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PM Modi in West Bengal: पीएम मोदी का ममता पर हमला- देश के खिलाफ बोलने पर दीदी को गुस्‍सा नहीं आता

हल्दिया की रैली में पीएम मोदी ने ममता बनर्जी पर भी निशाना साधा.
हल्दिया की रैली में पीएम मोदी ने ममता बनर्जी पर भी निशाना साधा.

PM Modi in West Bengal: पीएम मोदी ने कहा,' एक ग्लेशियर टूटने की वजह से वहां नदी का जल स्तर बढ़ गया. नुकसान की खबरें धीरे धीरे आ रही हैं. मैं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री, भारत सरकार के गृहमंत्री और NDRF के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हूं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 7, 2021, 6:19 PM IST
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कोलकाता. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) आज पश्चिम बंगाल दौरे पर हैं. इस दौरान हल्दिया में जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने उत्‍तराखंड की घटना का भी जिक्र किया. उन्‍होंने कहा, 'उत्तराखंड में ऐसे परिवार मुश्किल से मिलते हैं जिनका कोई न कोई सदस्य फौज में न हो. यानि वहां के लोगों का हौसला, किसी भी आपदा को मात दे सकता है. वहां के लोगों के लिए मैं प्रार्थना कर रहा हूं, बंगाल प्रार्थना कर रहा है, देश प्रार्थना कर रहा है.'

पीएम मोदी ने कहा,' एक ग्लेशियर टूटने की वजह से वहां नदी का जल स्तर बढ़ गया. नुकसान की खबरें धीरे धीरे आ रही हैं. मैं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री, भारत सरकार के गृहमंत्री और NDRF के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हूं. आज हम मां गंगा के एक छोर पर हैं. लेकिन जो मां गंगा का उद्गम स्थल है, वो राज्य उत्तराखंड इस समय एक आपदा के सामना कर रहा है.'





PM मोदी के भाषण के प्रमुख बिंदु:-
- आज जिन 4 प्रोजेक्ट्स का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया है, उनसे पश्चिम बंगाल सहित पूर्वी भारत के अनेक राज्यों में इज ऑफ लिविंग और इज ऑफ डूइंग बिजनेस दोनों बेहतर होंगे. विशेष तौर पर इस पूरे क्षेत्र की गैस कनेक्टिविटी को सशक्त करने वाले बड़े प्रोजेक्ट्स आज राष्ट्र को समर्पित किये गए हैं. गैस आधारित अर्थव्यवस्था आज भारत की जरूरत है. वन नेशन-वन गैस ग्रिड इसी जरूरत को पूरा करने का एक महत्वपूर्ण अभियान है.

- आज पश्चिम बंगाल सहित समूचे पूर्वी भारत के लिए बड़ा महत्वपूर्ण अवसर है. पूर्वी भारत की कनेक्टिविटी और स्वच्छ ईंधन के मामले में आत्मनिर्भरता के लिए आज बहुत बड़ा दिन है.

- बंगाल की धरती के गौरव के लिए भाजपा के प्रत्येक कार्यकर्ता का त्याग, उनकी तपस्या, उनके बलिदान ने समूचे बंगाल को ये ऐहसास करा दिया है कि इस बार 'पोरिबोर्तोन' होकर रहेगा.

- पीएम मोदी ने कहा क‍ि बंगाल फुटबाल से प्यार करने वाला राज्य है. फुटबाल की भाषा में कहना चाहता हूं, TMC ने एक बाद एक कई फाउल कर लिए हैं. Misgovernance का फाउल. विरोधियों पर हमले और हिंसा का फाउल. बंगाल के लोगों का पैसा लूटने का फाउल. आस्था पर हो रहे हमलों का फाउल.

- पश्चिम बंगाल के लोगों को अब भी इसके लागू होने का इंतजार है. इसका सबसे बड़ा नुकसान दूसरे राज्यों में काम कर रहे पश्चिम बंगाल के गरीब मजदूरों का हो रहा है.

- 7वां वेतन आयोग भी देश के कितने ही राज्यों में लागू हो चुका है, लेकिन पश्चिम बंगाल में ये अभी तक लागू नहीं हो पाया है.

- बंगाल के मेरे किसान भाइयों को विश्वास देने आया हूं, इस चुनाव के बाद भाजपा की सरकार बनाना आपने तय कर लिया है. बंगाल में भाजपा सरकार बनने के बाद पहली कैबिनेट मीटिंग में भारत सरकार की किसानों की जो योजना है उसको तेज गति से लागू करने का निर्णय किया जाएगा.

- इतना ही नहीं, मैं बंगाल के किसानों को वादा करता हूं कि देश के और किसानों को जो लाभ मिला है आपको जिस लाभ से वंचित रखा गया है, वो पुराने पैसे भी भारत सरकार बंगाल के किसानों को देगी.

- राज्य सरकार द्वारा खड़ी की गई तमाम अड़चनों के बावजूद, केंद्र सरकार बंगाल के लोगों के विकास के लिए पूरा प्रयास कर रही है. हाईवे, फ्लाइओवर हों, रेल नेटवर्क हो, एयरपोर्ट हों, पोर्ट हों, जलमार्ग हों, इंटरनेट की सुविधा हो, इन सभी पर केंद्र सरकार एक बड़ी राशि खर्च कर रही है.

- पश्चिम बंगाल का विकास तेज गति से करने के लिए यहां भी डबल इंजन की सरकार आवश्यक है. करप्शन और टोलाबाज़ी तब हटेगी, जब यहां 'आसोल पोरिबोर्तोन' आएगा, जब यहां भाजपा की सरकार बनेगी.

- ये पॉरिबॉर्तन क्या होता है, ये पड़ोस में त्रिपुरा में हम अनुभव कर रहे हैं.
वहां भी पश्चिम बंगाल की ही तरह सालों तक लेफ्ट के शासन ने बर्बादी फैलाई. त्रिपुरा के लोगों ने लेफ्ट को हटाकर भाजपा पर भरोसा किया.

- किसानों के पास सीधे पैसे जाएं, इससे यहां की सरकार को कितनी दिक्कत है, ये सिर्फ एक आंकड़े से समझ आता है. बंगाल के लाखों किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ मिल सकता है. अब जब पश्चिम बंगाल के किसानों ने ममता दीदी को सबक सिखाने का मन बना लिया है, तो सिर्फ कहने के लिए कुछ दिन पहले राज्य सरकार ने बेमन से इस योजना से जुड़ने की सहमति दे दी है.

- इसमें से 25 लाख से ज्यादा किसानों ने TMC सरकार के पास इस सुविधा का लाभ लेने के लिए अप्लाई किया हुआ है. बंगाल में ऐसी सरकार है जिसने सिर्फ 6 हजार किसानों के नाम तय कर पाई है. सोचिए, सिर्फ 6 हजार किसान.  इसमें पश्चिम बंगाल के भी लाखों किसान परिवार हो सकते थे.

- कोरोना के दौरान देशभर के किसानों के बैंक खाते में पीएम सम्मान निधि के तहत हजारों करोड़ रुपये जमा किए गए. अभी तक इस योजना के तहत देश के 10 करोड़ से अधिक छोटे किसान परिवारों के बैंक खाते में 1 लाख 15 हजार करोड़ रुपये जमा किए जा चुके हैं.

- पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना महामारी के समय में केंद्र सरकार ने तुरंत पश्चिम बंगाल के लाखों परिवारों के लिए मुफ्त राशन की व्यवस्था की. लेकिन केंद्र सरकार के भेजे राशन को भी यहां की सरकार सही तरीके से गरीबों तक पहुंचाने में असफल रही. हालात ये थी कि कोर्ट तक को इस पर सख्त टिप्पणी करनी पड़ी. आप कोरोना के दौरान आए संकट को भी याद करिए. पूरी दुनिया में ऐसा कोई नहीं था जो इससे प्रभावित नहीं हुआ हो, जिसकी रोजी-रोटी पर इसका असर न पड़ा हो.

- पीएम मोदी ने कहा कि ये वो सरकार है जो आपदा में भी भ्रष्टाचार के अवसर खोज लेती है. इससे बड़ा अपराध और क्या हो सकता है? इतना बड़ा चक्रवात आया, इतना कुछ तबाह हो गया. लोगों की मदद के लिए केंद्र सरकार ने जो पैसे भेजे उसका इन लोगों ने क्या किया, ये पश्चिम बंगाल के लोग भली-भांति जानते हैं. अनेकों ऐसे हैं जिन्हें देश के लोगों ने दशकों तक सेवा का मौका दिया, वो भी या तो चुप हैं या इन षड्यंत्रों का समर्थन कर रहे हैं. लेकिन इस षड्यंत्रकारियों से मैं कहना चाहता हूं कि देश इन षडयंत्रों का पूरी ताकत से जवाब देगा. लेकिन क्या आपने भारत के खिलाफ इस षड्यंत्रों और साजिशों पर दीदी के मुंह से एक भी वाक्य सुना है क्या? लेकिन बंगाल तृणमूल से ये पूछना चाहता है- जिन पुलिस वालों ने नंदीग्राम में गोलियां चलाई थीं, जिन्होंने गरीबों का खून बहाया, आप उन्हीं को पार्टी में क्यों शामिल कर रहे हैं? बंगाल पूछना चाहता है- क्या बंगाल का गरीब क्या केवल वोट लेने के लिए ही है?

- अभी कुछ दिन पहले ही, मारीचझापी नरसंहार की दु:खद बरसी थी. देश इस घटना को, गरीबों और दलितों के इस नरसंहार को कभी नहीं भूलेगा: पीएम मोदी

- पीएम मोदी ने कहा कि मां, माटी मानुष की बात करने वालों में आज भारत माता के लिए आवाज बुलंद करने का साहस नहीं है. साहस इसलिए नहीं है क्योंकि, इतने सालों में इन लोगों ने राजनीति का अपराधिकरण किया है. करप्शन को संस्थागत रूप दिया है और प्रशासन और पुलिस का राजनीतिकरण किया है.

- अभी आपने न्यूज़ में देखा होगा कि इन दिनों भारत को बदनाम करने के लिए कैसे कैसे अंतरराष्ट्रीय षड्यंत्र सामने आ रहे हैं, कैसी कैसी अंतरराष्ट्रीय साज़िशें हो रही हैं: पीएम मोदी

- पीएम मोदी ने कहा, 'बंगाल में आप दीदी से अपने अधिकार की बात पूछ देंगे तो वो नाराज हो जाती हैं. यहां तक कि भारत माता की जय के नारे लगा दो, तो भी वो नाराज हो जाती हैं. लेकिन देश के खिलाफ बोलने वाले कितना भी जहर उगल दें, दीदी को गुस्सा नहीं आता.'

- साजिश करने वालों की बेचैनी इतनी ज्यादा है कि भारत को बदनाम करने के लिए वो चाय से जुड़ी भारत की पहचान पर हमला करने की बात कह रहे हैं. टी वर्कर्स की कड़ी मेहनत पर हमला करने का षड्यंत्र किया जा रहा है: पीएम मोदी

- योग जैसी भारत की विरासत, जिसे महर्षि अरबिंदो और विवेकानंद जैसे महापुरुषों ने निःस्वार्थ भाव से दुनिया तक पहुंचाया, उस योग पर हमला किया जा रहा है: पीएम मोदी

- पीएम मोदी ने कहा कि ममता सरकार के पहले साल में ही ये साफ हो गया कि, बंगाल को जो मिला है वो परिवर्तन नहीं, लेफ्ट का पुनर्जीवन है. वो भी सूद समेत. लेफ्ट का पुनर्जीवन यानी. भ्रष्टाचार का पुनर्जीवन. अपराध और अपराधियों का पुनर्जीवन. हिंसा का पुनर्जीवन. लोकतन्त्र पर हमलों का पुनर्जीवन. इससे पश्चिम बंगाल में गरीबी का दायरा और बढ़ता गया.

- पीएम मोदी ने कहा कि 2011 में पूरे देश की नजरें बंगाल पर थीं. लेफ्ट की हिंसा और भ्रष्टाचार का जर्जर किला ढहने की कगार पर था. उस समय ममता दीदी ने बंगाल से परिवर्तन का वादा किया. उनके इस वादे ने पूरे देश का ध्यान खींचा, लोगों ने भरोसा किया. बंगाल को आस थी ममता की लेकिन उसे निर्ममता मिली.

- पहले कांग्रेस ने शासन किया, तो भ्रष्टाचार का बोलबाला रहा. फिर लेफ्ट का शासन लंबे समय तक रहा, उन्होंने भ्रष्टाचार, अत्याचार बढ़ाने के साथ ही विकास पर ही ब्रेक लगा दिया.

- उस बड़े स्टील प्लांट का क्या हुआ जो यहां की अराजक व्यवस्थाओं के कारण शुरु ही नहीं हो सका?

- पश्चिम बंगाल की इस स्थिति का सबसे बड़ा कारण है यहां की राजनीति. आजादी के बाद जब पश्चिम बंगाल के विकास को नई दिशा देने की जरूरत थी तब यहां विकास वाली राजनीति नहीं हो पाई.

- बंगाल पहले से जितना आगे था, अगर बीते दशकों में उसकी वो गति और बढ़ी होती, तो आज बंगाल कहां से कहां पहुंच गया होता.

- आज यहां जितने भी उद्योग हैं, जितना भी कारोबार है, जितना भी इंफ्रास्ट्रक्चर है, वो बदलाव चाहते हैं, आधुनिकता चाहते हैं. लेकिन आप सोचिए, बीते 10 सालों में यहां की सरकार ने कितनी फैक्ट्रियों का शिलान्यास या उद्घाटन किया?

- इसके अलावा खड़गपुर से विजयवाड़ा के लिए नए फ्रेट कॉरिडोर की भी घोषणा की गई है. पश्चिम बंगाल में रेलवे पर भी पिछले साल की तुलना में 25% से ज्यादा खर्च किया जाएगा.

- केंद्र सरकार इस साल भी हजारों करोड़ रुपये पश्चिम बंगाल में नेशनल हाईवे बनाने में लगाने वाली है. पश्चिम बंगाल को पंजाब से जोड़ने वाला पूर्वी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बहुत जल्दी बनकर तैयार होने वाला है.

- पश्चिम बंगाल पर प्रधानमंत्री ने कहा, 'पिछली बार मैं नेताजी सुभाष चंद्र बोस जी की जन्म जयंती पर बंगाल आया था. आज हल्दिया सहित पश्चिम बंगाल के विकास से जुड़ी करीब 5,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास करने के लिए आपके बीच आया हूं.' उन्‍होंने कहा कि पश्चिम बंगाल का विकास और यहां आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण केंद्र सरकार की निरंतर प्राथमिकता रही है. कोलकाता में साढ़े 8 हज़ार करोड़ रुपए की लागत से मेट्रो प्रोजेक्ट पर तेज़ी से काम चल रहा है. इस बार के बजट में केंद्र सरकार ने इस अभियान को और विस्तार दिया है.

- इस साल के बजट में चाय बगानों से जुड़े लाखों साथियों पर भी विशेष ध्यान दिया गया है. इनके लिए 1,000 करोड़ रु के पैकेज की व्यवस्था की गई है. इस पैकेज का बहुत बड़ा लाभ पश्चिम बंगाल के चाय बगान से जुड़े साथियों को, विशेषतौर पर हमारी बहनों को मिलेगा.
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