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पीएम मोदी बोले- आज हमारी सफलता से दुनिया चकित, पूरा विश्व हमें सम्मान दे रहा है

News18Hindi
Updated: October 2, 2019, 10:13 PM IST
पीएम मोदी बोले- आज हमारी सफलता से दुनिया चकित, पूरा विश्व हमें सम्मान दे रहा है
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) की 150वीं जयंती पर अहमदाबाद (Ahmedabad) पहुंचे हैं. यहां उन्होंने कहा कि 5 वर्ष पहले जब लालकिले से मैंने स्वच्छ भारत के लिए देशवासियों को पुकारा था, तब हमारे पास सिर्फ जन विश्वास था और बापू का अमर संदेश था. बापू कहते थे कि दुनिया में जो बदलाव आप देखना चाहते हैं, पहले वो स्वयं में लाना होगा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) की 150वीं जयंती पर अहमदाबाद (Ahmedabad) पहुंचे हैं. यहां उन्होंने कहा कि 5 वर्ष पहले जब लालकिले से मैंने स्वच्छ भारत के लिए देशवासियों को पुकारा था, तब हमारे पास सिर्फ जन विश्वास था और बापू का अमर संदेश था. बापू कहते थे कि दुनिया में जो बदलाव आप देखना चाहते हैं, पहले वो स्वयं में लाना होगा

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  • Last Updated: October 2, 2019, 10:13 PM IST
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अहमदाबाद. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) की 150वीं जयंती पर बुधवार शाम अहमदाबाद (Ahmedabad) पहुंचे. यहां पहुंचने पर पीएम का भव्य स्वागत किया गया, जिसके बाद पीएम मोदी ने वहां मौजूद लोगों को संबोधित किया. इसके बाद पीएम मोदी बापू को श्रद्धांजलि देने के लिए साबरमती आश्रम (Sabarmati Ashram) पहुंचे. अब पीएम मोदी साबरमती रिवर फ्रंट (Sabarmati River Front) पर लोगों को संबोधित किया.

20,000 सरपंचों की मौजदूगी में हुए इस कार्यक्रम में सत्याग्रह से स्वच्छाग्रह तक' शीर्षक के गाने को लॉन्च किया गया. इस गाने में अमिताभ बच्चन, सचिन तेंदुलकर से लेकर क्रिकेट, मनोरंजन, आध्यात्म और सामाजिक कार्यों से जुड़ी तमाम हस्तियों में दिखाई देंगे. पीएम मोदी के भाषण से पहले गुजरात के सीएम विजय रूपाणी स्वागत संबोधन दिया.

विजय रूपाणी ने कहा आजादी के 60 साल बाद देश को ऐसा प्रधानमंत्री मिला जिसने बापू के सपने को साकार किया. आजादी के कई साल बाद देश के खुले शौचालय के कलंक को पीएम मोदी ने दूर किया है. उन्होंने कहा कि देश आज खुले में शौच मुक्त हो गया है.



इस कार्यक्रम में स्वतंत्र इतिहास में पहली बार छह अष्टकोणीय डाक टिकट जारी की गईं. इन डाक टिकटों में बापू के जीवन दर्शन और विचारों को दिखाया गया है. इस कार्यक्रम में पीएम मोदी ने विभिन्न विजेताओं के स्वच्छा से जुड़े उनके कार्य और प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार भी दिए.



सरपंचों को किया नमन
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पीएम मोदी ने कहा मैं आज अपनी बात अपनी बात शुरू करने से पहले यहां उपस्थित सरपंचों के माध्यम से, देश के सरपंचों, महापालिका, नगर पालिका के बंधुगणों आप सबने 5 साल से जिस समर्पण भाव से पूज्य बापू का सपना साकार किया है उसके लिए मैं आपको आदर पूर्वक नमन करना चाहता हूं.

उन्होंने कहा साबरमती के इस पावन तट से राष्ट्रपति महात्मा गांधी और सादगी और सदाचार के प्रतीक लाल बहादुर शास्त्री को नमन करता हूं. पीएम ने कहा बापू की जयंती का उत्सव पूरी दुनिया मना रही है. कुछ दिन पहले संयुक्त राष्ट्र ने डाक टिकट जारी कर इस अवसर को यादगार बनाया आज यहां भी डाक टिकट और सिक्का जारी किया गया.



