लाइव टीवी

गुजरात में बोले PM मोदी- जन धन, वन धन और गोबर धन पर हमारा फोकस

भाषा
Updated: September 30, 2018, 8:37 PM IST
गुजरात में बोले PM मोदी- जन धन, वन धन और गोबर धन पर हमारा फोकस
सहकारी आर्थिक मॉडल पूंजीवादी, साम्यवादी मॉडल का बेहतर विकल्प: मोदी (image credit: Twitter@narendramodi)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि सहकारी मॉडल पूंजीवादी और साम्यवादी मॉडल का एक व्यवहारिक आर्थिक विकल्प है.

  • भाषा
  • Last Updated: September 30, 2018, 8:37 PM IST
  • Share this:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि सहकारी मॉडल पूंजीवादी और साम्यवादी मॉडल का एक व्यवहारिक आर्थिक विकल्प है. इस दौरान उन्होंने कहा, 'हम जन धन, वन धन और गोबर धन पर फोकस कर रहे हैं. यह हमारे किसानों के लिए मददगार होगा.'

पीएम मोदी ने भारत के पहले गृहमंत्री वल्लभभाई पटेल की प्रशंसा की जो कि गुजरात में अमूल डेयरी सहकारी आंदोलन के संस्थापक भी थे. उन्होंने कहा कि पटेल ऐसे नेता थे जिन्होंने लोगों को एक आर्थिक मॉडल के रूप में सहकारी आंदोलन का महत्व बताया.

मोदी ने कहा, 'ये मुझे गर्व से भर देता है कि ये किसानों के सात दशक से अधिक समय के सहकारी आंदोलन का परिणाम था कि अमूल देश की एक पहचान, प्रेरणा और ज़रूरत बन गया.'

उन्होंने इसे एक बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि ये केवल एक उद्योग या दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र नहीं, बल्कि एक वैकल्पिक आर्थिक मॉडल भी है. उन्होंने कहा कि एक ओर साम्यवादी आर्थिक मॉडल है दूसरी ओर पूंजीवादी मॉडल है. विश्व इन दो मॉडल से प्रेरित है.

उन्होंने कहा, 'सरदार साहेब ने एक तीसरे आर्थिक मॉडल की नींव रखी जो कि न तो सरकार और न ही पूंजीवादियों की ओर से नियंत्रित था. इसके बजाय उसका निर्माण किसानों और लोगों के सहयोग से किया गया था और सभी उसका हिस्सा थे. ये साम्यवादी और पूंजीवादी मॉडल का एक व्यवहारिक विकल्प है.'

मोदी यहां गुजरात में विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और आधारशिला रखने के बाद बोल रहे थे. प्रधानमंत्री ने कहा कि सभी को पता है कि अमूल की संकल्पना स्वतंत्रता से एक वर्ष पहले की गई थी, लेकिन सहकारी आंदोलन उससे काफी समय पहले शुरू हुए थे.

प्रधानमंत्री ने कहा, 'कुछ लोगों को पता होगा कि जब सरदार पटेल तत्कालीन अहमदाबाद नगर निगम के अध्यक्ष बने तो गुजरात में पहली बार शहरी विकास योजना की अवधारणा आई.' उन्होंने कहा कि तब सरदार पटेल ने मध्यम आय समूह वाले लोगों को घर देने के लिए आवासीय सोसाइटी बनाने का पहला प्रयोग किया.प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रीतम राय देसाई नाम के व्यक्ति को इस परियोजना से जुडे़ कार्य सरदार पटेल के नेतृत्व और मार्गदर्शन में करने को कहा गया और इस तरह से गुजरात के अहमदाबाद में देश की पहली आवासीय सोसाइटी बनी.

मोदी ने कहा, 'सरदार साहेब ने इसका उद्घाटन 28 जनवरी 1927 को किया और बताया कि ये विकास का एक नया मॉडल है. चूंकि वो चाहते थे कि लोग इसे याद रखें इसलिए उन्होंने इस जगह का नाम (प्रीतम राय देसाई के नाम पर) प्रीतम नगर रखा.

