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माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई नापने वाले राधानाथ सिकदर का PM मोदी ने किया जिक्र, जानें कौन थे ये

माउंट एवरेस्ट (Mt Everest)
माउंट एवरेस्ट (Mt Everest)

Radhanath Sikdar : सिकदर ही वो पहले व्यक्ति थे जिन्होंने 1852 में इस पर्वत की ऊंचाई को मापने में कामयाबी हासिल की, जिसके बाद इसे दुनिया की सबसे ऊंची चोटी होने का रुतबा हासिल हुआ.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 22, 2021, 5:19 PM IST
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कोलकाता. पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने सोमवार को हुगली की चुनावी रैली में बंगाल की कई महान विभूतियों का नाम लिया. इसी क्रम में उन्होंने माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई मापने वाले महान गणितज्ञ राधानाथ सिकदर (Radhanath Sikdar) का भी नाम लिया. उन्होंने कहा कि बंगाल की मिट्टी में कई बड़ी हस्तियों का जन्म हुआ है. तो आइए जानते हैं कि सिकदर कौन थे और माउंट एवरेस्ट से उनका क्या नाता है.


सिकदर एक भारतीय गणितज्ञ थे, जिन्हें दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई मापने के लिए जाना जाता है. इनका जन्म 5 अक्टूबर 1813 को बंगाल के जोरासांको में हुआ था. माना जाता है कि सिकदर ही वो पहले व्यक्ति थे जिन्होंने 1852 में इस पर्वत की ऊंचाई को मापने में कामयाबी हासिल की, जिसके बाद इसे दुनिया की सबसे ऊंची चोटी होने का रुतबा हासिल हुआ. हालांकि, इसकी आधिकारिक घोषणा मार्च 1856 में की गई.


इस तरह से हुआ माउंट एवरेस्ट की गणना की काम
दरअसल 1831 में भारत के सर्वेयर जनरल ऑफ इंडिया जॉर्ज एवरेस्ट एक ऐसे गणितज्ञ की तलाश कर रहे थे, जिसे गोलाकार त्रिकोणमिती में महारत हासिल हो. तब हिंदू कॉलेज के प्रोफेसर टेटलर ने उऩ्हें अपने विद्यार्थी राधानाथ सिकदर का नाम सुझाया. इसके बाद जॉर्ज एवरेस्ट ने राधानाथ सिकदर को अपने साथ ले लिया और फिर वो माउंट एवरेस्ट की गणना में लग गए.


बंगाल परिवर्तन का मन बना चुका है: PM मोदी
दूसरी ओर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि अब पश्चिम बंगाल परिवर्तन का मन बना चुका है. रेल और मेट्रो कनेक्टिविटी से जुड़ी परियोजना का शुभारंभ करने पहुंचे पीएम मोदी ने बंगाल के हुगली में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि आज इस वीर धरा से पश्चिम बंगाल अपने तेज विकास के संकल्प को सिद्ध करने के लिए एक बड़ा कदम उठा रहा है. उन्होंने कहा, 'पिछली बार मैं आपको गैस कनेक्टिविटी का, इंफ्रास्ट्रक्चर का उपहार देने आया था. आज रेल और मेट्रो कनेक्टिविटी को मजबूत करने वाले महत्वपूर्ण काम शुरू होने जा रहे हैं.'

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