'आज मुझे साबरमती आश्रम जाकर नई ऊर्जा मिली'
इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि अपने जीवनकाल में मुझे साबरमती आश्रम जाने का अवसर मिला, आज मुझे वहां एक नई ऊर्जा मिली, साबरमती में ही उन्होंने सत्याग्रह और स्वच्छाग्रह को व्यापक रूप दिया था. पीएम ने कहा जिस तरह देश की आज़ादी के लिए बापू के एक आह्वान पर लाखों भारतवासी सत्याग्रह के रास्ते पर निकल पड़े थे, उसी तरह स्वच्छाग्रह के लिए भी करोड़ों देशवासियों ने खुले दिल से अपना सहयोग दिया.

प्रधानमंत्री ने कहा कि 5 वर्ष पहले जब लालकिले से मैंने स्वच्छ भारत के लिए देशवासियों को पुकारा था, तब हमारे पास सिर्फ जन विश्वास था और बापू का अमर संदेश था. बापू कहते थे कि दुनिया में जो बदलाव आप देखना चाहते हैं, पहले वो स्वयं में लाना होगा. इसी मंत्र पर चलते हुए हम सभी ने झाड़ू उठाई और निकल पड़े.



'शौचालय देश की सोच का अहम हिस्सा'
पीएम मोदी ने कहा बापू कहते थे दुनिया में जो आप बदलाव चाहते हैं वह स्वयं में लाना होगा, इसी प्रेरणा से हम झाड़ू उठाते हुए निकले, उम्र कुछ भी हो, सामाजिक और आर्थिक स्थिति कैसी भी हो, स्वच्छता, गरिमा और सम्मान के इस यज्ञ में हर किसी ने अपना योगदान दिया है. उन्होंने कहा जिस शौचालय की बात करने में कभी झिझक होती थी, वो शौचालय आज देश की सोच का अहम हिस्सा हो गया है.

पीएम मोदी ने कहा आज हमारी सफलता से दुनिया चकित है, पूरा विश्व हमें इसके लिए सम्मान दे रहा है. 60 महीने में 60 करोड़ से अधिक आबादी को टायलेट देना, 11 करोड़ शौचालय का निर्माण, यह सोच कर विश्व अचंभित है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा लेकिन मेरे लिए किसी भी आंकड़े, किसी भी प्रशंसा, किसी भी सम्मान से बड़ा संतोष तब होता है, जब मैं बच्चियों को बिना किसी चिंता के स्कूल जाते देखता हूं. उन्होंने कहा मुझे संतोष इस बात का है कि स्वच्छता की वजह से गरीब का, इलाज पर होने वाला खर्च अब कम हुआ है.मुझे संतोष इस बात का है कि इस अभियान ने ग्राणीण इलाकों, आदिवासी अंचलों में लोगों को रोजगार के नए अवसर दिए, बहनों को भी रानीमिस्त्री बनकर काम करने के मौके दिए.



'जीवन रक्षक सिद्ध हो रहा है स्वच्छ भारत अभियान'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वच्छ भारत अभियान जीवन रक्षक भी सिद्ध हो रहा है और जीवन स्तर को ऊपर उठाने का काम भी कर रहा है.UNICEF के एक अनुमान के अनुसार बीते 5 वर्षों में स्वच्छ भारत अभियान से भारत की अर्थव्वयस्था पर 20 लाख करोड़ रुपये से अधिक का सकारात्मक प्रभाव पड़ा है.

पीएम मोदी ने कहा कि इससे 75 लाख से अधिक रोज़गार के अवसर भारत में बने हैं, जिनमें से अधिकतर गांवों के बहन-भाइयों को मिले हैं. इतना ही नहीं, इससे बच्चों की शिक्षा के स्तर पर, हमारी प्रोडक्टिविटी पर, उद्यमशीलता पर सकारात्मक असर पड़ा है. उन्होंने कहा गांव, गरीब और महिलाओं के स्वावलंबन और सशक्तिकरण को प्रोत्साहित करने वाला ऐसा ही मॉडल तो गांधी जी चाहते थे.यही गांधी जी के स्वराज्य के मूल में था, इसी के लिए उन्होंने अपना जीवन समर्पित कर दिया. लेकिन अब सवाल ये है कि क्या हमने जो हासिल कर लिया है, वो काफी है? इसका जवाब सीधा और स्पष्ट है.आज जो हमने हासिल किया है, वो एक पड़ाव भर है.स्वच्छ भारत के लिए हमारा सफर निरंतर जारी है.

पीएम मोदी अभी हमने शौचालयों का निर्माण किया है, शौचालय के उपयोग की आदत की तरफ लोगों को प्रोत्साहित किया है.अब हमें देश के एक बड़े वर्ग के व्यवहार में आए इस परिवर्तन को स्थायी बनाना है. उन्होंने कहा कि सरकारें हों, स्थानीय प्रशासन हों, ग्राम पंचायतें हों, हमें ये सुनिश्चित करना है कि शौचालयों का उचित उपयोग हो.जो लोग अब भी इससे छूटे हुए हैं, उन्हें भी इस सुविधा से जोड़ना है. सरकार ने अभी जो जल जीवन मिशन शुरू किया है, उससे भी इसे मदद मिलने वाली है. अपने घर में, अपने गांव में, अपनी कॉलॉनी में वॉटर रीचार्ज के लिए, वॉटर रीसाइकलिंग के लिए हम जो भी प्रयास कर सकते हैं, वो करने चाहिए.



'2022 तक देश को करना होगा सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्त'
पीएम मोदी ने कहा कि सरकार ने जल जीवन मिशन पर साढ़े 3 लाख करोड़ रुपए खर्च करने का फैसला किया है, लेकिन देशवासियों की सक्रिय भागीदारी के बिना इस विराट कार्य को पूरा करना मुश्किल है. प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वच्छता, पर्यावरण सुरक्षा और जीव सुरक्षा, ये तीनों विषय गांधी जी के प्रिय थे.
प्लास्टिक इन तीनों के लिए बहुत बड़ा खतरा है. लिहाज़ा साल 2022 तक देश को Single Use Plastic से मुक्त करने का लक्ष्य हमें हासिल करना है

उन्होंने कहा कि बीते तीन हफ्ते में स्वच्छता ही सेवा के माध्यम से पूरे देश ने इस अभियान को बहुत गति दी है. मुझे बताया गया है कि करीब 20 हज़ार टन प्लास्टिक का कचरा इस दौरान इकट्ठा किया गया है, इस दौरान ये भी देखने को मिल रहा है कि प्लास्टिक के Carry Bag का उपयोग बहुत तेज़ी से घट रहा है. मुझे ये भी जानकारी है कि आज देश भर में करोड़ो लोगों ने सिंगल यूज़ प्लास्टिक का उपयोग ना करने का संकल्प लिया है. इससे पर्यावरण का भी भला होगा, हमारे शहरों की सड़कों और सीवेज को ब्लॉक करने वाली बड़ी समस्या का समाधान भी होगा और हमारे पशुधन की, समुद्री जीवन की भी रक्षा होगी.

'दुनिया हमसे सीखना चाहती है'
पीएम मोदी ने कहा कि आज पूरी दुनिया स्वच्छ भारत अभियान के हमारे इस मॉडल से सीखना चाहती है, उसको अपनाना चाहती है.कुछ दिन पहले ही अमेरिका में जब भारत को Global Goalkeepers Award से सम्मानित किया गया तो भारत की कामयाबी से पूरा विश्व परिचित हुआ. उन्होंने कहा मैंने संयुक्त राष्ट्र में भी ये कहा था कि भारत अपने अनुभवों को दूसरे देशों से साझा करने के लिए हमेशा तैयार है.आज नाइजीरिया, इंडोनेशिया और माली सरकार के प्रतिनिधि हमारे बीच में हैं. भारत को आपके साथ स्वच्छता के लिए, Sanitation के लिए सहयोग करते हुए बहुत खुशी होगी.

पीएम मोदी ने कहा गांधी जी ने सत्य, अहिंसा, सत्याग्रह, स्वावलंबन के विचारों से देश को रास्ता दिखाया था. आज हम उसी रास्ते पर चल कर स्वच्छ, स्वस्थ, समृद्ध और सशक्त न्यू इंडिया के निर्माण में लगे हैं. पूज्य बापू स्वच्छता को सर्वोपरि मानते थे. सच्चे साधक के तौर पर देश का ग्रामीण क्षेत्र आज उन्हें स्वच्छ भारत की कार्यांजलि दे रहा है.

