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राम मंदिर, कश्मीर और तीन तलाक... PM मोदी ने कहा- कांग्रेस के रास्ते पर चलते तो नहीं होते ये काम

News18Hindi
Updated: February 6, 2020, 2:51 PM IST
राम मंदिर, कश्मीर और तीन तलाक... PM मोदी ने कहा- कांग्रेस के रास्ते पर चलते तो नहीं होते ये काम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने कहा अपने अभिभाषण में राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ( President Ramnath Kovind) ने न्यू इंडिया का विजन रखा.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने कहा अपने अभिभाषण में राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ( President Ramnath Kovind) ने न्यू इंडिया का विजन रखा.

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नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) गुरुवार को लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस का जवाब दिया. धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलते हुए पीएम मोदी ने कांग्रेस पर कई वार किए. पीएम ने कहा, 'अगर आपके बनाये रास्ते पर चलते तो आज भी मंदिर विवाद ही रहता. अगर आपके रास्ते पर चलते तो तीन तलाक नहीं हटता, 370 नहीं हट पाता. आपकी ही सोच अगर होती, तो करतापुर साहिब कोरिडोर कभी नहीं बन पाता.'

उन्होंने कहा, 'अगर हम कांग्रेस के रास्ते चलते तो 50 साल बाद भी शत्रु संपत्ति कानून अटका रहता. बांग्लादेश से सीमा विवाद नहीं सुलझता.35 साल बाद भी देशी लड़ाकू विमान नहीं बनता. 20 साल बाद भी CDS की नियुक्ति नहीं होती.'

राहुल गांधी के 'डंडे वाले' बयान का दिया जवाब
इस दौरान पीएम मोदी ने राहुल गांधी के 'डंडे मारने' वाले बयान का भी जवाब दिया. पीएम मोदी ने कहा, 'लोग मुझे डंडे मारने की बात कहते हैं. लेकिन उन्होंने छह महीने की बात कही है, ऐसा करने की तैयारी करने में इतना समय तो लगता ही है. छह महीने में कोशिश करूंगा कि सूर्य नमस्‍कार की संख्‍या बढ़ा दूंगा. अपनी पीठ को मजबूत बना लूंगा.'

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को दिल्ली में एक रैली के दौरान पीएम मोदी को लेकर आपत्तिजनक बयान दिया था. उन्होंने कहा था, 'देश के युवा बेरोजगार हैं और वो गुस्से में हैं. 6 महीने बाद वे पीएम मोदी को डंडे से मारेंगे.'

 

 हमें यहां आकर काम करने का अवसर मिला
पीएम ने कहा, लोगों ने सिर्फ एक सरकार बदली है, केवल ऐसा नहीं है, बल्कि सरोकार भी बदलने की अपेक्षा की है.इस देश की एक नई सोच के साथ काम करने की इच्छा और अपेक्षा के कारण हमें यहां आकर काम करने का अवसर मिला है.

पीएम ने कहा, 'कोई इस बात से इंकार नहीं कर सकता कि देश चुनौतियों से लोहा लेने के लिए हर पल कोशिश करता रहा है. कभी कभी चुनौतियों की तरफ न देखने की आदतें भी देश ने देखी है, चुनौतियों को चुनने का सामर्थ्य नहीं, ऐसे लोगों को भी देखा.'

कहा कि 'लेकिन आज दुनिया की भारत से जो अपेक्षा है, हम अगर चुनौतियों को चुनौती नहीं देते, अगर हम हिम्मत नहीं दिखाते और अगर हम सबको साथ लेकर चलने की गति नहीं दिखाते तो हमें लंबे अरसे तक समस्याओं से जूझना होता.'

37 करोड़ लोगों के बैंक अकाउंट इतनी जल्दी नहीं खुलते
पीएम ने कहा, 'हमने जिस तेज गति से काम किया है, उसका परिणाम है कि देश की जनता ने इसे देखा और देखने के बाद, उसी तेज गति से आगे बढ़ने के लिए हमें फिर से सेवा का मौका दिया. अगर ये तेज गति न होती तो 37 करोड़ लोगों के बैंक अकाउंट इतनी जल्दी नहीं खुलते.'

पीएम ने कहा कि अगर गति तेज न होती तो 11 करोड़ लोगों के घरों में शौचालय न बनते. 13 करोड़ गरीब लोगों के घर में गैस का चूल्हा नहीं पहुंचता. 2 करोड़ नए घर गरीबों के लिए नहीं बनते. लंबे समय से अटकी दिल्ली की 1,700 कॉलोनियों को नियमित करने का काम पूरा न होता.



