अपना शहर चुनें

States

Opinion: पीएम मोदी के संबोधन से कश्मीर के लोगों में बढ़ेगा विश्वास

पीएम नरेंद्र मोदी के संबोधन के बाद कश्मीर के हालात सामान्य हो जाने की उम्मीद जताई जा रही है.
पीएम नरेंद्र मोदी के संबोधन के बाद कश्मीर के हालात सामान्य हो जाने की उम्मीद जताई जा रही है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने पंचायत चुनावों का जिक्र करते हुए साफ कर दिया कि जल्द ही विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) कराया जाएगा और लोकतंत्र की बहाली होगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 9, 2019, 7:32 AM IST
  • Share this:
जम्मू-कश्मीर (Jammu And Kashmir) में अनुच्छेद 370 और धारा 35ए (Article 370 and 35A)  हटाए जाने के बाद जब पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  (PM Narendra Modi) ने राष्ट्र के नाम संदेश दिया. इस दौरान पीएम मोदी के पास हर उस सवाल का जवाब था, जो जम्मू-कश्मीर के साथ-साथ देश और दुनिया के लोग जानना चाहते थे. प्रधानमंत्री मोदी ने जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का वादा दोहराते हुए साफ कर दिया कि राज्य केंद्र शासित प्रदेश तभी तक रहेगा, जब तक हालात सामान्य नहीं हो जाते. यानी प्रधानमंत्री ने उन आशंकाओं को खत्म कर दिया जो स्थानीय पार्टियां लोगों में फैला रही थी. प्रधानमंत्री मोदी ने पंचायत चुनावों का जिक्र करते हुए साफ कर दिया कि जल्द ही विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) कराया जाएगा और लोकतंत्र की बहाली होगी.

समाज के हर तबके को साथ में लेकर चलने का भरोसा दिलाया
प्रधानमंत्री ने अपने राष्ट्र के नाम संबोधन में सबको साथ लेकर चलने का भरोसा दिलाया. प्रधानमंत्री ने सरदार वल्लभ भाई पटेल, भीमराव आम्बेडकर, श्यामा प्रसाद मुखर्जी और अटल बिहारी वाजपेयी का नाम लेकर इस मुद्दे को पार्टी लाइन से ऊपर खड़ा कर दिया. साथ ही एससी-एसटी एक्ट, अल्पसंख्यक के लिए माइनॉरिटी एक्ट, सफाई कर्मचारियों के लिए लागू एक्ट, मजदूरों के लिए मिनिमम वेजेज एक जैसे तमाम कानून को हवाला देते हुए साफ किया कि अनुच्छेद 370 लागू होने के नाते जम्मू-कश्मीर में समाज के एक बड़े तबके को न्याय नहीं मिल रहा था. ऐसे में अनुच्छेद 370 और 35ए खत्म होने के बाद देश के ये सभी कानून जम्मू-कश्मीर में लागू हो गए हैं, जिससे समाज के हर तबके को न्याय मिलेगा.


युवाओं को साथ लाने पर जोर


कश्मीर के युवाओं पर हमेशा भटके होने का आरोप लगता है. ऐसे में प्रधानमंत्री ने युवाओं को विश्वास में लिया. प्रधानमंत्री जानते हैं कि किसी समाज का युवा अगर बदलाव की ठान ले तो बदलाव अवश्य होता है. इसलिए प्रधानमंत्री ने राष्ट्र के नाम अपने संदेश में राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के दरवाजे खोल देने का ऐलान किया. प्रधानमंत्री ने सेना, अर्धसैनिक बलों, केन्द्र सरकार और राज्य सरकारों हर जगह नौकरी के दरवाजे खोलने के ऐलान किया.  साथ ही प्रधानमंत्री स्कॉलरशिप योजना के विस्तार की घोषणा कर कश्मीर के युवाओं में जोश भर दिया. नई स्पोर्ट्स एकेडमी, अंतरराष्ट्रीय स्तर की स्पोर्ट्स ट्रेनिंग के बहाने प्रधानमंत्री ने उन युवाओं के देश की मुख्य धारा से जोड़ दिया जो खेलकूद में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं.



 प्रधानमंत्री ने किया सभी शंकाओं का समाधान
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने राष्ट्र के नाम संबोधन के पहले ही हिस्से में उन सभी शंकाओं को खारिज कर दिया जिसे विरोधी फैलाना चाहते थे. प्रधानमंत्री ने जम्मू-कश्मीर में 370 से हो रहे नुकसान करते हुए कहा कि राज्य में सत्ता में रहे लोगों ने 370 से हो रहे नुकसान की चर्चा कभी नहीं की. प्रधानमंत्री ने कहा कि इस अनुच्छेद के लागू रहने से राज्य में अलगाववाद, आतंकवाद, परिवारवाद, भ्रष्टाचार को अलावा कुछ नहीं  मिला. पाकिस्तान के खिलाफ खुलकर बोलते हुए पीएम ने साफ कहा कि पाकिस्तान इस अनुच्छेद का शस्त्र के तौर पर इस्तेमाल कर रहा था. साफ है अगर इस अनुच्छेद को हटाया जाता है तो वो सभी योजनाएं जम्मू-कश्मीर में भी लागू होगीं, जिनके सहारे देश विकास कर रहा है.

भावनात्मक तरीके से लगया मरहम
देश की लड़ाई में जम्मू-कश्मीर के लोगों की भूमिका की नाम लेकर चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने भावनात्मक तरीके से स्थनीय लोगों के उन घावों पर मरहम लगाया, जिसे विरोधियों ने अफवाहों के जरिए बना दिया था. प्रधानमंत्री ने देश की हर लड़ाई में कश्मीर के लोगों के अमूल्य योगदान की चर्चा की. साथ ही तीन दशक में जम्मू-कश्मीर में  42 हजार लोग मारे जाने की चर्चा कर प्रधानमंत्री ने जम्मू-कश्मीर के लोगों को ये जता दिया कि हर समय देश उनके साथ है.



प्रधानमंत्री ने भरा स्थानीय प्रशासन में जोश
प्रधानमंत्री अच्छी तरह जानते हैं कि वर्तमान हालात में स्थानीय पुलिस अर्ध सैनिक बलों के साथ-साथ राज्य पुलिस और राज्य सरकार के कर्मचारियों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है. ऐसे में उन्होंने राज्य कर्माचारियों और प्रदेश पुलिस के जवानों को अन्य राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों के समान सुविधा की घोषणा कर उनका मनोबल बढ़ाया, तो अपने संबोधन को आखिरी पड़ाव में अर्धसैनिक बलों को साहस की प्रशंसा कर उनका मनोबल भी बढ़ा दिया.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज