151वीं गांधी जयंती पर PM मोदी का आह्वान-100 दिन में हर स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र में पहुंचाए जाए स्वच्छ जल

ये अभियान देश के हर बच्चे के समग्र विकास को सुनिश्चित कर उनके चेहरे पर मुस्कान लाने का एक अवसर है
ये अभियान देश के हर बच्चे के समग्र विकास को सुनिश्चित कर उनके चेहरे पर मुस्कान लाने का एक अवसर है

PM Modi on 151st Gandhi Jayanti: केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत (Gajendra Singh Shekhawat) ने देश के सभी सभी मुख्यमंत्रियों और उप राज्यपालों को पत्र लिख कर अपील की है कि वे अपने राज्य और केंद्र शासित प्रदेश में इस 100 दिनों के अभियान का नेतृत्व करें और इसे जन आंदोलन बनाएं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 2, 2020, 4:58 PM IST
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नई दिल्ली. 2024 तक जल जीवन मिशन (Jal jeewan Mission) के तहत देश के हर घर में नल का पानी पहुंचाने का बीड़ा उठाया है. मोदी सरकार (Modi Government) ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी (Father of the Nation Mahatma Gandhi) की 151वीं जयंती, 2 अक्टूबर को केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय ने देशभर के गावों के सभी स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों और गांव के सार्वजनिक स्थलों में स्वच्छ पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 100 दिन के अभियान की शुरुआत की है. इस सुविधा को जारी रखने और उसके रखरखाव की पूरी जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों की होगी या फिर उनकी उपसमिति यानि पानी समिति की. सरकार ने अपील की है कि इस अभियान में गांव के स्तर तक महिलाओं को इस मिशन में हिस्सेदार बनाया जाए.

केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत (Gajendra Singh Shekhawat) ने देश के सभी सभी मुख्यमंत्रियों और उप राज्यपालों को पत्र लिख कर अपील की है कि वे अपने राज्य और केंद्र शासित प्रदेश में इस 100 दिनों के अभियान का नेतृत्व करें और इसे जन आंदोलन बनाएं. शेखावत ने लिखा है कि जल जीवन मिशन का लक्ष्य महिलाओं और बच्चों पर विशेष ध्यान देने के साथ साथ हर घर में पानी की आपूर्ति करना भी है. खासकर बच्चों के लिए स्वच्छ जल सुनिश्चित करना भी इस मिशन की प्राथमिकता है, क्योंकि वे पानी से पैदा हुई बीमारियों जैसे टाइफाइड, दस्त, हैजा के लिए अति संवेदनशील होते हैं.

दरअसल ये अभियान देश के हर बच्चे के समग्र विकास को सुनिश्चित कर उनके चेहरे पर मुस्कान लाने का एक अवसर है जिसका सपना पीएम मोदी ने देखा है. सरकार जानती है कि कई क्षेत्रों में स्थितियां बहुत अधिक जटिल है, जहां आर्सेनिक, फ्लोराइड और अन्य भारी धातुओं आदि से जल स्रोत दूषित पाए जाते हैं. लंबे समय तक दूषित पानी पीने से आर्सेनिकोसिस, फ्लोरोसिस जैसी बीमारियां हो सकती हैं, जिससे स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं. इन गंभीर परेशानियों से निपटने के लिए हर ग्राम पचायत के तहत आने वाले स्कूल, आंगनवाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य सेवा केंद्र आदि में नल के पानी के कनेक्शन के माध्यम से स्वच्छ जल सुनिश्चित करने के लिए जल जीवन मिशन के तहत प्रावधान किए गए हैं.



गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 सितंबर को जल जीवन मिशन का ‘लोगो’ को लॉन्च करते समय देश के सभी स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में स्वच्छ पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने का आह्वान किया था. पीएम मोदी ने 29 नवंबर को देश के सभी सरपंचों और ग्राम प्रधानों को चिठ्ठी भी लिख कर अपील की कि वो जल जीवन मिशन के तहत हर घऱ जल के सपने को साकार करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं ताकि ये मिशन जन आंदोलन की शक्ल ले पाएगा. इस मिशन से न सिर्फ पेय जल की सप्लाई जारी रहेगी बल्कि पानी से पैदा होने वाली बीमारियों पर भी काबू पाया जा सकेगा. साथ ही पालत जानवरों को भी साफ और सुरक्षित पीने का पानी भी मिल सकेगा. जाहिर है स्वास्थ्य भी सुधरेगा और परिवारों की आमदनी भी बढाएगा.
मिशन बड़ा है और मुश्किल. लेकिन लक्ष्य पूरा करने के लिए समय सीमा भी निर्धारित भी कर दी गयी है. मोदी सरकार ने इसे मिशन के रुप में शुरु किया है और वो भई इस उम्मीद मे कि जब वे 2024 में जनता से अपने लिए तीसरा कार्यकाल मांग रहे हों तब जल जीवन मिशन का हर घर नल का मिशन पूरा हो चुका हो.
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