मैसूर विश्वविद्यालय के शताब्दी समारोह में पीएम मोदी बोले- हमारी सरकार ने हर साल एक IIT खोली

मैसूर विश्वविद्यालय में संबोधित करते पीएम मोदी
मैसूर विश्वविद्यालय में संबोधित करते पीएम मोदी

मैसूर विश्वविद्यालय (Centenary Convocation 2020 of University of Mysore) के शताब्दी समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि नेशनल एजुकेशन पॉलिसी, प्री नर्सरी से लेकर पीएचडी तक देश के पूरे एजुकेशन सेटअप में मूलभूत बदलाव लाने वाला एक बहुत बड़ा अभियान है.

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  • Last Updated: October 19, 2020, 12:40 PM IST
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मैसूर/ नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को मैसूर विश्वविद्यालय के शताब्दी दीक्षांत समारोह को संबोधित किया. इस दौरान पीएम ने कहा, 'मैसूर विश्वविद्यालय, प्राचीन भारत की समृद्ध शिक्षा व्यवस्था और भविष्य के भारत की आकांक्षाओं और क्षमताओं का प्रमुख केंद्र है. इस विश्वविद्यालय ने "राजर्षि" नालवाडी कृष्णराज वडेयार और एम. विश्वेश्वरैया जी के विजन और संकल्पों को साकार किया है.'

प्रधानमंत्री ने कहा, 'हमारे यहां शिक्षा और दीक्षा, युवा जीवन के दो अहम पड़ाव माने जाते हैं. ये हज़ारों वर्षों से हमारे यहां एक परंपरा रही है. जब हम दीक्षा की बात करते हैं, तो ये सिर्फ डिग्री प्राप्त करने का ही अवसर नहीं है. आज का ये दिन जीवन के अगले पड़ाव के लिए नए संकल्प लेने की प्रेरणा देता है.'

छात्रों से पीएम ने कहा, 'अब आप एक फॉर्मल यूनिवर्सिटी कैंपस से निकलकर, रियल लाइफ यूनिवर्सिटी के विराट कैंपस में जा रहे हैं. ये एक ऐसा कैंपस होगा जहां डिग्री के साथ ही, आपकी क्षमता और काम आएगी.'



पांच सालों में बनाई 16 IIT's
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज़ादी के इतने वर्षों के बाद भी साल 2014 से पहले तक देश में 9 IITs थीं.  बीते 6 साल में औसतन हर साल एक नई IIT खोली गई है. इसमें से एक कर्नाटक के धारवाड़ में भी खुली है. इसके बाद के 6 सालों में 16 IIITs हो गई हैं.

PM ने कहा कि बीते 5-6 साल में 7 नए IIM स्थापित किए गए हैं. जबकि उससे पहले देश में 13 IIM ही थे. इसी तरह करीब 6 दशक तक देश में सिर्फ 7 एम्स देश में सेवाएं दे रहे थे. साल 2014 के बाद इससे दोगुने यानी 15 एम्स देश में या तो स्थापित हो चुके हैं या फिर शुरू होने की प्रक्रिया में हैं.

पीएम ने कहा कि बीते 5-6 सालों से उच्च शिक्षा में हो रहे प्रयास सिर्फ नए संस्थान खोलने तक ही सीमित नहीं है. इन संस्थाओं में गवर्नेंस में बदलाव से लेकर लैंगिक और सामाजिक सहभागित सुनिश्चित करने के लिए भी काम किया गया है. ऐसे संस्थानों को ज्यादा स्वायत्तता भी दी जा रही है.

पीएम ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति, पूर्व नर्सरी से लेकर पीएचडी तक देश के पूरे शिक्षा सेटअप में मौलिक परिवर्तन लाने वाला एक बहुत बड़ा अभियान है. हमारे देश के सामर्थ्यवान युवाओं को और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए बहुआयामी दृष्टिकोण पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है.
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