Home /News /nation /

संविधान दिवस पर बोले PM मोदी- सबका विश्वास-सबका प्रयास संविधान की भावना का सबसे सशक्त प्रकटीकरण

संविधान दिवस पर बोले PM मोदी- सबका विश्वास-सबका प्रयास संविधान की भावना का सबसे सशक्त प्रकटीकरण

पीएम ने कहा, आजादी के आंदोलन में जो संकल्पशक्ति पैदा हुई, उसे और अधिक मजबूत करने में ये कोलोनियल माइंडसेट बहुत बड़ी बाधा है.

पीएम ने कहा, आजादी के आंदोलन में जो संकल्पशक्ति पैदा हुई, उसे और अधिक मजबूत करने में ये कोलोनियल माइंडसेट बहुत बड़ी बाधा है.

संविधान दिवस के मौके पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, आज पूरे विश्व में कोई भी देश ऐसा नहीं है जो प्रकट रूप से किसी अन्य देश के उपनिवेश के रूप में एग्जिट करता है. लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि उपनिवेशवादी मानसिकता, Colonial Mindset समाप्त हो गया है. हम देख रहे हैं कि यह मानसिकता अनेक विकृतियों को जन्म दे रही है.

अधिक पढ़ें ...

    नई दिल्ली. संविधान दिवस (Constitution day 2021) पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने कहा कि संविधान के लिए समर्पित सरकार, विकास में भेद नहीं करती और ये हमने करके दिखाया है. साथ ही उन्होंने कहा कि पेरिस समझौते के लक्ष्यों को समय से पहले प्राप्त करने की ओर अग्रसर हम एकमात्र देश हैं. और फिर भी, ऐसे भारत पर पर्यावरण के नाम पर भांति-भांति के दबाव बनाए जाते हैं. यह सब, उपनिवेशवादी मानसिकता का ही परिणाम है. पीएम मोदी ने कहा कि आज गरीब से गरीब को भी क्वालिटी इंफ्रास्ट्रक्चर तक वही पहुंच मिल रही है, जो कभी साधन संपन्न लोगों तक सीमित थी. आज लद्दाख, अंडमान और नॉर्थ ईस्ट के विकास पर देश का उतना ही फोकस है, जितना दिल्ली और मुंबई जैसे मेट्रो शहरों पर है.

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, सबका साथ-सबका विकास, सबका विश्वास-सबका प्रयास, ये संविधान की भावना का सबसे सशक्त प्रकटीकरण है. संविधान के लिए समर्पित सरकार, विकास में भेद नहीं करती और ये हमने करके दिखाया है. 80 करोड़ लोगों को मुफ्त अनाज मिल रहा है. कल ही उस योजना को मार्च तक के लिए बढ़ा दिया है. देश का गरीब देश की मुख्यधारा से जुड़ता है तो उसकी दुनिया बदल जाती है. जब ठेले वाले भी बैंक से जुड़ते हैं तो देश के बारे में सोचते हैं. विकास में भेदभाव नहीं होता. आज सबको वही सुविधा मिल रही है, जितनी पहले कुछ खास लोगों को मिलती थी.

    ये भी पढ़ेंः- अल्ट्रासाउंड के दौरान भ्रूण की पोजिशन देख रहे थे, तभी दिखा विचित्र नजारा, डॉक्टर्स को भी नहीं हुआ यकीन

    उन्होंने कहा, आज पूरे विश्व में कोई भी देश ऐसा नहीं है जो प्रकट रूप से किसी अन्य देश के उपनिवेश के रूप में एग्जिट करता है. लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि उपनिवेशवादी मानसिकता, Colonial Mindset समाप्त हो गया है. हम देख रहे हैं कि यह मानसिकता अनेक विकृतियों को जन्म दे रही है. पीएम मोदी ने कहा कि इसका सबसे स्पष्ट उदाहरण हमें विकासशील देशों की विकास यात्राओं में आ रही बाधाओं में दिखाई देता है. जिन साधनों से, जिन मार्गों पर चलते हुए, विकसित विश्व आज के मुकाम पर पहुंचा है, आज वही साधन, वही मार्ग, विकासशील देशों के लिए बंद करने के प्रयास किए जाते हैं.

    सबकी अलग भूमिकाएं और अलग जिम्मेदारियां
    पीएम मोदी ने दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि सुबह मैं विधायिका और कार्यपालिका के साथियों के साथ था. और अब न्यायपालिका से जुड़े आप सभी विद्वानों के बीच हूं. हम सभी की अलग-अलग भूमिकाएं, अलग-अलग जिम्मेदारियां, काम करने के तरीके भी अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन हमारी आस्था, प्रेरणा और ऊर्जा का स्रोत एक ही है. पीएम मोदी ने आज सुबह संसद के सेंट्रल भवन में संविधान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया था.

    Tags: Constitution, Constitution Day, Constitution of India, PM Modi, Pm modi latest news, Pm modi news

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर