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पीएम मोदी ने कांग्रेस और विपक्ष को याद दिलाया पंडित नेहरू का बयान, जानें क्या कहा?

भाषा
Updated: February 6, 2020, 8:04 PM IST
पीएम मोदी ने कांग्रेस और विपक्ष को याद दिलाया पंडित नेहरू का बयान, जानें क्या कहा?
सीएए के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन पर पीएम मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधा.

नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के संदर्भ में मोदी (PM Modi) ने प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू (Pt. Jawahar lal Nehru) को उद्धृत करते हुए कहा ‘इसमें कोई संदेह नहीं हैं कि जो प्रभावित लोग भारत में बसने के लिए आए हैं, ये नागरिकता मिलने के अधिकारी हैं और अगर इसके लिए कानून अनुकूल नहीं हैं तो कानून में बदलाव किया जाना चाहिए.’

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नई दिल्ली. विपक्ष पर संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शनों को उकसाने का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि संविधान बचाने के नाम पर दिल्ली और देश में क्या हो रहा है, वह पूरा देश देख रहा है और देश की चुप्पी कभी न कभी रंग लाएगी. प्रधानमंत्री ने चेताया कि संसद, राज्य विधानसभाओं के फैसलों के खिलाफ सड़कों पर विरोध प्रदर्शनों, आगजनी से ‘अराजकता’ आ सकती है और सभी को इससे चिंतित होने की जरूरत है.

नागरिकता संशोधन कानून के संदर्भ में मोदी ने प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू को उद्धृत करते हुए कहा ‘इसमें कोई संदेह नहीं हैं कि जो प्रभावित लोग भारत में बसने के लिए आए हैं, ये नागरिकता मिलने के अधिकारी हैं और अगर इसके लिए कानून अनुकूल नहीं हैं तो कानून में बदलाव किया जाना चाहिए.’ प्रधानमंत्री ने कहा, ‘जो लोग हम पर आरोप लगा रहे हैं, उनसे पूछना चाहता हूं कि क्या पंडित नेहरू हिन्दू-मुस्लिम भेद करते थे? क्या पंडित नेहरू हिन्दू राष्ट्र बनाना चाहते थे?’ लोकसभा में करीब 100 मिनट के अपने जवाब में मोदी ने कश्मीर, अर्थव्यवस्था, बेरोजगारी, किसानों की समस्या के समाधान सहित विविध मुद्दों को रेखांकित किया. उन्होंने विपक्षी नेताओं पर चुटकी भी ली और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए कहा कि ‘‘बहुत सी ट्यूबलाइट....ऐसे ही होते हैं.’

CAA पर विरोध से लोगों ने देखा दल के लिए कौन और देश के लिए कौन
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर लोकसभा में हुई चर्चा का जवाब देते हुए मोदी ने कांग्रेस की पिछले 70 साल की राजनीति को लेकर उस पर हमला किया और कहा कि इस राजनीति के कारण कोई भी कांग्रेसी नेता ‘आत्मनिर्भर’नहीं हो पाया. उन्होंने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) पर हो रहे प्रदर्शनों से देश ने देख लिया कि ‘दल के लिए कौन है और देश के लिए कौन है.’ उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सीएए से हिंदुस्तान के किसी भी नागरिक पर किसी भी प्रकार का कोई प्रभाव नहीं पड़ने वाला.

विपक्ष बोल रहा पाकिस्तान की भाषा
मोदी ने सीएए को लेकर विपक्ष पर ‘काल्पनिक भय’ पैदा करने का आरोप लगाया और उनके रुख को पाकिस्तान के रूख से जोड़ते हुए कहा कि ऐसी ही भाषा पाकिस्तान बोलता है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान इसमें सफल नहीं हो सका, और यह आश्चर्यजनक है कि जिन लोगों को जनता से सत्ता से बाहर कर दिया, वे ऐसी चीजें कर रहे हैं. नागरिकता संशोधन कानून पारित कर संविधान का उल्लंघन करने के विपक्ष के आरोपों की ओर इशारा करते हुए प्रधानमंत्री ने कांग्रेस को देश में आपातकाल लागू करने, चुनी हुई कई राज्य सरकारों को गिराने जैसी विभिन्न घटनाओं का हवाला दिया और कहा, ‘संविधान बचाने की बात कांग्रेस को दिन में 100 बार बोलनी चाहिए, ये तो उनका मंत्र होना चाहिए.’ उन्होंने कहा, ‘इसलिए जितनी बार आप संविधान बोलोगे, कुछ चीजें आपको अपनी गलतियों का एहसास करा देंगी.’

