PM मोदी ने कबीर के दोहे और रामचरित मानस की चौपाई से दिया कोरोना से लड़ने का मंत्र, पढ़ें 5 खास बातें

पीएम मोदी ने देश को कोरोना के खिलाफ लड़ने के लिए मंत्र दिया (फाइल फोटो)
पीएम मोदी ने देश को कोरोना के खिलाफ लड़ने के लिए मंत्र दिया (फाइल फोटो)

PM Modi Address to Nation: पीएम मोदी ने देश के नाम दिए अपने संबोधन में कोरोना के खिलाफ लड़ाई में लोगों को मजबूती से खड़े होने के लिए प्रेरित किया. प्रधानमंत्री ने कहा कि ये समय लापरवाही का नहीं है. पढ़ें खास बातें..

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  • Last Updated: October 20, 2020, 7:37 PM IST
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नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने मंगलवार को देश को संबोधित किया. पीएम मोदी ने अपने इस भाषण में देशवासियों को त्योहार के मौसम में कोरोना वायरस (Coronavirus) से बचने की सलाह देते हुए कहा कि लॉकडाउन (Lockdown) भले ही खत्म हो गया है लेकिन वायरस खत्म नहीं हुआ है इसलिए सावधानी बरतनी जरूरी है. प्रधानमंत्री ने कहा कि जब तक कोरोना की वैक्सीन नहीं आ जाती तब तक हमें इस वायरस के खिलाफ अपनी लड़ाई को कमजोर नहीं पड़ने देना है. पीएम मोदी ने कहा कि एक कठिन समय से निकलकर हम आगे बढ़ रहे हैं, थोड़ी सी लापरवाही हमारी गति को रोक सकती है, हमारी खुशियों को धूमिल कर सकती है.

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कबीर के एक दोहे और रामचरित मानस की चौपाई का उदाहरण देकर समझाया कि हमें हमेशा सावधानी बरतनी जरूरी है और कोरोना के खिलाफ आधी लड़ाई के बीच में ही नहीं समझ लेना चाहिए कि हमने जीत हासिल कर ली है. पीएम मोदी ने कहा कि अगर आप लापरवाही बरत रहे हैं,  बिना मास्क के बाहर निकल रहे हैं, तो आप अपने आप को, अपने परिवार को, अपने परिवार के बच्चों को, बुजुर्गों को उतने ही बड़े संकट में डाल रहे हैं. पढ़ें पीएम मोदी के संबोधन की खास बातें..
हमें ये भूलना नहीं है कि लॉकडाउन भले चला गया हो, वायरस नहीं गया है. बीते 7-8 महीनों में, प्रत्येक भारतीय के प्रयास से, भारत आज जिस संभली हुई स्थिति में हैं, हमें उसे बिगड़ने नहीं देना है.
पीएम मोदी ने कहा कि सेवा परमो धर्म: के मंत्र पर चलते हुए हमारे डॉक्टर्स, नर्से, स्वास्थ्य कर्मी इतनी बड़ी आबादी की निस्वार्थ सेवा कर रहे हैं. इन सभी प्रयासों के बीच, ये समय लापरवाह होने का नहीं है. ये समय ये मान लेने का नहीं है कि कोरोना चला गया, या फिर अब कोरोना से कोई खतरा नहीं है.
कबीर के दोहे का उदाहरण देते हुए पीएम मोदी ने कहा- पक्की खेती देखि के, गरब किया किसान. अजहूं झोला बहुत है, घर आवे तब जान. अर्थात कई बार हम पकी हुई फसल देखकर ही अति आत्मविश्वास से भर जाते हैं कि अब तो काम हो गया लेकिन जब तक फसल घर न आ जाए तब तक काम पूरा नहीं मानना चाहिए.
पीएम मोदी ने कहा कि रामचरित मानस में बहुत शिक्षाप्रद बातें कही गई हैं इनमें से एक है- "रिपु, रुज, पावक पाप प्रभु अहि गनिअ न छोट करि." अर्थात शत्रु, रोग, अग्नि, पाप, स्वामी और सर्प को छोटा नहीं समझना चाहिए.
एक कठिन समय से निकलकर हम आगे बढ़ रहे हैं, थोड़ी सी लापरवाही हमारी गति को रोक सकती है, हमारी खुशियों को धूमिल कर सकती है. जीवन की ज़िम्मेदारियों को निभाना और सतर्कता ये दोनों साथ साथ चलेंगे तभी जीवन में ख़ुशियां बनी रहेंगी.
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