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PM मोदी ने किसानों को दिलाई गुरु नानक की याद, बोले, 'जाने-अनजाने में उठते हैं विरोध के सुर'

पीएम मोदी ने कहा कि देशहित में सुधार होते हैं तो फिर विरोध के स्वर भी उठते हैं. (Photo-ANI)
पीएम मोदी ने कहा कि देशहित में सुधार होते हैं तो फिर विरोध के स्वर भी उठते हैं. (Photo-ANI)

PM Narendra Modi in Varanasi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देव दीपावली के मौके पर वाराणसी में दीप प्रज्जवलित करने के बाद जनसभा को संबोधित किया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 30, 2020, 10:33 PM IST
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नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने सोमवार को देव दीपावली (Dev Deepawali) के मौके पर वाराणसी (Varanasi) में दीप प्रज्वलित कर दीप महोत्सव की शुरुआत की. प्रधानमंत्री ने वाराणसी के राजघाट पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लेने के बाद काशीवासियों को संबोधित किया. प्रधानमंत्री मोदी ने देव दीपावली महोत्सव में कहा कि कोरोना काल ने सब कुछ बदल दिया लेकिन काशी की भक्ति शक्ति को कोई नहीं बदल सकता है. सुबह से ही काशी वासी स्नान दान में लगे हुए हैं, काशी की गलियों में जगमगाहट है. पीएम मोदी ने कहा कि 100 साल पहले काशी से माता अन्नपूर्णा की जो मूर्ति गायब हो गई थी वह फिर से वापस आ रही है, यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है. प्रधानमंत्री मोदी ने देव दीपावली महोत्सव में कहा कि ऐसा प्रयास अगर पहले किया गया होता तो ऐसी न जाने कितनी मूर्तियां देश को वापस मिल गई होतीं. कुछ लोगों के लिए विरासत का मतलब अपना परिवार होता है हमारे लिए विरासत का मतलब है हमारी संस्कृति, विरासत और मूल्य.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमारा ध्यान देश की विरासत को संभालने और उसे संजोकर रखने में है. उन्होंने कहा कि लाखों दीपों से काशी के 84 घाटों का जगमग होना अद्भुत है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि काशी आज महादेव के माथे पर विराजमान चंद्रमा की तरह चमक रही है. पीएम मोदी ने कहा कि आज ये दीपक उन आराध्यों के लिए भी जल रहे हैं जो कि जन्मभूमि के लिए बलिदान देते हैं. पीएम मोदी ने शहीदों को भी नमन किया. उन्होंने कहा कि भारत आज देश विरोधी ताकतों, सीमा के विस्तारवाद के साथ-साथ, गरीबी, बेरोजगारी से भी लड़ रहा है. पीएम मोदी ने कहा कि आज देश आत्मनिर्भर भारत अभियान के साथ चलकर देश लोकल के लिए वोकल हो रहा है.





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देशहित में  सुधार होने पर उठते हैं विरोध के स्वर
पीएम मोदी ने कहा कि देशहित में सुधार होते हैं तो फिर विरोध के स्वर भी उठते हैं. उन्होंने कहा कि नेक नियत से जब अच्छे कर्म किए जाते हैं तो विरोध के बावजूद उनकी सिद्धि होती ही है. अयोध्या में श्रीराम मंदिर के अलावा इसका दूसरा उदाहरण क्या ही होगा. प्रधानमंत्री ने कहा कि आज हम रिफॉर्म्स की बात करते हैं, लेकिन समाज और व्यवस्था में रिफॉर्म्स के बहुत बड़े प्रतीक तो स्वयं गुरु नानक देव जी ही थे. हमने ये भी देखा है कि जब समाज, राष्ट्रहित में बदलाव होते हैं, तो जाने-अनजाने विरोध के स्वर ज़रूर उठते हैं. लेकिन जब उन सुधारों की सार्थकता सामने आने लगती है तो सबकुछ ठीक हो जाता है. यही सीख हमें गुरुनानक देवजी के जीवन से मिलती है.

पीएम मोदी ने कहा कि काशी के लिए जब विकास के काम शुरू हुये थे, विरोध करने वालों ने सिर्फ विरोध के लिए विरोध तब भी किया था. जब काशी ने तय किया था कि बाबा के दरबार तक विश्वनाथ कॉरिडॉर बनेगा, विरोध करने वालों ने तब इसे लेकर भी काफी कुछ कहा था. लेकिन आज बाबा की कृपा से काशी का गौरव पुनर्जीवित हो रहा है.

सदियों पहले, बाबा के दरबार का मां गंगा तक जो सीधा संबंध था, वो फिर से स्थापित हो रहा है.
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