कहा-कश्मीर भारत का मुकुट मणिपीएम मोदी ने कहा, ‘न्यायपालिका को किसने रौंदा? संविधान में सबसे अधिक संशोधन कौन लाया है? किसने अनुच्छेद 356 को सबसे अधिक लागू किया? जिन लोगों ने उपरोक्त कार्य किए हैं, उन्हें हमारे संविधान का गहन ज्ञान प्राप्त करने की आवश्यकता है?’जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 को समाप्त करने संबंधी राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला के बयानों के लिए उन्हें आड़े हाथ लेते हुए मोदी ने कहा ‘कश्मीर भारत का मुकुटमणि है. कश्मीर की पहचान सूफी परंपरा और सर्व पंथ समभाव की है. कश्मीर की पहचान बम, बंदूक और अलगाववाद की बना दी गई थी.’

उन्होंने कश्मीर घाटी से कश्मीरी पंडितों के पलायन की ओर संकेत करते हुए कहा, ‘19 जनवरी 1990 की उस काली रात में कुछ लोगों ने कश्मीर की पहचान को दफना दिया था.’सीएए को लेकर देश भर में हो रहे विरोध प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘संविधान बचाने के नाम पर दिल्ली और देश में क्या हो रहा है, वह पूरा देश देख रहा है और देश की चुप्पी कभी न कभी रंग लाएगी.’ बता दें कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सहित कुछ विपक्षी दलों ने सरकार पर ध्रुवीकरण के जरिए देश को बांटने का आरोप लगाते हुए दावा किया था कि सीएए और एनआरसी की उसकी ‘साजिश’ को विफल करने और संविधान को बचाने के लिये लोग सड़कों पर निकल आए हैं. विपक्ष ने दावा किया कि CAA के मुददे की वजह से भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि धूमिल हुई है. कुछ विपक्षी दलों ने सरकार पर देश को हिन्दू राष्ट्र बनाने का प्रयास करने का आरोप लगाया था.

सीएए से किसी हिंदुस्तानी की नागरिकता खतरे में नहीं
चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘मैं पूरी जिम्मेदारी से देश की 130 करोड़ जनता को कहना चाहता हूं कि सीएए का हिन्दुस्तान के किसी नागरिक पर किसी प्रकार का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा. चाहे वह हिन्दू हो, मुस्लिम हो, सिख हो या ईसाई हो, चाहे कोई और हो.’उन्होंने कहा, ‘भारत के अल्पसंख्यकों को इससे कोई नुकसान नहीं हो सकता है. जिन लोगों को देश की जनता ने नकार दिया है, जिन्हें घर भेज दिया, वे ऐसी बात कर रहे हैं जो कोई सोच भी नहीं सकता.’ मोदी ने तत्कालीन कांग्रेस नेता भूपेंद्र कुमार दत्त और पाकिस्तान के पहले कानून मंत्री जोगेंद्र दास मंडल का जिक्र करते हुए कहा कि इन्हें भी वहां अत्याचारों के बाद पाकिस्तान से अंतत: भारत लौटना पड़ा और उन्होंने अंतिम सांस देश की धरती पर ली.

1984 के दंगों के बहाने कांग्रेस को घेरा
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मोदी ने पूछा कि क्या कांग्रेस को 1984 के दिल्ली के सिख विरोधी दंगे याद नहीं, क्या वो अल्पसंख्यक नहीं थे? सिखों के गले में टायर बांध कर जला दिया गया था. उन्होंने आरोप लगाया कि इतना ही नहीं, उन दंगों के आरोपियों को जेल तक नहीं भेजा अपितु जिन पर दंगों को भड़काने के आरोप लगे हैं, उन्हें मुख्यमंत्री बना दिया. प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, ‘कांग्रेस और उसके जैसे दलों ने जिस दिन भारत को भारत की नजर से देखना शुरु किया, उस दिन उन्हें अपनी गलती का अहसास होगा.’ प्रधानमंत्री ने चेताया कि संसद, राज्य विधानसभाओं के फैसलों के खिलाफ सड़कों पर विरोध प्रदर्शनों से ‘अराजकता’ आ सकती है.

