बेंगलुरु टेक समिट का पीएम मोदी ने किया उद्घाटन, कहा- डिजिटल इंडिया लोगों की जीवनशैली बना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यक्रम को किया वर्चुअली संबोधित. (File Photo)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यक्रम को किया वर्चुअली संबोधित. (File Photo)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने कहा कि डिजिटल इंडिया (Digital India) की वजह से आज देश में मानव केंद्रित विकास हो रहा है. इतने बड़े स्तर पर इसके इस्तेमाल ने नागरिकों के जीवन में कई बदलाव किए हैं और इससे मिल रहे फायदे से हर कोई वाकिफ है.

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बेंगलुरु. तीन दिनों तक चलने वाले ‘बेंगलुरु टेक समिट-2020’ (Bengaluru Tech Summit) का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्घाटन किया. इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि उनकी सरकार का मॉडल 'टेक्निकल फर्स्ट’ है जिसका इस्तेमाल लोगों के जीवन में बहुत बदलाव लेकर आया है और इसके जरिए लोगों की गरिमा में वृद्धि हुई है. ‘बेंगलुरु टेक समिट’ में ऑस्‍ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्‍कॉट मॉरिसन, स्विस कॉन्‍फेडरेशन के उपाध्‍यक्ष गाई पार‍मेलिन और कई अन्‍य बड़ी हस्तियां भाग लेंगी. इस कार्यक्रम में दुनियाभर में टेक्निकल एक्सपर्ट, शोधकर्ताओं समेत कई लोग शामिल होंगे.

वीडियो कांफ्रेंस के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने को कहा कि केंद्र सरकार का ‘डिजिटल इंडिया’ कार्यक्रम आज लोगों की जीवनशैली बन गया है, खासकर उन लोगों की जो गरीब हैं, हाशिए पर हैं तथा जो सरकार में हैं. मोदी ने कहा, ‘पांच साल पहले हमने डिजिटल इंडिया की शुरुआत की थी. मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि इसे सरकार की किसी सामान्य पहल की तरह नहीं देखा जा रहा है. डिजिटल इंडिया जीवनशैली बन गया है, खासकर उन लोगों की जो गरीब और हाशिए पर हैं तथा जो सरकार में हैं.’

प्रधानमंत्री ने कहा कि डिजिटल इंडिया की वजह से आज देश में मानव केंद्रित विकास हो रहा है. इतने बड़े स्तर पर इसके इस्तेमाल ने नागरिकों के जीवन में कई बदलाव किए हैं और इससे मिल रहे फायदे से हर कोई वाकिफ है. उन्होंने कहा, ‘प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल से मानव गरिमा में वृद्धि हुई है. आज करोड़ों किसानों को सिर्फ एक क्लिक के जरिए आर्थिक मदद पहुंचती है. जब देश में लॉकडाउन (Lockdown) चरम पर था तब वह प्रौद्योगिकी ही थी जिसने भारत के गरीबों को मदद सुनिश्चित की.'



उन्होंने कहा कि भारत ने सूचना के इस युग में विलक्षण ढंग से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है. उन्होंने कहा, ‘आज हमारे पास सर्वश्रेष्ठ दिमाग के साथ बड़ा बाजार भी है. हमारे प्रौद्योगिकी जगत के पास वैश्विक होने की क्षमता भी है. अब समय है कि भारत के प्रौद्योगिकी समाधानों को विश्व में ले जाएं.’

तीन दिनों के इस सम्मेलन का आयोजन कर्नाटक सरकार ने कर्नाटक नवाचार एवं प्रौद्योगिकी सोसाइटी (केआईटीएस), कर्नाटक सरकार के इन्‍फॉर्मेशन टेक्‍नोलॉजी संबंधी विजन ग्रुप, बायोटेक्‍नोलॉजी एंड स्‍टार्टअप, सॉफ्टवेयर टेक्‍नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) और एमएम एक्टिव साइंस टेक कम्‍युनिकेशंस के सहयोग से किया है. इस वर्ष सम्‍मेलन का मुख्‍य विषय ‘नेक्‍स्‍ट इज नाओ’ है. इसके तहत कोविड-19 महामारी के बाद के विश्‍व में उभरती मुख्‍य चुनौतियां और ‘सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स’ तथा बायोटेक्‍नोलॉजी के क्षेत्र में प्रमुख टेक्निकल और इनोवेटिव तकनीकों के प्रभाव पर मुख्‍य रूप से चर्चा होगी.
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