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PM मोदी 25 मार्च को देखेंगे भव्य अयोध्या का विजन डॉक्यूमेंट, फाइनल टच देने में जुटे अधिकारी

अयोध्या श्रीरामलला के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट बुनियादी सुविधाएं जल्द मुहैया कराएगा. (फाइल फोटो)

अयोध्या श्रीरामलला के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट बुनियादी सुविधाएं जल्द मुहैया कराएगा. (फाइल फोटो)

Ayodhya Latest news : पीएम की कसौटी पर खरा साबित होने के लिए कंसल्टेंट कंपनी ली एसोसिएट्स के साथ अयोध्या विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष विशाल सिंह रूपरेखा को त्रुटि रहित बनाने में लगे हुए हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 23, 2021, 7:33 PM IST
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पवन गौर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) आगामी 25 मार्च को अयोध्या (Ayodhya) के विकास की समीक्षा करेंगे. पीएम नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के जरिये जुड़ेंगे और अयोध्या के विकास का विज़न डॉक्यूमेंट देखेंगे. इस मौके पर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य, ली एसोसिएट, एल & टी और सीपी कुकरेजा के प्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे.

ये निजी कंपनियां अयोध्या के विज़न डॉक्यूमेंट को तैयार कर रही हैं. ये कंपनियां अयोध्या की जनता, जनप्रतिनिधि व विशेषज्ञों और साधु संतों से राय मशविरा करके अयोध्या के विकास का विजन डॉक्यूमेंट तैयार कर रही है. अयोध्या के इंफ्रास्ट्रक्चर में 1200 एकड़ में वैदिक सिटी, अयोध्या की संस्कृतिक 84 कोस का संपूर्ण विकास करने के लिए खाका तैयार किया जा रहा है.



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पीएम की हर कसौटी पर खरा साबित होने की तैयारी
पीएम की कसौटी पर खरा साबित होने के लिए कंसल्टेंट कंपनी ली एसोसिएट्स के साथ अयोध्या विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष विशाल सिंह रूपरेखा को त्रुटि रहित बनाने में लगे हुए हैं. फरवरी के दूसरे पखवाडे़ से कंसल्टेंट एजेंसी यहां विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने में लगी हैं. रामनगरी के विकास पर करीब पांच सौ लोगों की राय डॉक्यूमेंट में शामिल की जा चुकी है. रामनगरी के संत-महंतों के अतिरिक्त श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट सहित सांसद, विधायक, शिक्षाविद सहित अन्य लोगों के सुझाव लिए जा चुके हैं. ये क्रम अभी जारी है.

साधु संतों और ऋषियों की तपस्थली का होगा विकास
अयोध्या के साथ साथ आसपास के जनपदों में भी साधु संतों और ऋषियों की तपस्थली का विकास होगा. सरकार का प्रयास है कि अयोध्या का सिर्फ आधुनिकीकरण न हो उसका पुरातन स्वरूप भी बरकरार रहना चाहिए.

रामनवमी से पहले होगा पूरा
विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने का लक्ष्य अगस्त में रखा गया है, लेकिन कोशिश की जा रही है कि रामनवमी से पहले यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाए. राममंदिर निर्माण के समानांतर ही रामनगरी का विकास कार्य भी होना है, ताकि आने वाले समय में भव्य राममंदिर निर्माण के साथ दिव्य अयोध्या का स्वरूप भी यहां आने वालों के सामने प्रस्तुत हो.
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