक जताया है (फाइल फोटो)

प्रणब मुखर्जी के बेटे अभिजीत मुखर्जी (Abhijit Mukherjee) ने ट्वीट कर पूर्व राष्ट्रपति (Former President) के निधन की पुष्टि की. प्रणब मुखर्जी लंबे समय से बीमार चल रहे थे. कुछ हफ्तों पहले उनके मस्तिष्क का ऑपरेशन (Brain Surgery) किया गया था.

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  • Last Updated: August 31, 2020, 7:43 PM IST
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नई दिल्ली. पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी (Pranab Mukherjee) का सोमवार को 84 साल की उम्र में दिल्ली में सेना के आरआर अस्पताल में निधन हो गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने पूर्व राष्ट्रपति (Former President) के निधन पर शोक व्यक्त किया है. PM मोदी ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निधन पर कहा, "भारत रत्न (Bharat Ratna) प्रणब मुखर्जी के निधन से भारत शोक में है. उन्होंने हमारे राष्ट्र के विकास के पथ (development trajectory of our nation) पर एक अमिट छाप छोड़ी है. एक उत्कृष्ट विद्वान व्यक्ति, एक विशाल राजनेता, राजनीति के सभी हलकों और वर्गों में उनकी प्रशंसा की जाती थी."

प्रणब मुखर्जी के बेटे अभिजीत मुखर्जी (Abhijit Mukherjee) ने ट्वीट कर पूर्व राष्ट्रपति (Former President) के निधन की पुष्टि की. प्रणब मुखर्जी लंबे समय से बीमार चल रहे थे. कुछ हफ्तों पहले उनके मस्तिष्क का ऑपरेशन (Brain Surgery) किया गया था. उन्हें कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण भी था. उनके फेफड़ों (Lungs) में इंफेक्शन की पुष्टि भी हुई थी. फेफड़ों में इंफेक्शन के बाद से ही उनकी हालात बिगड़ती जा रही थी.

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2012 में बने थे देश के राष्ट्रपति
प्रणब मुखर्जी ने जुलाई 2012 में भारत के 13वें राष्ट्रपति के तौर पर शपथ ली थी. वह 25 जुलाई 2017 तक इस पद पर रहे थे. प्रणब मुखर्जी को 26 जनवरी 2019 में भारत रत्न (Bharat Ratna) से सम्मानित किया गया था. प्रणब मुखर्जी ने कलकत्ता विश्वविद्यालय (Calcutta University) से इतिहास और राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर के साथ-साथ कानून की डिग्री हासिल की थी. वे एक वकील और कॉलेज प्राध्यापक भी रहे और उन्हें मानद डी. लिट उपाधि भी दी गई. मुखर्जी ने पहले एक कॉलेज प्राध्यापक के रूप में और बाद में एक पत्रकार के रूप में अपना करियर शुरू किया. 11 दिसंबर 1935, को पश्चिम बंगाल (West Bengal) के वीरभूम जिले में प्रणब मुखर्जी का जन्म हुआ था. उनके पिता 1920 से ही कांग्रेस पार्टी में सक्रिय थे. मुखर्जी के पिता एक सम्मानित स्वतन्त्रता सेनानी थे, जिन्होंने ब्रिटिश शासन की मुखालफत के परिणामस्वरूप 10 वर्षो से अधिक जेल की सजा भी काटी थी.
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