• Home
  • »
  • News
  • »
  • nation
  • »
  • PM मोदी 25 सितंबर को UNGA को करेंगे संबोधित, कट्टरवाद से मुकाबले पर रहेगा फोकस

PM मोदी 25 सितंबर को UNGA को करेंगे संबोधित, कट्टरवाद से मुकाबले पर रहेगा फोकस

पीएम मोदी ने आतंकवाद और उग्रवाद से निपटने के लिए सूफीवाद की परंपरा और इस्लाम के उदार मूल्यों को आगे बढ़ाने की बात की. (File pic)

पीएम मोदी ने आतंकवाद और उग्रवाद से निपटने के लिए सूफीवाद की परंपरा और इस्लाम के उदार मूल्यों को आगे बढ़ाने की बात की. (File pic)

PM Narendra Modi 25 सितंबर को UNGA को संबोधित करेंगे और कट्टरवाद को काउंटर करने के साथ राजनीतिक इस्लाम (Political Islam) का मुकाबला करने से जुड़े उपायों पर चर्चा करेंगे.

  • News18Hindi
  • Last Updated :
  • Share this:

    नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने 17 सितंबर को SCO Summit को संबोधित करते हुए SCO देशों से भारत में इस्लाम (Islam in India) से जुड़े उदारवादी, सहिष्णु और समावेशी संस्थानों और परंपराओं के बीच एक मजबूत नेटवर्क विकसित करने का आह्वान किया. उन्होंने SCO के सभी देशों से क्षेत्र में बढ़ते कट्टरवाद (Radicalisation) की चुनौती का समाधान करने के लिए कहा, जोकि शांति, सुरक्षा और विश्वास की कमी से जुड़ी चुनौतियों की जड़ है. इस सप्ताह होने वाली संयुक्त राष्ट्र की आम सभा (UNGA) में अफगानिस्तान (Afghanistan) पर तालिबान (Taliban) का सैन्य कब्जा और उसकी चरमपंथी विचारधारा के हावी रहने की संभावना है. इन सबके बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र की आम सभा को संबोधित करेंगे और कट्टरवाद को काउंटर करने के साथ राजनीतिक इस्लाम (Political Islam) का मुकाबला करने से जुड़े उपायों पर चर्चा करेंगे.

    राजनीतिक सत्ता हासिल करने के लक्ष्यों के साथ धर्म को हथियार बनाया गया है, जिसके चलते अफगानिस्तान-पाकिस्तान क्षेत्र में रक्तपात हुआ है. यह महत्वपूर्ण बयान तब आया, जब अफगानिस्तान से अमेरिकी और नाटो सेनाओं के जाने के बाद पहली SCO बैठक हुई. तालिबान ने एक बार फिर अफगानिस्तान पर पूर्ण नियंत्रण हासिल कर लिया है. ऐसे में अफगान लोगों के भाग्य, क्षेत्रीय स्थिरता, सुरक्षा पर प्रभाव और अफगानिस्तान के एक बार फिर आतंकवाद का कुआं बनने को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं. तमाम दावों के बावजूद तालिबान की कथनी और करनी में अंतर से स्पष्ट है कि उसकी चरमपंथी विचारधारा बीती बात नहीं है.

    प्रधानमंत्री मोदी ने पांच अहम बातें कही हैं. पहला, उन्होंने भारत की इस्लामी विरासत की ओर इशारा किया, जोकि समावेशी, सहिष्णु और उदार है. दूसरा, इस्लाम का यह संस्करण सदियों से इस क्षेत्र में प्रचलित है. तीसरा, जैसा कि पिछले कई वर्षों में उन्होंने तर्क दिया है, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई तब सफल होगी जब आतंकवाद को धर्म से अलग कर दिया जाएगा और जब इस्लाम की अधिक प्रबुद्ध, प्रगतिशील और समावेशी दृष्टि इस्लाम की कट्टरपंथी और चरमपंथी व्याख्या पर राजनीतिक उद्देश्य के लिए प्रबल होगी, विचारों की इस प्रतिस्पर्धा में चौथी बात के तौर पर उन्होंने (जैसा कि उन्होंने 2015 में सेंट्रल एशिया के दौरे पर कहा था) दुनिया को भारत और मध्य एशिया के बीच आध्यात्मिक संबंधों की याद दिलाई. पांचवां, उन्होंने सभ्यताओं के टकराव के विचार को खारिज कर दिया.

    पीएम मोदी अफगानिस्तान को भी इसी संदर्भ में देखते हैं. दिसंबर 2015 में अफगान संसद भवन के उद्घाटन के अवसर पर या कुछ महीने बाद सलमा बांध के उद्घाटन के दौरान अपने संबोधन में उन्होंने उदारवाद की परंपरा, अफगानिस्तान के सूफी संतों के संदेश और साहित्य में काबुल की उपलब्धियों की सराहना की. SCO शिखर सम्मेलन में, एक बार फिर उन्होंने स्पष्ट किया कि तालिबान का जीवन जीने का तरीका न तो स्वाभाविक है और न ही अफगानिस्तान के लोगों के हित में है. यह एक महत्वपूर्ण संदेश है, जिसे वाशिंगटन डीसी और न्यूयॉर्क में UNGA तक पहुंचाएंगे.

    ये पहली बार नहीं है, जब पीएम मोदी ने आतंकवाद और उग्रवाद से निपटने के लिए सूफीवाद की परंपरा और इस्लाम के उदार मूल्यों को आगे बढ़ाने की बात की है. पीएम मोदी ने मार्च 2016 में दिल्ली में विश्व सूफी फोरम के मुख्य भाषण में भी इस बारे में विस्तार से बात की थी. ठीक उसी तरह जैसे कि उन्होंने मंगोलियाई संसद में अपने संबोधन में एशिया में शांतिपूर्ण भविष्य के लिए प्राचीन बौद्ध संबंधों को पुनर्जीवित करने का आह्वान किया था.

    पीएम मोदी ने एक बार फिर अपने संबोधन में इस बात को रेखांकित किया है कि कूटनीति, सैन्य और खुफिया उपकरणों के अलावा, क्षेत्र में सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए विचारों, दिलों और दिमागों की लड़ाई जीतना महत्वपूर्ण है. यह पाकिस्तान के लिए भी एक संदेश की तरह है, जिसने अपने राजनीतिक
    उद्देश्यों को आगे बढ़ाने और क्षेत्र में एक ध्रुवीकृत धार्मिक व्यवस्था को प्रोजेक्ट करने के लिए इस्लाम का सहारा लिया है.

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

    हमें FacebookTwitter, Instagram और Telegram पर फॉलो करें.

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज