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'कोरोना के खिलाफ लड़ाई में सभी राज्यों का योगदान' : PM मोदी ने कहा

'कोरोना के खिलाफ लड़ाई में सभी राज्यों का योगदान' : PM मोदी ने कहा

पीएम मोदी ने नीति आयोग की बैठक में सभी मुख्यमंत्रियों की तारीफ की. (फोटो-ANI)

पीएम मोदी ने नीति आयोग की बैठक में सभी मुख्यमंत्रियों की तारीफ की. (फोटो-ANI)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'कोविड से मुकाबला करने में हरेक राज्य ने अपनी ताकत के हिसाब से अहम भूमिका निभाई और इस संघर्ष में अपना योगदान दिया.'

हाइलाइट्स

प्रधानमंत्री ने कोविड-19 महामारी से निपटने में सभी राज्यों के सम्मिलित प्रयासों की सराहना किया.
बता दें कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने बैठक का बहिष्कार कर दिया था.
बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी विचार रखा.

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज नीति आयोग की एक महत्वपूर्ण बैठक में कहा कि प्रत्येक राज्य ने अपनी ताकत के अनुसार महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और कोरोना के खिलाफ भारत की लड़ाई में योगदान दिया. मार्च 2020 में महामारी लॉकडाउन के बाद से सरकारी थिंक-टैंक की गवर्निंग काउंसिल की यह पहली ऑन-साइट बैठक थी. यह बैठक पिछले साल ऑनलाइन आयोजित की गई थी. नीति आयोग के इस कार्यक्रम में कम से कम 23 मुख्यमंत्री, तीन उपराज्यपाल, दो प्रशासक और केंद्रीय मंत्री शामिल हुए. प्रधानमंत्री ने कोविड-19 महामारी से निपटने में सभी राज्यों के सम्मिलित प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह सहकारी संघवाद की धारणा के अनुरूप है.

उन्होंने कहा, ‘कोविड से मुकाबला करने में हरेक राज्य ने अपनी ताकत के हिसाब से अहम भूमिका निभाई और इस संघर्ष में अपना योगदान दिया. इससे भारत विकासशील देशों के लिए एक मिसाल और एक वैश्विक नेता के तौर पर उभरकर सामने आया.’ उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत के इतिहास में कोविड काल में पहली बार सभी राज्यों के मुख्य सचिव एक स्थान पर एकत्र हुए थे और राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर तीन दिनों तक चर्चा की थी. उन्होंने कहा, ‘इस सामूहिक प्रक्रिया ने ही इस बैठक के एजेंडा का आधार तैयार किया था.’ प्रधानमंत्री ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) का राजस्व संग्रह बढ़ाने के लिए मिलजुलकर प्रयास करने की जरूरत पर बल देते हुए कहा कि अभी इस दिशा में व्यापक संभावना मौजूद है.

उन्होंने कहा, ‘हमारी आर्थिक स्थिति को मजबूती देने और पांच लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लिए यह बेहद अहम है.’ बता दें कि यह कोविड-19 महामारी आने के बाद से संचालन परिषद की पहली परंपरागत बैठक रही. वर्ष 2021 में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये यह बैठक आयोजित की गई थी. संचालन परिषद की बैठक में चार अहम बिंदुओं पर चर्चा की गई. फसल विविधीकरण और दालों, तिलहन एवं अन्य कृषि जिंसो में स्वावलंबन हासिल करना, स्कूली शिक्षा में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) को लागू करना, उच्च शिक्षा में एनईपी का क्रियान्वयन और शहरी शासन के मुद्दे चर्चा के केंद्र में रहे.

बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि जी-20 की अध्यक्षता भारत के लिए एक बड़ा अवसर और व्यापक जिम्मेदारी लेकर आ रही है. शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नई शिक्षा नीति से जुड़े बिंदुओं पर प्रकाश डालते हुए शिक्षण और पठन-पाठन की स्थिति बेहतर करने के लिए उठाए गए कदमों का उल्लेख किया. बता दें कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने इसका बहिष्कार किया है जबकि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कोविड संक्रमण के कारण इसमें शामिल नहीं हो पाये.

Tags: Niti Aayog, PM Modi

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