नोटबंदी पर मनमोहन का हमला- किसी और देश में PM होते तो मोदी को देना पड़ता इस्‍तीफा

वह कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल की पुस्तक 'शेड्स ऑफ ट्रुथ' के विमोचन के मौके पर बोल रहे थे.

News18Hindi
Updated: September 8, 2018, 7:54 AM IST
नोटबंदी पर मनमोहन का हमला- किसी और देश में PM होते तो मोदी को देना पड़ता इस्‍तीफा
मनमोहन सिंह की फाइल फोटो
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Updated: September 8, 2018, 7:54 AM IST
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शुक्रवार को नरेंद्र मोदी सरकार को नोटबंदी और बेरोजगारी के मुद्दे पर घेरा. उन्‍होंने कहा कि सरकार सभी मोर्चों पर विफल रही है और वह 2014 में किए गए वादों को पूरा नहीं कर पाई है. वह कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल की पुस्तक 'शेड्स ऑफ ट्रुथ' के विमोचन के मौके पर बोल रहे थे. इस मौके पर सिब्‍बल ने कहा कि जीएसटी को हड़बड़ाहट में लागू किया गया और इससे व्‍यापारियों को नुकसान हुआ. सिब्‍बल ने नोटबंदी की आलोचना करते हुए कहा, 'महान नेता ने 2014 के बाद हमें नोटबंदी दी जिससे 1.5 प्रतिशत जीडीपी का नुकसान हुआ. यदि कोई और देश होता तो उन्‍हें इस्‍तीफा देना पड़ता.'

मनमोहन ने कहा कि अब देश में वैकल्पिक विमर्श पर गौर करने और अपनाने की जरूरत है. इस सरकार में किसान और नौजवान परेशान हैं तो दलितों एवं अल्पसंख्यको में असुरक्षा का माहौल है. उन्होंने कहा, 'देश में कृषि संकट है. किसान परेशान हैं और आंदोलन कर रहे हैं. युवा दो करोड़ रुपये नौकरियों का इंतजार कर रहे हैं.' उन्होंने आरोप लगाया कि औद्योगिक उत्पादन और प्रगति थम गई है.

सिंह ने कहा, 'नोटबंदी और गलत ढंग से लागू की गई. जीएसटी की वजह से कारोबार पर असर पड़ा. विदेशों में कथित तौर जमा धन को लाने के लिए कुछ नहीं किया गया. दलित और अल्पसंख्यक डरे हुए हैं.' उन्होंने सरकार पर विदेश नीति के मोर्चे पर विफल रहने का आरोप लगाते हुए कहा कि पड़ोसियों के साथ हमारे संबंध खराब हुए हैं.

पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा, 'शैक्षणिक आजादी पर अंकुश लगाया जा रहा है. विश्वविद्यालयों के माहौल को खराब किया जा रहा है.' उन्होंने कहा कि देश को वैकल्पिक विमर्श पर गौर करने और अपनाने की जरूरत है.

सिंह ने पुस्तक की सराहना करते हुए कहा, 'यह पुस्तक बहुत अच्छी तरह शोध करने के बाद लिखी गई है. यह पुस्तक मोदी सरकार का समग्र विश्लेषण है. यह सरकार की नाकामियां बताती है. यह बताती है कि इस सरकार ने जो वादे किए, पूरे नहीं किए.'
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