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न्यायिक सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- हम भारतीयों की न्यायपालिका में बहुत आस्था

News18Hindi
Updated: February 22, 2020, 12:36 PM IST
न्यायिक सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- हम भारतीयों की न्यायपालिका में बहुत आस्था
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, हाल में कुछ ऐसे बड़े फैसले आए हैं, जिनको लेकर पूरी दुनिया में चर्चा थी.

अंतरराष्ट्रीय न्यायिक सम्मेलन 2020 (international judicial conference 2020) में पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने कहा कि हर भारतीय की न्याय पालिका पर बहुत आस्था है.

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  • Last Updated: February 22, 2020, 12:36 PM IST
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नई दिल्ली.  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने शनिवार को अंतरराष्ट्रीय न्यायिक सम्मेलन 2020 (international judicial conference 2020) को संबोधित किया. इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि 'दुनिया के करोड़ों नागरिकों को न्याय और गरिमा सुनिश्चित करने वाले आप सभी दिग्गजों के बीच आना, अपने आप में बहुत सुखद अनुभव है. न्याय की जिस कुर्सी पर आप सभी बैठते हैं, वो सामाजिक जीवन में भरोसे और विश्वास का महत्वपूर्ण स्थान है.' पीएम ने कहा, 'पूज्य बापू का जीवन सत्य और सेवा को समर्पित था, जो किसी भी न्यायतंत्र की नींव माने जाते हैं. और हमारे बापू खुद भी तो वकील थे, बैरिस्टर थे. अपने जीवन का जो पहला मुकदमा उन्होंने लड़ा, उसके बारे में गांधी जी ने बहुत विस्तार से अपनी आत्मकथा में लिखा है.'

उन्होंने कहा कि 'हाल में कुछ ऐसे बड़े फैसले आए हैं, जिनको लेकर पूरी दुनिया में चर्चा थी. फैसले से पहले अनेक तरह की आशंकाएं व्यक्त की जा रही थीं. लेकिन हुआ क्या? 130 करोड़ भारतवासियों ने न्यायपालिका द्वारा दिए गए इन फैसलों को पूरी सहमति के साथ स्वीकार किया.'

प्रधानमंत्री ने कहा कि 'तमाम चुनौतियों के बीच, कई बार देश के लिए संविधान के तीनों पिलर्स ने उचित रास्ता ढूंढा है और हमें गर्व है कि भारत में इस तरह की एक समृद्ध परंपरा विकसित हुई है. बीते पाँच वर्षों में भारत की अलग-अलग संस्थाओं ने, इस परंपरा को और सशक्त किया है.'

सरकार द्वारा अनेक बदलाव किए गए- पीएम मोदी



कहा कि 'मुझे खुशी है कि इस कॉन्फ्रेंस में ‘Gender Just World’ के विषय को भी रखा गया है. दुनिया का कोई भी देश, कोई भी समाज लैंगिक न्याय के बिना पूर्ण विकास नहीं कर सकता और ना ही न्यायप्रियता का दावा कर सकता है.' उन्होंने कहा कि 'इसी तरह सैन्य सेवा में बेटियों की नियुक्ति हो, फाइटर पाइलट्स की चयन प्रक्रिया हो, माइन्स में रात में काम करने की स्वतंत्रता हो, सरकार द्वारा अनेक बदलाव किए गए हैं.'

प्रधानमंत्री ने कहा, 'मैं आज इस अवसर पर, भारत की न्यायपालिका का भी आभार व्यक्त करना चाहता हूं, जिसने विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन की गंभीरता को समझा है, उसमें निरंतर मार्गदर्शन किया है. कहा कि, सरकार का भी प्रयास है कि देश की हर कोर्ट को इ-कोर्ट इंटिग्रेटेड मिशन मोड प्रोजेक्ट से जोड़ा जाए. नेशनल ज्यूडिश्ल डाटा ग्रिड की स्थापना से भी कोर्ट की प्रक्रियाएं आसान बनेंगी.'

भ्रष्ट लोगों को 'निजता का कोई अधिकार नहीं'- रविशंकर प्रसाद
इसी कार्यक्रम में केन्द्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि आतंकवादियों और भ्रष्ट लोगों को 'निजता का कोई अधिकार नहीं' है और ऐसे लोगों को व्यवस्था का दुरुपयोग नहीं करने देना चाहिये.

कानून मंत्री ने सुप्रीम कोर्ट में 'न्यायपालिका और बदलती दुनिया' विषय पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय न्यायिक सम्मेलन 2020 में कहा कि लोकलुभावनवाद को कानून के तय सिद्धांतों से ऊपर नहीं होना चाहिये. प्रसाद ने कहा कि शासन की जिम्मेदारी निर्वाचित प्रतिनिधियों और निर्णय सुनाने का काम न्यायाधीशों पर पर छोड़ देना चाहिये.

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First published: February 22, 2020, 12:30 PM IST
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