पीएम मोदी ने कहा कि गांधी जी सेहत को सच्चा धन मानते थे और चाहते थे कि देश का हर नागरिक स्वस्थ हो. हम योग दिवस, आयुष्मान भारत, फिट इंडिया मूवमेंट के जरिए इस विचार को देश के व्यवहार में लाने का प्रयास कर रहे हैं.

'हर इंसान को मिल रही हर सुविधा'
पीएम मोदी ने कहा गांधी जी का संकल्प था एक ऐसा भारत जहां हर गांव स्वावलंबी हो. हम राष्ट्रीय ग्राम स्वराज माध्यम से इस संकल्प को सिद्धि की तरफ ले जा रहे हैं. गांधी जी समाज में खड़े आखिरी व्यक्ति के लिए हर फैसला लेने की बात करते थे. हमने आज उज्जवला, प्रधानमंत्री आवास योजना, जनधन योजना, सौभाग्य योजना, स्वच्छ भारत जैसी योजनाओं से उनके इस मंत्र को व्यवस्था का हिस्सा बना दिया है.



पीएम मोदी ने कहा कि मैं फिर कह रहा हूं, हमारे इस आंदोलन के मूल में व्यवहार परिवर्तन है. ये परिवर्तन पहले स्वयं से होता है, संवेदना से होता है.यही सीख हमें, गांधी जी और लाल बहादुर शास्त्री के जीवन से मिलती है. देश जब गंभीर खाद्य संकट से जूझ रहा था, तो शास्त्री जी ने देशवासियों से अपनी खाने की आदतों में बदलाव का आह्वान किया, लेकिन शुरुआत अपने परिवार से की.

'बापू के सपनों को कर रहे हैं साकार'
पीएम नरेंद्र मोदी गांधी जी वसुधैव कुटुम्बकम् में विश्वास रखते थे. अब भारत अपनी नई योजनाओं और पर्यावरण के लिए प्रतिबद्धता के माध्यम से दुनिया को कई चुनौतियों से लड़ने में मदद कर रहा है. बापू का सपना आत्मनिर्भर, आत्मविश्वास से भरे भारत का था. आज हम मेक इन इंडिया, स्टार्ट अप इंडिया, स्टैंड अप इंडिया से इन सपनों को साकार करने में लगे हैं.



पूज्य बापू ने तकनीक का इस्तेमाल करते हुए लोगों के जीवन को आसान बनाने की बात की थी. हम आधार, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर डिजिटल इंडिया, भीम एप, डिजी लॉकर के जरिए देशवासियों का जीवन आसान बनाने का प्रयास कर रहे हैं.

राष्ट्रवाद की भावना को लेकर आगे बढ़ रहा है देश
पीएम मोदी ने कहा इसी राष्ट्रवाद की भावना को लेकर आज भारत आगे बढ़ रहा है, बापू के सपनों का भारत, नया भारत बन रहा है. बापू के सपनों का भारत, जो स्वच्छ होगा, पर्यावरण सुरक्षित होगा. बापू के सपनों का भारत, जहां हर व्यक्ति स्वस्थ होगा, फिट होगा. बापू के सपनों का भारत, जहां हर मां, हर बच्चा पोषित होगा. बापू के सपनों का भारत, जहां हर नागरिक सुरक्षित महसूस करेगा. बापू के सपनों का भारत, जो भेदभाव से मुक्त, सद्भाव युक्त होगा. उन्होंने कहा कि  बापू के सपनों का भारत, जो सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास के आदर्श पर चलेगा. बापू के राष्ट्रवाद के ये तमाम तत्व पूरी दुनिया के लिए आदर्श सिद्ध होंगे, प्रेरणा स्रोत बनेंगे.

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि आज से शुरू करके, अगले एक साल तक हमें निरंतर इस दिशा में काम करना है. एक साल काम किया तो फिर, यही हमारे जीवन की दिशा बन जाएगी, यही हमारी जीवनशैली बन जाएगी, यही, एक कृतज्ञ राष्ट्र की बापू को सच्ची श्रद्धांजलि होगी.

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First published: October 2, 2019, 7:50 PM IST
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