उन्होंने पूछा कि क्या होगा अगर लोगों ने राजस्थान विधानसभा के निर्णय को स्वीकार करने से मना कर दिया और धरने एवं तोड़फोड़ का मार्ग अपना लिया. उन्होंने मध्यप्रदेश के संदर्भ में भी ऐसा ही सवाल किया. बता दें कि इन दोनों राज्यों में कांग्रेस की सरकार है. उन्होंने पूछा कि क्या देश ऐसे चलेगा. यह रास्ता अराजकता है और इससे आपको (विपक्ष को) भी समस्याएं होंगी. मोदी ने पूर्ववर्ती कांग्रेस नीत सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले जो कुछ भी हुआ, ‘राजनीति के तराजू से तौलकर और आधे-अधूरे मन से किया गया’ जबकि उनकी सरकार ने चुनौतियों को चुनौती देते हुए समस्याओं का समाधान निकालने के लिये दीर्घकालिक नीति के तहत काम किया, जिससें अर्थव्यवस्था आगे बढ़ी तथा वित्तीय घाटा एवं महंगाई स्थिर रही.



प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर प्रहार जारी रखते हुए कहा कि अगर वह उनकी सोच के साथ चलते तो राम जन्मभूमि आज भी विवादों में रहती, करतारपुर साहिब गलियारा कभी नहीं बन पाता और भारत-बांग्लादेश विवाद कभी नहीं सुलझता. प्रधानमंत्री ने कहा, ‘अर्थव्यवस्था को गति मिले, इसके लिए भी हमने कई महत्वपूर्ण निर्णय किए है. जनवरी 2019 से जनवरी 2020 के बीच 6 बार जीएसटी राजस्व 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रहा है.’ उन्होंने कहा कि प्रत्यक्ष विदेश निवेश (एफडीआई) अप्रैल-सितंबर 2018 में 22 अरब डॉलर था और अगले साल उसी अवधि में यह 26 अरब डॉलर को पार कर गया है.

सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के साथ समस्याओं के समाधान निकाल रही सरकार
राष्ट्रपति के अभिभाषण को 130 करोड़ लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने वाला बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में कहा कि ‘सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास’ के मंत्र को लेकर सरकार समस्याओं के समाधान के लिए सतत प्रयासरत है. राष्ट्रपति अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर राज्यसभा में हुई चर्चा का जवाब दे रहे मोदी ने विपक्ष पर, चर्चा के दौरान कोई सकारात्मक सुझाव नहीं देने के लिये कटाक्ष किया. उन्होंने कहा, ‘उच्च सदन से मेरे जैसे नये सदस्यों को मार्गदर्शन की अपेक्षा थी लेकिन मुझे निराशा हाथ लगी. ऐसा लगता है कि आप जहां ठहर गये हैं वहां से आगे बढ़ने का नाम नहीं ले रहे हैं.’

जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान पांच अगस्त 2019 को हटाए जाने के संदर्भ में मोदी ने कहा ‘जम्मू कश्मीर और लद्दाख को लेकर जो भी फैसले किये गये, वे व्यापक चर्चा के बाद लिए गए. जम्मू कश्मीर के लिये पांच अगस्त 2019 का दिन काला दिन नहीं था, बल्कि आतंकवाद और अलगाववाद को बढ़ावा देने वालों के लिये यह दिन काला दिन साबित हुआ है.’

मोदी ने कहा ‘जम्मू कश्मीर में 18 महीनों में 3.30 लाख घरों को बिजली के कनेक्शन मिले, 3.5 लाख से ज्यादा लोगों को आयुष्मान योजना के तहत गोल्ड कार्ड मिले और 1.5 लाख बुजुर्गों, दिव्यांगों को पेंशन मिली.’विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे ‘‘संविधान खतरे में होने के’’ आरोप पर मोदी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के उस वक्तव्य का स्मरण करना जरूरी है जिसमें उन्होंने कहा था कि तेलंगाना के मुद्दे पर सतत आंदोलन से भारत में लोकतंत्र को खतरा है.’

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First published: February 6, 2020, 8:04 PM IST
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