सिविल सर्विस प्रोबेशनर्स से पीएम नरेंद्र मोदी बोले- नागरिकों की सेवा अब आपका सर्वोच्च कर्तव्य

पीएम नरेंद् मोदी
पीएम नरेंद् मोदी

पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने कहा कि पहले के समय ट्रेनिंग में आधुनिक अप्रोच कैसे आए, इस बारे में बहुत सोचा नहीं गया. लेकिन अब देश में ह्यूमन रिसोर्स की आधुनिक ट्रेनिंग पर जोर दिया जा रहा है. आपने खुद भी देखा है कि कैसे बीते 2-3 वर्षों में ही सिविल सर्वेन्ट्स की ट्रेनिंग का स्वरूप बहुत बदल गया है.

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  • Last Updated: October 31, 2020, 12:54 PM IST
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केवडिया. पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने गुजरात स्थित केवडिया में सिविल सर्विसेज प्रोबेशनर्स को संबोधित किया. इस दौरान 'आरम्भ 2020' कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा कि अफसरों को सरदार साहब की सलाह थी कि देश के नागरिकों की सेवा अब आपका सर्वोच्च कर्तव्य है. मेरा भी यही आग्रह है कि सिविल सर्वेंट जो भी निर्णय ले, वो राष्ट्रीय संदर्भ में हों, देश की एकता अखंडता को मजबूत करने वाले हों. पीएम ने कहा, 'आपका क्षेत्र भले ही छोटा हो, आप जिस विभाग को संभाले उसका दायरा भले ही कम हो, लेकिन फैसलों में हमेशा लोगों का हित होना चाहिए, एक राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य होना चाहिए.'

पीएम मोदी ने कहा, 'स्टील फ्रेम का काम सिर्फ आधार देना, सिर्फ चली आ रही व्यवस्थाओं को संभालना ही नहीं होता. स्टील फ्रेम का काम देश को ये ऐहसास दिलाना भी होता है कि बड़े से बड़ा संकट हो या फिर बड़े से बड़ा बदलाव, आप एक ताकत बनकर देश को आगे बढ़ाने में सहयोग करेंगे, फैसिलिटेट करेंगे.' उन्होंने कहा कि देश में नए परिवर्तन के लिए, नए लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए, नए मार्ग और नए तौर-तरीके अपनाने के लिए बहुत बड़ी भूमिका ट्रेनिंग की होती है, स्किल सेट के डेवलपमेंट की होती है.

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ट्रेनिंग में आधुनिक अप्रोच कैसे आए?- PM
पीएम ने कहा कि  पहले के समय ट्रेनिंग में आधुनिक अप्रोच कैसे आए, इस बारे में बहुत सोचा नहीं गया. लेकिन अब देश में ह्यूमन रिसोर्स की आधुनिक ट्रेनिंग पर जोर दिया जा रहा है. आपने खुद भी देखा है कि कैसे बीते 2-3 वर्षों में ही सिविल सर्वेन्ट्स की ट्रेनिंग का स्वरूप बहुत बदल गया है.

पीएम ने कहा कि ये ‘आरंभ’ सिर्फ आरंभ नहीं है, एक प्रतीक भी है और एक नई परंपरा भी। ऐसे ही सरकार ने कुछ दिन पहले एक और अभियान शुरू किया है- मिशन कर्मयोगी। मिशन कर्मयोगी, कैपेसिटी बिल्डिंग की दिशा में अपनी तरह का एक नया प्रयोग है.

सामान्य मानवी का सशक्तिकरण कैसे हो- PM
उन्होंने कहा कि सरकार शीर्ष से नहीं चलती है. नीतियाँ जिस जनता के लिए हैं, उनका समावेश बहुत जरूरी है. जनता केवल सरकार की नीतियों की, प्रोग्राम्स की  रिसीवर नहीं है, जनता जनार्दन ही असली ड्राइविंग फोर्स है. इसलिए हमें गवर्नमेंट से गवर्नेंस की तरफ बढ़ने की जरूरत है.

पीएम ने कहा कि आज देश जिस मोड में काम कर रहा है, उसमें आप सभी नौकरशाहों की भूमिका न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन की ही है. आपको ये सुनिश्चित करना है कि नागरिकों के जीवन में आपका हस्तक्षेप कितना कम हो, सामान्य मानवी का सशक्तिकरण कैसे हो.
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