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भविष्य के निर्माण पर अनूठी सोंच और लोगों की अकांक्षाओं को पूरा करने का संदेश देता पीएम मोदी का स्वतंत्रता दिवस का भाषण

पीएम मोदी जनता की सरकार बनाने की राह पर हैं. तभी तो अपने नारे में वक पंक्ति औए जोड़ सी है. सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और चौथा सबका प्रयास.

पीएम मोदी जनता की सरकार बनाने की राह पर हैं. तभी तो अपने नारे में वक पंक्ति औए जोड़ सी है. सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और चौथा सबका प्रयास.

पीएम मोदी भारत की कोरोना के खिलाफ जंग पर बोले और खूब बोले. उन्होंने देश की जनता को बताया कि जब वो पहले के टीकाकरण अभिया ...अधिक पढ़ें

नई दिल्ली. लाल किले की प्राचीर से पीएम नरेंद्र मोदी ने 8वीं बार स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देश को संबोधित किया. इस भाषण ने भारत के अमृत महोत्सव मनाने का एजेंडा तय कर दिया. साथ ही ये भी साफ कर दिया कि 2047 में जब देश आज़ादी के 100 साल मना रहा होगा तब तक भारत के विकास की दिशा क्या होगी. इसलिए माना जा रहा है कि पीएम मोदी की स्पीच से ये भी साफ हो गया कि सरकार की नीतियों में कुछ पुरानी चीजें तो चलती ही रहेंगी लेकिन उसमे नई सोंच का तड़का भी लगा दिया गया है ताकि बदलते वक्त के साथ देश भी आगे बढ़ता रहे. हम आज चर्चा करेंगे किलगभग 89 मिनट चले पीएम मोदी के भाषण में से 10 मुख्य बिंदुओं की

1) कोविड के खिलाफ जंग

पीएम मोदी भारत की कोरोना के खिलाफ जंग पर बोले और खूब बोले. उन्होंने देश की जनता को बताया कि जब वो पहले के टीकाकरण अभियान की तुलना करते हैं तो ये बात साफ हो जाती है कि कितनी तेजी से और कितने बड़े स्तर पर कोरोना के खिलाफ जंग लड़ी गयी है. पीएम मोदी ने बताया कि पश्चिमी देशों ने भारत को दूसरी बीमारियों के टीकाकरण में कितना पीछे कर दिया था.

ऐसा पहली बार हुआ है कि भारत ने विकसित देशों के साथ साथ ही टीका बनाने में सफलता हासिल कर ली है. पीएम मोदी ने गर्व से देश की जनता को बताया कि हमारा देश देश किस तरह से कोरोना का टिका बनाने मेंसबसे आगे रहा और अब दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान भी चल रहा है. पीएम ने बताया कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई आसान नही होने वाली थी लेकिन हामी डॉटेन, वैज्ञानिकों, फ्रंट लाइन वर्करों ने इस अभिशाप को काबू में लाकर दुनिया भर की भारत के प्रति सोंच की दिशा ही बदल दी.

2) मानव केंद्रित विकास

पीएम मोदी ने अगले 25 सालों में भारत के विकास की रूपरेखा बताते हुए कहा कि कोविड के बाद के समय में सरकार का पूरा ध्यान अब विकास मानव केंद्रित मूल्यों पर हो. पर्यावरण का खयाल रखना इसी मानव केंद्रित विकास के मॉडल का हिस्सा है इस लिए पीएम मोदी द्वारा ऐलान किया गया नेशनल हाइड्रोजन मिशन इसके लिए बहुत महत्वपूर्ण साबित होगा. पीएम मोदी ने भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में स्वालंबी बनाने और गैस पर आधारित अर्थव्यवस्था पर ध्यान केंद्रित करने का खाका खींचा. पीएम मोदी ये ऐलान करने से नही चुके की राष्टीय सुरक्षा की तरह भारत अब पर्यावरण की सुरक्षा को उच्च प्राथमिकता देगा.

3) 130 करोड़ भारतीयों की क्षमता और उनकी कार्यकुशलता पर सफल होने का भरोसा

ऐसा लगता है  पीएम मोदी की स्पीच से पूरे देश की भावना उमड़ कर सामने आ रही . भावना ये की अगर चुनौतियां सामने आई तो हमारे पास कौशल भी है और इच्छाशक्ति भी जिनसे चुनौतियों पर आनन फानन में काबू पाया जा सके. पीएम ने भारत के उद्योग जगत की जम कर तारीफ की जिन्होंने उत्पादन के क्षेत्र में नयें आयाम स्थापित किये हैं. दूसरी तरफ उन्होंने जिक्र किया स्टार्ट अप क्षेत्र का. ये बताने के लिए कि भारतीय क्या कर सकते हैं और क्या करने वाले हैं आने वाले दिनों में.  पीएम मोदी ने आज के युवाओं को Can Do जेनरेशन कहा जिसके लिये कुछ भी असंभव नही है.

4) सभी सरकारी योजनाएं हर व्यक्ति तक पहुंचे

पीएम मोदी ने अपनी बात रखते हुए कहा कि वो योजनाओं को हर व्यक्ति तक पहुंचाए बिना काम पूरा हुआ नही मनाने वाले हैं. पीएम चाहते हैं कि सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ पहुँचाने लिए बैंक खातों, स्वास्थ्य कवरेज, सोशल सिक्योरिटी नेट, सबको घर शामिल हैं.

5) आने वाली पीढ़ियों के लिए नये जनरेशन के इंफ्रास्ट्रक्चर

पीएम मोदी का पूरा ध्यान भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर है. इसी को ध्यान में उन्होंने लाल किले की प्राचीर से कई ऐलान किये.पीएम ने गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान का ऐलान किया. इस योजना क्व तहत देश मे  भविष्य में लंबे समय तक टिकने वाले इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण होगा. देश के सुदूर इलाकों को जोड़ने के लिये 75 वनदे भारत ट्रेनों को चलाने का ऐलान किया गया. पीएम का मानना है कि ये कदम देश के युवाओं को बहुत मौके देगा और साथ है भारत के विकास में गेम चेंजर साबित हो सकता है.

6) ग्रामीण भारत पर होगा पूरा जोर

पीएम मोदी का भाषण जिसने भी सुना होगा उसने खेती और ग्रामीण भारत के संबंध में उनका ज्ञान देख कर दांतो तले उँगली जरूर दबा ली होगी. तमाम योजनाओं में मिलने वाले चावल को सरकार अब आम आदमी को एक साथ देगी. पीएम ने तभी ऐलान किया कि fortified Rice योजना शुरू की जाएगी. देश भर में वेयरहाउसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मज़बूत किया जाएगा.

पीएम मोदी ने ये कहने में जरा भी नही झिझके की अब समय आ गया है कि पूंजीवाद, समाजवाद को पीछे छोड़ते हुए वक़्त आ गया है कि विकास के लिए सहकरवाद यानी सहयोग का रास्ता पकड़ें. इसी सहकरवाद की जड़ों में है आम लोगो की भागीदारी का रास्ता.

7) पहली बार कतार में खड़े आखिरी व्यक्ति तक विकास पहुंचे की बात किसी ने लाल किले की प्राचीर से की

शायद ये अब तक का पहला पीएम का सम्बोधन होगा जिसमें मानव पिरामिड के सबसे नीचे आने वाले तबके को इतनी अहमियत दी गयी है. इस तबके को सब लोग भूल ही चुके थे. इस तबके में आते हैं मजदूर, रेहड़ी पटरी वाले हॉकर और छोटे किसान. पीएम मोदी ने अपने भाषण में इनका भी खूब जिक्र किया. इस बात को वहां आये लोगों ने भी तालियां बजा कर समर्थन किया. पीएम ने दो टूक कहा कि अगर कृषि क्षेत्र को तरक्की की राह पर डालना है तो इन छोटे किसानों को ताकत देनी ही होगी.

8) महिला सशक्तिकरण पर जोर

अगर पीएम मोदी के संबोधन में किए बात पर जोरदार तालियां बाजी तो वो था देश के सभी सैनिक स्कूलों के दरवाजे देश की बेटियों के लिए खोलने का ऐलान. मोदी सरकार ने ही पव्हली बार सैनिक स्कूलों का दरवाजा लड़कियों के लिए खोल.था.

9) जम्मू कशमीर और लदाख के लोगों को कहा कि उनको किया वादा पूरा होगा

ये इलाके हमेशा  पीएम मोदी के सील के करेवब एहव हैं. लाल किले की प्राचीर से भी मोदी ने यहां के लोगों को भरोसा दिलाया इन क्षेत्रों का पूरा विकास होगा और परिसीमन का काम पूरा होते ही वहां चुनाव करवाये जहवनगे ताकि लोगों की चुनी हुई सरकार विकास के काम को आगे बढ़ाए. ये पीएम मोदी की ही सोंच है कि वहां जमीन पर लोकतंत्र की जड़ें मजबूत हो. इस लिए केंद्र ने शांतिपूर्ण तरीके से पंचायत चुनाव सुनिश्चित किये.

10) ज्यादा विकास के लिए थोड़ी सरकार

ये कम ही देखने को मिलता है कि कोई नेता ये कहे कि वो थोड़ी सी सरकार चाहता है जो लोगों की जिंदगियों में दखल दे. एक बड़ा प्रदेश तो ज्यादातर नेताओं का सीना चौड़ा कर देता है लेकिन पीएम मोदी लगता है कि कुछ अलग ही मिजाज के हैं. उन्होंने ऐलान किया कि वो आम लोगों की जिंदगी में साफकर का कम से कम हस्तक्षेप चाहते हैं. साथ ही उन्होंने इस बात पर भी जोर डाला कि पुराने अंग्रेजो के नमन क्व कानूनों को बाहर का रास्ता दिखाने का वक़्त आ गया है. जन्होने 1857 में लागू हुए एक कानून का जिक्र कर्तव्य हुए कहा की ये लोगों को नक्शे रखने से रोकता था जबकि आज स्मार्ट फ़ोन के जमाने मे ऐसे एप्प्स भी हैं जिनमे नक्शे होते हैं.

पीएम मोदी जनता की सरकार बनाने की राह पर हैं. तभी तो अपने नारे में वक पंक्ति औए जोड़ सी है. सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और चौथा सबका प्रयास. जब देश आजादी के 75 साल मन रहा हो, पीएम मोदी की जन भागीदारी की ये अपील आम आदमी को खूब भा रही हैं.

Tags: 75th Independence Day, Independence day, PM Modi

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