बोड़ो जनजाति के लोगों का भला नहीं हुआ...
पीएम ने कहा कि 'नॉर्थ ईस्ट में पिछले 5 वर्ष में जो दिल्ली उन्हें दूर लगती थी, आज वही दिल्ली उनके दरवाजे पर जाकर खड़ी हो गई है. चाहे बिजली की बात हो, रेल की बात हो, हवाई अड्डे की बात हो, मोबाइल कनेक्टिविटी की बात हो, ये सब करने का हमने प्रयास किया है. बोड़ो जनजाति की चर्चा में कहा कि ये कोई पहली बार नहीं हुआ. लेकिन पहले जो कुछ भी हुआ, राजनीति के तराजू से तौलकर किया, जो भी किया आधे-अधूरे मन से किया गया. पहले समझौते तो हुए, फोटो भी छप गई, लेकिन कागज पर किये समझौते से बोड़ो जनजाति के लोगों का भला नहीं हुआ.'

कहा कि  इस बार के बोडो समझौते में सभी हथियारी ग्रुप साथ आए हैं. सबसे महत्वपूर्ण बात इसके अग्रीमेंट में लिखा है कि इसके बाद बोडो की कोई मांग बाकी नहीं रही है. आज नई सुबह भी आई है, नया सवेरा भी आया है, नया उजाला भी आया है.'

पीएम ने कहा, हम जानते हैं कि डेढ़ गुना एमएसपी का विषय लंबे समय से अटका था, ये किसानों के प्रति हमारी जिम्मेदारी थी कि हमने उसे पूरा किया. वर्षों से लटकी करीब 99 सिंचाई परियोजनाओं पर 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च करके पूरा किया और अब किसानों को उसका लाभ मिल रहा है.

100 लाख टन दाल और तिलहन की खरीद हुई
पीएम फसल बीमा योजना से किसानों में एक विश्वास पैदा हुआ है. इस योजना के अंतर्गत किसानों से करीब 13 हजार करोड़ रूपये का प्रीमियम आया. लेकिन प्राकृतिक आपदा के कारण किसानों को जो नुकसान हुआ, उसके लिए किसानों को करीब 56 हजार करोड़ इस बीमा योजना से प्राप्त हुए.

कहा कि किसानों की आय बढ़े, ये हमारी प्राथमिकता है. इनपुट कॉस्ट कम हो ये हमारी प्राथमिकता है. हमारे देश में पहले 7 लाख टन दाल और तिलहन की खरीद हुई. जबकि हमारे कार्यकाल में 100 लाख टन दाल और तिलहन की खरीद हुई.



मैक्रो इकॉनमिक स्टेबिलिटी भी बनी रही
पीएम ने कहा, कुछ माननीय सदस्य कहते हैं कि ये काम क्यों नहीं हुआ, कब तक करेंगे, कब होगा, कैसे होगा.  तो कुछ लोगों को लगता है कि आप आलोचना करते हैं, लेकिन मुझे नहीं लगता कि आप आलोचना करते हैं. मुझे खुशी है कि आप मुझे समझते हैं, आपको भी पता है कि करेगा तो ये ही करेगा.

पीएम ने कहा, हमने समस्याओं के समाधान खोजने का लगातार प्रयास किया है और उसी का परिणाम है कि अर्थव्यवस्था में  फिस्कल डेफिसिट बनी रही बनी रही है, महंगाई नियंत्रित रही है और मैक्रो इकॉनमिक स्टेबिलिटी भी बनी रही है.

अर्थव्यवस्था को गति मिले इसके लिए भी हमने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए
पीएम ने कहा कि हमारा विज़न - ग्रेटर इन्वेस्टमेंट, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और बढ़ी हुई वैल्यू एडिशन और ज्यादा से ज्यादा जॉब क्रिएशन पर है.

पीएम ने कहा अर्थव्यवस्था को गति मिले इसके लिए भी हमने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए है. जनवरी 2019 से जनवरी 2020 के बीच 6 बार जीएसटी राजस्व 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रहा है. FDI, अप्रैल-सितंबर 2018 में 22 बिलियन डॉलर था. आज उसी अवधि में ये 26 बिलियन डॉलर को पार कर गया है.

प्रधानमंत्री ने कहा, मुद्रा योजना, मेक इन इंडिया जैसी योजनाओं ने देश में स्वरोजगार को बहुत बड़ी ताकत दी है. देश में पहली बार करोड़ों लोग मुद्रा योजना से खुद तो रोजी-रोटी कमाने लगे हैं और दूसरों को भी रोजगार देने लगे हैं.