प्रधानमंत्री ने कहा कि जब वो गुजरात के मुख्यमंत्री थे तो उन्होंने ऊंट के दूध का इस्तेमाल करने की सलाह दी थी क्योंकि ये पौष्टिक होता है, लेकिन उनका मज़ाक उड़ाया गया.

मोदी ने कहा, 'मैंने कहा था कि ऊंट का दूध काफी पौष्टिक होता है. मुख्यमंत्री होने के नाते पता नहीं ऐसा कहकर मैंने क्या अपराध कर दिया था. मेरा मज़ाक उड़ाया गया. मेरे खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की गई और कार्टून बनाए गए. आज अमूल चॉकलेट का एक बड़ा बाज़ार है और ऊंट के दूध की कीमत गाय के दूध से दोगुनी है.'

मोदी ने अमूल से कहा कि वो भारत को दुग्ध प्रसंस्कृत करने वाला तीसरा सबसे बड़ा देश बनाने का लक्ष्य निर्धारित करे और ये अपने अस्तित्व के 75 वर्ष पूरे करने पर हासिल करने का लक्ष्य रखे. इस मामले में भारत का वर्तमान स्थान 10वां है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि कृषि उत्पादों का प्रसंस्करण किसानों की फसल उपज ज्यादा होने की समस्या का जवाब है, जिसके चलते फसल की कीमत गिर जाती है. उन्होंने कहा कि हमने कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण पर ज़ोर दिया है और हम इस दिशा में काम कर रहे हैं. दुग्ध प्रसंस्करण की तरह हमें खाद्य प्रसंस्करण पर अधिक ध्यान देना होगा.

उन्होंने राज्य की पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर सहकारी संस्थाओं के गठन में, विशेष तौर पर कच्छ सौराष्ट्र क्षेत्र में बाधा उत्पन्न करने को लेकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि स्थिति आज बदल गई है क्योंकि दुग्ध सहकारी समितियां प्रत्येक जिले में कार्य कर रही हैं जिससे किसानों के लिए बड़े अवसर बन रहे हैं.

उन्होंने मुजकुवा गांव के 11 किसानों की प्रशंसा की जिन्होंने एक सौर ऊर्जा सहकारी सोसाइटी का गठन किया. मोदी ने किसानों से अपील की कि वो अपने खेतों में फसल के साथ ही अतिरिक्त आय के लिए सौर ऊर्जा का उत्पादन करें.

उन्होंने किसानों से कहा कि वो कचरे से धन बनाने के लिए, विशेष तौर पर गाय के गोबर से ऐसे ही सहकारी आंदोलन अपनाएं. उन्होंने गाय के गोबर को गोबर धन कहा. उन्होंने कुपोषण के मुद्दे का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें यकीन है कि अगर मां और उसका बच्चा स्वस्थ रहे तो देश कभी भी अस्वस्थ नहीं हो सकता.

इस मौके पर मोदी ने अमूल के 533 करोड़ रुपए के प्रीमियम चॉकलेट संयंत्र, एक पौष्टिक खाद्य संयंत्र, आणंद कृषि विश्वविद्यालय का आठ करोड़ रुपए वाला खाद्य प्रसंस्करण केंद्र और विद्या डेयरी का 20 करोड़ रुपए के आइसक्रीम संयंत्र का उद्घाटन रिमोट कंट्रोल से किया.

उन्होंने इसके साथ ही मुजकुवा गांव में 1.44 करोड़ रुपए की सौर सहकारी सोसाइटी भी शुरू की जिसका निर्माण आणंद स्थित नेशनल डेयरी डेवलप्मेंट बोर्ड की मदद से किया गया है. उन्होंने इसके साथ ही अमूल के दुग्ध प्रसंस्करण, पैकेजिंग और मक्खन बनाने वाले संयंत्र की आधारशिला रखी.

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए Gandhinagar से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: September 30, 2018, 6:59 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर