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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बोले- गुजरात हाईकोर्ट ने न्याय व्यवस्था और लोकतंत्र को मजबूत किया

गुजरात हाईकोर्ट के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
गुजरात हाईकोर्ट के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि हमारे संविधान में कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका को दी गई जिम्मेदारी, हमारे संविधान के लिए प्राणवायु की तरह है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 6, 2021, 12:11 PM IST
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नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) ने शनिवार को गुजरात हाईकोर्ट (Gujarat High court) के हीरक जयंती के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से संबोधित किया. इस दौरान केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद, गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के अलावा उच्चतम न्यायालय और गुजरात हाईकोर्ट के न्यायाधीश भी उपस्थित रहे.


गुजरात हाईकोर्ट की स्थापना को एक मई, 2020 को 60 साल पूरे हो गए. इस मौके पर प्रधानमंत्री के गुजरात हाईकोर्ट के हीरक जयंती समारोह में व्यक्तिगत तौर पर शिरकत करने और डाक डिकट जारी करने का कार्यक्रम प्रस्तावित था, लेकिन कोरोना वायरस महामारी के कारण यह स्थगित हो गया. अब प्रधानमंत्री ने मोदी शनिवार को डिजिटली पर डाक टिकट भी जारी किया.

VC से सबसे ज्यादा सुनवाई करने वाला सुप्रीम कोर्ट- PM
पीएम ने कहा कि ये सुनकर सभी का गौरव बढ़ता है कि हमारा सुप्रीम कोर्ट खुद भी आज दुनिया में वीडियो कांफ्रेंस के द्वारा सबसे ज्यादा सुनवाई करने वाला सुप्रीम कोर्ट बन गया है. प्रधानमंत्री ने कहा कि डिजिटल इंडिया मिशन आज बहुत तेजी से हमारे जस्टिस सिस्टम को आधुनिक बना रहा है. आज देश में 18 हजार से ज्यादा कोर्ट कम्प्यूटराइज्ड हो चुके हैं. सुप्रीम कोर्ट से वीडियो कांफ्रेंसिंग और टेली कांफ्रेंसिंग को लीगल सेंटिटी मिलने के बाद ही सभी अदालतों में ई-प्रोसिडिंग  में तेजी आई है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि न्याय के जो आदर्श भारतीय संस्कारों का जो हिस्सा रहे हैं, वो न्याय हर भारतीय का अधिकार है. इसलिए ज्यूडिशरी और सरकार दोनों का ही दायित्व है कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में मिलकर वर्ल्ड क्लास जस्टिस सिस्टम खड़ा करे.



अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के लिए भी सुलभ हो कोर्ट- प्रधानमंत्री
वर्चुअल कार्यक्रम में पीएम ने कहा कि हमारा जस्टिस सिस्टम ऐसा होना चाहिए, जो समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के लिए भी सुलभ हो, जहां हर व्यक्ति के लिए न्याय की गारंटी हो और समय से न्याय की गारंटी हो. सरकार भी इस दिशा में अपने कर्तव्यों को पूरा करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है.

पीएम ने कहा कि न्यायपालिका के प्रति भरोसे ने सामान्य नागरिक के मन में एक आत्मविश्वास जगाया है. सच्चाई के लिए खड़े होने की उसे ताकत दी है. आजादी से अब तक देश की यात्रा में हम न्यायपालिका के योगदान की चर्चा करते हैं, तो बार के योगदान के भी चर्चा करते हैं. पीएम ने कहा कि भारतीय समाज में रूल ऑफ लॉ, सदियों से सभ्यता और सामाजिक ताने-बाने का आधार रहा है. हमारे प्राचीन ग्रंथों में कहा गया है- 'न्यायमूलं सुराज्यं स्यात्.' यानी, सुराज्य की जड़ ही न्याय में है.

गुजरात हाईकोर्ट की हीरक जयंती के मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि हमारे संविधान में कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका को दी गई जिम्मेदारी, हमारे संविधान के लिए प्राणवायु की तरह है. हमारी न्यायपालिका ने संविधान की प्राणवायु की सुरक्षा का दायित्व पूरी दृढ़ता से निभाया है.

गुजरात हाईकोर्ट ने सत्य और न्याय के लिए काम किया- PM
प्रधानमंत्री ने कहा कि गुजरात हाईकोर्ट ने सत्य और न्याय के लिए जिस कर्तव्य और निष्ठा से काम किया है, अपने संवैधानिक कर्तव्यों के लिए जो तत्परता दिखाई है उसने भारतीय न्याय व्यवस्था और भारत के लोकतंत्र दोनों को ही मजबूत किया है.

पीएम ने कहा कि गुजरात हाईकोर्ट की डायमंड जुबली के अवसर पर सभी को बहुत-बहुत बधाई. पिछले वर्षों में अपनी कानूनी समझ, अपनी विद्वत्ता और बौद्धिकता से गुजरात हाईकोर्ट और बार ने एक विशिष्ट पहचान बनाई है.
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