'साफ़ छुपते भी नहीं सामने आते भी नहीं'
राहुल गांधी द्वारा दिल्ली चुनाव 2020 की एक सभा के दौरान की गई एक टिप्पणी पर प्रधानमंत्री ने कहा, मैंने कांग्रेस के एक नेता का कल वक्तव्य सुना कि 6 महीने में मोदी को डंडे मारेंगे. ये काम थोड़ा कठिन है, तो तैयारी में 6 महीने लगते ही हैं. मैंने भी तय किया है कि 6 महीने में सूर्य नमस्कार की संख्या बढ़ा दूंगा . पीएम ने कहा, 20 साल से मैंने जिस प्रकार से गंदी गाली सुनकर खुद को गालीप्रूफ बना दिया है तो, 6 महीने ऐसी मेहनत करूंगा की मेरी पीठ को हर डंडा सहने की ताकत मिले.

पीएम ने कहा, देश की अर्थव्यवस्था को ताकत देने में इंफ्रास्ट्रक्चर का बहुत बड़ा महत्व होता है. जितना ज्यादा बल हम इंफ्राफ्ट्रक्चर को देते हैं, वो अर्थव्यवस्था, रोजगार और नए उद्योगों को गति देता है. इसलिए हम इंफ्रास्ट्रक्चर के कामों में गति लाए हैं. इरीगेशन से लेकर इंडस्ट्री तक, रोड से लेकर पोर्ट्स तक और एयर वे से लेकर वाटर वे तक हमने अनेक फैसले लिए हैं. गत 5 वर्षों में देश ने ये देखा है और देखा है तभी तो यहां दोबारा बैठाया है.

आपातकाल कौन लाया? न्यायपालिका को किसने रौंदा?
प्रधानमंत्री ने दाग देहलवी का शेर भी कहा. पीएम ने कहा,
'ख़ूब पर्दा है कि चिलमन से लगे बैठे हैं
साफ़ छुपते भी नहीं सामने आते भी नहीं.'

पीएम ने कहा, दिल्ली में ट्रैफिक, के बीच हजारों ट्रक गुजरते थे. पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे को पूरा करने का 2009 में यूपीए सरकार का संकल्प था. 2014 तक वो कागजों तक ही सीमित रहा. 2014 में आने के बाद हमने मिशन मोड पर काम किया और आज ये काम पूरा हो गया है.

पीएम ने कहा, आपातकाल कौन लाया? न्यायपालिका को किसने रौंदा? संविधान में सबसे अधिक संशोधन कौन लाया है? किसने अनुच्छेद 356 को सबसे अधिक लागू किया? जिन लोगों ने उपरोक्त कार्य किये हैं, उन्हें हमारे संविधान का गहन ज्ञान प्राप्त करने की आवश्यकता है.

संविधान बचाने की शिक्षा लेना बहुत जरूरी
पीएम ने कहा, कैबिनेट ने एक प्रस्ताव पारित किया हो और उस प्रस्ताव को प्रेस कॉन्फ्रेंस में फाड़ देने वाले लोगों को संविधान बचाने की शिक्षा लेना बहुत जरूरी है. जिन्होंने लोगों से जीने का कानून छीनने की बात कही थी, उन्हें बार-बार संविधान बोलना भी पड़ेगा, पढ़ना भी पड़ेगा. जो लोग सबसे ज्यादा बार संविधान को बदलने का प्रस्ताव लाए हैं, उन्हें संविधान बचाने की बात करनी ही पड़ेगी.

कहा कि संविधान की वकालत के नाम पर दिल्ली और देश में क्या क्या हो रहा है, वो देश देख  भी रहा है, समझ भी रहा है और देश की चुप्पी भी कभी न कभी रंग तो लाएगी ही. सर्वोच्च अदालत संविधान में व्रतीत एक महत्वपूर्ण अंग है, वो सर्वोच्च अदालत बार बार ये कहे कि आंदोलन ऐसे न हो जो सामान्य मानवी को तकलीफ दे और  हिंसा के रास्ते पर न चले. लेकिन वामपंथी और कांग्रेस के लोग वहां जाकर लोगों को उकसा रहे हैं और भड़काऊ बातें कर रहे हैं.



कश्मीर की पहचान सूफी परंपरा और सर्व पंथ समभाव की
कहा कि कांग्रेस के समय हिंदुस्तान की क्या स्थिति थी, लोगों के अधिकार की स्थिति क्या थी, ये मैं इनसे पूछना चाहता हूं. अगर ये लोग मानते कि संविधान इतना महत्वपूर्ण है तो, हिंदुस्तान के संविधान को जम्मू कश्मीर में लागू करने से इन्हें किसने रोका था.

पीएम ने कहा कि कश्मीर भारत का मुकुटमणि है. कश्मीर की पहचान बम, बंदूक और अलगाववाद की बना दी गई थी. 19 जनवरी 1990 की वो काली रात को कुछ लोगों ने कश्मीर की पहचान को दफना दिया था. कश्मीर की पहचान सूफी परंपरा और सर्व पंथ समभाव की है.

क्या ऐसी बातों को कोई स्वीकार कर सकता है?
कश्मीर के मुद्दे पर पीएम ने कहा, महबूबा मुफ्ती जी ने कहा था कि 'भारत ने कश्मीर के साथ धोखा किया है. हमने जिस देश के साथ रहने का फैसला किया था, उसने हमें धोखा दिया है. ऐसा लगता है कि हमने 1947 में गलत चुनाव कर लिया था.'

पीएम ने कहा, संविधान को मानने वाले लोग ऐसी बात को स्वीकार कर सकते हैं क्या? उमर अब्दुल्ला ने कहा था कि अनुच्छेद 370 को हटाना ऐसा भूकंप लाएगा कि कश्मीर भारत से अलग हो जाएगा. फारुख अब्दुल्ला ने कहा था 370 को हटना कश्मीर के लोगों की आजादी का मार्ग प्रशस्त करेगा. क्या ऐसी बातों को कोई स्वीकार कर सकता है क्या?

पीएम ने कहा, हमारे देश में सिक्किम ऐसा प्रदेश है जिसने ऑर्गेनिक प्रदेश के रूप में अपनी पहचान बनाई है. देश के दूसरे राज्यों को सिक्किम जैसे छोटे राज्य ने प्रेरणा दी है. लद्दाख के लिए मेरे मन में चित्र साफ है. इसलिए हम चाहते हैं कि जिस प्रकार भूटान की प्रशंसा होती है, हम संकल्प लेते हैं कि हम लद्दाख को भी कार्बन न्यूट्रल इकाई के रूप में विकसित करेंगे.



'टुकड़े टुकड़े' करने वालों के बगल में खड़े होकर  फोटो खिंचवाना पसंद
पीएम ने कहा, CAA को लेकर कुछ लोग कह रहे हैं कि इसे लाने की इतनी जल्दी क्या थी? कुछ माननीय सदस्यों ने कहा कि हम देश के टुकड़े करना चाहते हैं. विडंबना यह है कि ये वो लोग बोल रहे हैं जो देश के 'टुकड़े टुकड़े' करने वालों के बगल में खड़े होकर  फोटो खिंचवाना पसंद करते हैं.

पीएम ने कहा, हमारे लिए नार्थ-ईस्ट वोट के तराजू से तोलने वाला क्षेत्र नहीं है. भारत की एकता और अखंडता के साथ दूर क्षेत्रों में बैठे हुए नागरिकों के लिए, उनके सामर्थ्य का भारत के विकास में उपयुक्त उपयोग हो, इस श्रद्धा और नागरिकों पर अपार विश्वास के साथ आगे बढ़ने का हमारा प्रयास रहा है.

पीएम ने कहा, हमें याद दिलाया जा रहा है कि क्विट इंडिया और जय हिंद का नारा देने वाले हमारे मुस्लिम ही थे. दिक्कत यही है कि कांग्रेस की नजर में ये लोग हमेशा ही सिर्फ और सिर्फ मुस्लिम थे. लेकिन हमारे लिए, हमारी नजर में वो भारतीय हैं, हिंदुस्तानी हैं.

बता दें बजट सत्र शुरू होने से पहले राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने दोनों सदनों को संबोधित किया था. अपने अभिभाषण में राष्ट्रपति ने देश की उम्मीदों और आकांक्षाओं के जिक्र के साथ ही सरकार की उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला था.

अभिभाषण प्रस्ताव पर चर्चा की शुरुआत भारतीय जनता पार्टी के सांसद प्रवेश वर्मा ने की थी. इसके बाद सभी सांसदों ने अपना पक्ष रखा. इस चर्चा में संशोधित नागरिकता कानून छाया रहा. एक ओर जहां सत्तापक्ष ने इस कानून से पीछे ना हटने की बात कही तो वहीं कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों सरकार से मांग की है कि इस कानून में संशोधन लाया जाय.

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First published: February 6, 2020, 11:41 AM IST
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