बांग्लादेश के 50 उद्यमियों को PM का न्योता, स्टार्टअप्स से जुड़ने का निमंत्रण

पीएम मोदी भारत और बांग्लादेश के बीच कूटनीतिक संबंधों के 50 साल पूरा होने के अवसर पर बांग्लादेशी छात्रों के लिए स्वर्ण जयंती छात्रवृत्ति की भी घोषणा की. (तस्वीर-narendramodi twitter)

पीएम मोदी भारत और बांग्लादेश के बीच कूटनीतिक संबंधों के 50 साल पूरा होने के अवसर पर बांग्लादेशी छात्रों के लिए स्वर्ण जयंती छात्रवृत्ति की भी घोषणा की. (तस्वीर-narendramodi twitter)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने कहा, ‘ये उद्यमी भारत आयें और हमारे स्टार्ट-अप और नवाचार के तंत्र से जुड़ें. उद्यमी पूंजीपतियों से मुलाकात करें. हम भी उनसे सीखेंगे, उन्हें भी सीखने का अवसर मिलेगा.’

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 26, 2021, 11:38 PM IST
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ढाका. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) ने शुक्रवार को बांग्लादेश के 50 उद्यमियों को भारत आकर यहां के स्टार्ट-अप (Start-Up) और नवाचार के तंत्र से संपर्क स्थापित करने और उद्यमी पूंजीपितयों से मिलने का निमंत्रण दिया. उन्होंने भारत और बांग्लादेश के बीच कूटनीतिक संबंधों के 50 साल पूरा होने के अवसर पर बांग्लादेशी छात्रों के लिए स्वर्ण जयंती छात्रवृत्ति की भी घोषणा की.

बांग्‍लादेश के राष्‍ट्रीय दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि ये एक सुखद संयोग है कि बांग्लादेश की आजादी के 50 वर्ष और भारत की आजादी के 75 वर्ष का पड़ाव एक साथ ही आया है. उन्होंने कहा, ‘हम दोनों ही देशों के लिए 21वीं सदी में अगले 25 वर्षों की यात्रा बहुत ही महत्वपूर्ण है. हमारी विरासत भी साझी है, हमारा विकास भी साझा है.’ प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और बांग्लादेश का भविष्य, सद्भाव और विश्वास भरे अनगिनत पलों का इंतजार कर रहा है.

युवाओं में बेहतर संपर्क जरूरी

उन्होंने कहा कि भारत-बांग्लादेश के संबंधों को मजबूत करने के लिए दोनों ही देशों के युवाओं में बेहतर संपर्क भी उतना ही आवश्यक है. प्रधानमंत्री ने कहा कि वह भारत-बांग्लादेश संबंधों के 50 वर्ष के अवसर पर बांग्लादेश के 50 उद्यमियों को भारत आमंत्रित करना चाहते हैं.
ये उद्यमी भारत आयें और हमारे स्टार्ट-अप और नवाचार के तंत्र से जुड़ें

उन्होंने कहा, ‘ये उद्यमी भारत आयें और हमारे स्टार्ट-अप और नवाचार के तंत्र से जुड़ें. उद्यमी पूंजीपतियों से मुलाकात करें. हम भी उनसे सीखेंगे, उन्हें भी सीखने का अवसर मिलेगा.’ उन्होंने कहा, ‘इसके साथ-साथ बांग्लादेश के युवाओं के लिए स्वर्ण जयंती छात्रवृत्ति की घोषणा भी कर रहा हूं.’

मोदी ने कहा कि दोनों देशों के लक्ष्य और चुनौतियां साझे हैं और इसलिए यह याद रखना है कि व्यापार और उद्योग में जहां एक जैसी संभावनाएं हैं तो आतंकवाद जैसे समान खतरे भी हैं.
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