कोरोना वायरस: ICMR की स्पेशल लैब्स में लगी हैं 7-7 करोड़ की मशीन, जानें खूबियां

कोरोना वायरस: ICMR की स्पेशल लैब्स में लगी हैं 7-7 करोड़ की मशीन, जानें खूबियां
इन लैब्स में बेहत उन्नत कोबास 8800 मशीन लगी हैं. 15 बाई 7 फीट की इस मशीन की कीमत करीब सात करोड़ रुपये है.

COVID-Test: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) आज कोरोना के तीन बड़े टेस्टिंग सेंटर की शुरुआत करेंगे. सोमवार शाम करीब साढ़े 4 बजे पीएम मोदी इन तीनों लैब को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए हरी झंडी दिखाएंगे.

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नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) आज कोरोना के तीन बड़े टेस्टिंग सेंटर की शुरुआत करेंगे. सोमवार शाम करीब साढ़े 4 बजे पीएम मोदी इन तीनों लैब को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए हरी झंडी दिखाएंगे. उम्मीद की जा रही है कि इन लैंब्स के जरिए भारत को कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण के खिलाफ लड़ने के लिए और ज्यादा ताकत मिलेगी. भारत ने आने वाले दिनों में हर रोज़ 10 लाख कोरोना टेस्ट करने का लक्ष्य रखा है. ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि ये लैब भारत को इस मंजिल तक पहुंचाने में मदद करेंगी.

इन लैब्स में बेहद उन्नत कोबास 8800 मशीन लगी हैं. ये पूरी तरह से ऑटोमेटिक मशीनें हैं. 15 बाई 7 फीट की इस मशीन की कीमत करीब सात करोड़ रुपये है, जो कि रोजाना तीन हजार सैंपल की जांच कर सकती हैं. कोरोना महामारी खत्म होने के बाद इन मशीनों को इस्तेमाल हेपटाइटिस-बी और सी, एचआईवी, माईकोबैकटेरियम, टीबी और डेंगू जैसी बीमारियों की जांच में इस्तेमाल किया जाएगा.

आइए इक नज़र डालते हैं कि ये लैब्स कहां हैं और क्या है इनकी खासियत....



>>कहां है ये लैब- भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) की ये लैब नोएडा, मुंबई और कोलकाता में हैं.
>>टेस्ट की क्षमता- इन लैब्स से कोरोना की जांच के काम में तेजी आएगी. तीनों लैब में हर रोज कुल मिलाकर 10,000 सैंपल की जांच की जाएगी.

>> आधुनिक लैब- टेस्टिंग फैसिलिटी के जरिये जांच में कम समय लगेगा और लैब के स्टाफ को भी संक्रमण वाली चीज़ों के साथ ज्यादा संपर्क में नहीं रहना पड़ेगा.

>>इलाज में तेजी- पीएमओ के मुताबिक इन तीन सेंटर्स के आने से देश में कोरोना जांच करने की क्षमता बढ़ेगी, बीमारी की शुरुआती पहचान हो सकेगी और समय रहते इलाज करने में तेजी आएगी.

>>दूसरी बीमरियों की भी जांच- कोरोना महामारी खत्म होने के बाद ये लैब दूसरी बीमारियों का भी टेस्ट करेंगी. यहां हेपेटाइटिस बी और सी, एचआईवी, माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस, साइटोमेगालोवायरस, क्लैमाइडिया, निसेरिया और डेंगू, की भी जांच हो सकेगी.

>> जांच में तेजी- इन दिनों हर रोज़ 50 हजार के करीब नए केस सामने आ रहे हैं. इसकी सबसे बड़ी वजह है देश भर में कोरोना की ताबड़तोड़ टेस्टिंग. 25 जुलाई को भारत में 4,42,263 सैंपल की जांच की गई. ये अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है. आने वाले दिनों में जांच में और भी तेज़ी लाई जाएगी. उम्मीद की जा रही है कि अगले कुछ महीनों में हर रोज़ करीब 10 लाख टेस्ट होंगे.
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