पीएम मोदी का मंत्रियों को निर्देश- सुबह 9:30 तक पहुंचे ऑफिस, घर से काम नहीं होगा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समय पर ऑफिस पहुंचने पर जोर देते हुए कहा कि सभी मंत्री वक्त पर दफ्तर पहुंचें और कुछ मिनट का वक्त निकालकर अधिकारियों के साथ मंत्रालय के कामकाज की जानकारी लें.

News18Hindi
Updated: June 13, 2019, 12:29 PM IST
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Updated: June 13, 2019, 12:29 PM IST
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को मंत्रिपरिषद की बैठक में सभी मंत्रियों से कहा कि वे घर से काम करने से बचें और समय पर ऑफिस पहुंचकर लोगों के लिए उदाहरण पेश करें. बैठक के बाद सूत्रों ने बताया कि नई सरकार के मंत्रिपरिषद की पहली बैठक में प्रधानमंत्री ने वरिष्ठ मंत्रियों से कहा कि वे नए मंत्रियों को साथ लेकर चलें. प्रधानमंत्री ने राज्य मंत्रियों को बड़ी भूमिका देने की बात करते हुए कहा कि कैबिनेट मंत्रियों को उनके साथ महत्वपूर्ण फाइलें साझा करनी चाहिए. इससे उत्पादकता बढ़ेगी. सूत्रों के अनुसार पीएम मोदी ने कहा कि फाइलों को तेजी से निपटाने के लिए कैबिनेट मंत्री और उनके सहायक मंत्री साथ बैठकर प्रस्तावों को मंजूरी दे सकते हैं.





समय पर ऑफिस पहुंचे मंत्री
पीएम मोदी ने समय पर ऑफिस पहुंचने पर जोर देते हुए कहा कि सभी मंत्री वक्त पर दफ्तर पहुंचें और कुछ मिनट का वक्त निकालकर अधिकारियों के साथ मंत्रालय के कामकाज की जानकारी लें. उन्होंने कहा कि मंत्रियों को दफ्तर आना चाहिए और घर से काम करने से बचना चाहिए. साथ ही उन्हें पार्टी सांसदों और जनता से भी मिलते रहना चाहिए. उन्होंने कहा कि वे लोग अपने-अपने राज्य के सांसदों के साथ मुलाकात के जरिए यह सिलसिला शुरू कर सकते हैं. पीएम मोदी ने इस पर भी जोर दिया कि एक मंत्री और सांसद में बहुत फर्क नहीं है.



प्रत्येक मंत्रालय की पंचवर्षीय योजना पर बात
पीएम मोदी ने प्रत्येक मंत्रालय की पंचवर्षीय योजना पर भी बात की. बैठक के दौरान कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने सोमवार से शुरू हो रहे संसद सत्र के अधिकतम उपयोग पर प्रस्तुतिकरण दिया. तोमर पिछली सरकार में संसदीय कार्य मंत्री थे. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केन्द्रीय बजट पर सलाह के लिए प्रजेंटेशन दिया. बजट पांच जुलाई को पेश होना है. सूत्रों ने बताया कि रेल मंत्री पीयूष गोयल ने केन्द्र सरकार के प्रत्येक मंत्रालय के लिए पंचवर्षीय दृष्टिपत्र पर प्रजेंटेशन दिया.
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बता दें कि मोदी की पिछली सरकार में भी मंत्रिपरिषद की बैठकें लगातार होती रहती थीं. वह सभी मंत्रियों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं और उनके बारे में जनता को जागरूक करने के तरीके समझाते थे.

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