पीएम मोदी ने मन की बात में किया जिक्र, चर्चा का केंद्र बने ये आर्मी डॉग्स

पीएम मोदी ने मन की बात में किया जिक्र, चर्चा का केंद्र बने ये आर्मी डॉग्स
विस्फोटक की पहचान कर दिल्ली में बड़ी त्रासदी टालने वाली आर्मी डॉग सोफी. (तस्वीर ट्विटर से साभार)

पीएम मोदी (PM Narendra Modi) ने इन आर्मी डॉग्स (Army Dogs) को ब्रेवहार्ट (Brave Heart) कहा. इसके बाद वीडा और सोफी नाम के ये दो डॉग चर्चा के केंद्र में आ गए हैं. इन दोनों को इनकी सेवाओं के लिए स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान आर्मी चीफ की तरफ से प्रशस्त्रि पत्र दिया गया था. अब पीएम ने जिक्र कर इनकी सेवाओं का विशेष मान बढ़ाया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 30, 2020, 7:41 PM IST
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नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने रविवार को अपने मासिक रेडियो प्रोग्राम मन की बात (Mann Ki Baat) कार्यक्रम में आर्मी डॉग्स (Army Dogs) की बहादुरी की चर्चा की. पीएम मोदी ने इन आर्मी डॉग्स को ब्रेवहार्ट कहा. इसके बाद वीडा और सोफी नाम के ये दो डॉग चर्चा के केंद्र में आ गए हैं. इन दोनों को इनकी सेवाओं के लिए स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम (Independence Day Celebration) के दौरान आर्मी चीफ की तरफ से प्रशस्त्रि पत्र दिया गया था. अब पीएम ने जिक्र कर इनकी सेवाओं का विशेष मान बढ़ाया है.

अतुलनीय रहा है योगदान
अगर इन डॉग्स के योगदान की तरफ देखें तो आप भी हैरान होंगे. इन्होंने सेना को कई बार बड़ी क्षति से बचाया है. वीडा (Black Labrador) ने जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) में कई बार लैंड माइन्स और ग्रेनेड्स को सूंघकर पहचाना है और जवानों की जान बचाई है. सोफी (Cocker Spaniel) एक बम निरोधक दस्ते का हिस्सा है और दिल्ली में बम की पहचान कर बड़ी घटना को टाल दिया था.

सेनाओं की बहुत मदद करते हैं डॉग्स
गौरतलब है कि बीते एक साल के दौरान आर्मी डॉग्स ने सेना को करीब 30 आईडी ब्लास्ट की सूंघ जानकारी दी है. पीएम मोदी ने मन की बात के दौरान कहा-हमारे सशस्त्र सेनाओं और सुरक्षा एजेंसियों के पास ऐसे दिलेर डॉग्स बड़ी संख्या में हैं, जो न सिर्फ देश के लिए जीते हैं बल्कि अपनी जान भी कुर्बान करते हैं. इन दस्तों ने अब तक कई बड़ी त्रासदियों को टाला है.



आर्मी दिवस के दिन किया था सम्मानित
इस वर्ष आर्मी दिवस 2020 के दिन पांच ऐसे पांच डॉग्स को प्रशस्ति पत्र दिया गया. इन डॉग्स ने जम्मू-कश्मीर और उत्तर-पूर्व के राज्यों में सेनाओं की बहुत मदद की. प्रधानमंत्री मोदी ने मन की बात में बलराम का भी जिक्र किया जिसने अमरनाथ यात्रा के दौरान आईईडी को सूंघकर पहचाना था. बलराम ने कई सालों तक लैंडमाइन्स और आईईडी की पहचान कर सेना की मदद की थी. विस्फोटक की पहचान करते हुए ही उसकी मौत भी हो गई थी.
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