कृषि सुधार पर मनमोहन का वो बयान, जिसे पीएम मोदी ने विपक्ष पर हमले के लिए बनाया हथियार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा पर सदन को संबोधित किया.

Agricultural Reforms in India: राज्यसभा में अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा, "एमएसपी था, एमएसपी है और एमएसपी रहेगा. गरीबों को सस्ता राशन मिलना जारी रहेगा और मंडियों को आधुनिक बनाया जाएगा."

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    नई दिल्ली. राष्ट्रपति के अभिभाषण पर राज्यसभा (Rajya Sabha) में धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने सोमवार को विपक्ष की जमकर खबर ली. प्रधानमंत्री ने कहा कि नए कृषि सुधारों (New Agricultural Reforms) पर जिन राजनीतिक पार्टियों ने गुलाटी मार ली है, उन्हें गर्व होना चाहिए कि बीजेपी उन नीतियों को आगे बढ़ा रही है, जिनकी उनके नेता ने एक बार सिफारिश की थी. राजधानी दिल्ली की सीमाओं पर तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ जारी किसान आंदोलन को विपक्ष के समर्थन के बारे में बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उनके पूर्ववर्ती मनमोहन सिंह (Manmohan Singh) ने भी कृषि उत्पादों के लिए एकल बाजार (Single Market) की सिफारिश की थी.

    प्रधानमंत्री ने कहा कि जो लोग कृषि कानूनों पर यूटर्न ले चुके हैं, शायद वे नरेंद्र मोदी के बजाय पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से सहमति जताएंगे. इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में एक कोट पढ़ा और उसे पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का बताया. पीएम मोदी ने पढ़ा, "1930 के दशक में बनाई गईं नीतियों में कई अन्य तरह की सख्ती हैं, जिसकी वजह से हमारे किसानों को अपनी उपज उस बाजार में बेचने में मुश्किल आती हैं, जहां उन्हें ज्यादा से ज्यादा कीमत मिल सकती है." प्रधानमंत्री ने आगे जोड़ा, "हमारा उद्देश्य उन बाधाओं को रास्ते से हटाना है, जिसकी वजह से एक बड़े बाजार के रूप में भारत अपनी असली ताकत को पहचान नहीं पा रहा है."

    उन्होंने कहा, "मनमोहन सिंह जी ने किसान को उपज बेचने की आजादी देने और एकल बाजार के लिए अपना उद्देश्य साफ कर दिया था, और अब हम वहीं कर रहे हैं. आप सबको गर्व होना चाहिए. आप सबको यह कहना चाहिए कि, देखिए मनमोहन सिंह जी ने जो कहा था, मोदी वहीं कर रहे हैं. गर्व करिए." राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ये बयान उस समय आया है, जब केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ 26 नवंबर 2020 से दिल्ली बॉर्डर पर किसान प्रदर्शन कर रहे हैं.

    किसानों की मांग है कि केंद्र सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानून बनाए और तीनों कानूनों को वापस लें. राज्यसभा में अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा, "एमएसपी था, एमएसपी है और एमएसपी रहेगा. गरीबों को सस्ता राशन मिलना जारी रहेगा और मंडियों को आधुनिक बनाया जाएगा."

    किसानों से आंदोलन खत्म करने की अपील करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि बातचीत के जरिए मुद्दों को सुलझाया जाना चाहिए. विपक्ष को ये स्वीकार करना चाहिए कि देश को कृषि सुधारों की जरूरत है.

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