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लखनऊ विश्वविद्यालय के शताब्दी समारोह में बोले PM मोदी- कोरोना से संयम के साथ लड़ रहे देशवासी

पीएम मोदी ने कहा कि विश्वविद्यालय सिर्फ उच्च शिक्षा का ही केंद्र नहीं होती, ये ऊंचे संकल्पों, ऊंचे लक्ष्यों को साधने की एक बहुत बड़ी ऊर्जा भूमि होती है.
पीएम मोदी ने कहा कि विश्वविद्यालय सिर्फ उच्च शिक्षा का ही केंद्र नहीं होती, ये ऊंचे संकल्पों, ऊंचे लक्ष्यों को साधने की एक बहुत बड़ी ऊर्जा भूमि होती है.

Centennial Foundation Day of Lucknow University: पीएम मोदी ने कहा कि आज हम देख रहे हैं कि देश के नागरिक कितने संयम के साथ कोरोना की इस मुश्किल चुनौती का सामना कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि देश को प्रेरित और प्रोत्साहित करने वाले नागरिकों का निर्माण शिक्षा के ऐसे संस्थानों में ही होता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 26, 2020, 12:17 AM IST
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नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने बुधवार को लखनऊ विश्वविद्यालय (Lucknow University) की स्थापना के 100 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किए गए कार्यक्रम को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित किया. प्रधानमंत्री ने लखनऊ विश्वविद्यालय को 100 साल पूरा होने की शुभकामनाएं दीं. पीएम मोदी ने कहा कि लखनऊ विश्वविद्यालय परिवार को 100 वर्ष पूरा होने पर हार्दिक शुभकामनाएं. 100 वर्ष का समय सिर्फ एक आंकड़ा नहीं है. इसके साथ अपार उपलब्धियों का एक जीता जागता इतिहास जुड़ा है. प्रधानमंत्री ने कहा कि 100 साल की इस यात्रा में यहां से निकले व्यक्तित्व राष्ट्रपति पद पर पहुंचे. राज्यपाल बने. विज्ञान का क्षेत्र हो या न्याय का, राजनीतिक हो या प्रशासनिक, शैक्षणिक हो या सांस्कृतिक या फिर खेल का क्षेत्र, हर क्षेत्र की प्रतिभाओं को लखनऊ विश्वविद्यालय ने संवारा है.

पीएम मोदी ने कहा कि बहुत सारे महान नाम हैं जो लखनऊ विश्वविद्यालय से जुड़े हैं. विश्वविद्यालय ने आधुनिक भारत को कई महान व्यक्तित्व दिए. मैं उन लोगों के साथ-साथ विश्वविद्यालय को भी इसके लिए धन्यवाद देना चाहता हूं. प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं लखनऊ विश्वविद्यालय को शताब्दी वर्ष तक पहुंचने के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं. उन्होंने कहा कि 100 वर्षों की अवधि में, विश्वविद्यालय से उत्तीर्ण पूर्व छात्र राष्ट्रपति और खिलाड़ी बन गए हैं. उन्होंने जीवन के हर क्षेत्र में बहुत कुछ हासिल किया है.

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देश को प्रेरित और प्रोत्साहित करते हैं शिक्षण संस्थान
पीएम मोदी ने कहा कि कल जब हम भारत के लोग अपना संविधान दिवस मनाएंगे, हम नेताजी सुभाष चंद्र बोस और अन्य लोगों के समर्पण को याद करेंगे जिन्होंने संविधान की नींव रखी थी. पीएम मोदी ने कहा कि आज हम देख रहे हैं कि देश के नागरिक कितने संयम के साथ कोरोना की इस मुश्किल चुनौती का सामना कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि देश को प्रेरित और प्रोत्साहित करने वाले नागरिकों का निर्माण शिक्षा के ऐसे संस्थानों में ही होता है. लखनऊ यूनिवर्सिटी दशकों से अपने इस काम को बखूबी निभा रही है.



पीएम मोदी ने कहा कि विश्वविद्यालय सिर्फ उच्च शिक्षा का ही केंद्र नहीं होती, ये ऊंचे संकल्पों, ऊंचे लक्ष्यों को साधने की एक बहुत बड़ी ऊर्जा भूमि होती है. ये हमारी भीतर की ताकत को जगाने की प्रेरणा स्थली भी है. प्रधानमंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालय को अपनी शैक्षणिक सीमाओं के अंतर्गत आने वाले जिलों में स्थानीय कौशल, स्थानीय उत्पादों से संबंधित पाठ्यक्रमों और कौशल विकास का विश्लेषण क्यों नहीं करना चाहिए?

पीएम मोदी ने कहा कि विश्वविद्यालय मूल्यवर्धन के लिए आवश्यक स्थानीय उत्पादों और आधुनिक समाधानों पर शोध कर सकता है स्थानीय उत्पादों के प्रबंधन से संबंधित ब्रांडिंग, मार्केटिंग और रणनीतियां आपके पाठ्यक्रम का हिस्सा हो सकती हैं.

पांच साल में टूटा खादी की बिक्री का रिकॉर्ड
पीएम मोदी ने खादी को लेकर कहा कि खादी को लेकर पहले लोगों का रुख बहुत उदासीन था. लोग मानते थे कि खादी बहुत बोर है लेकिन मैंने गुजरात का मुख्यमंत्री रहते हुए कुछ कदम उठाए और खादी को रिवाइव करने के कदम उठाए. पीएम मोदी ने बताया कि मैंने वहीं के विश्वविद्यालय के छात्रों से गांधी जयंती के दिन खादी का फैशन शो करने के लिए कहा. ये फैशन शो बहुत चर्चाओं में भी रहा. इसके बाद भी खादी को आम लोगों के करीब लाने के लिए कई कदम उठाए गए. पीएम मोदी ने कहा कि अब ये हाल है कि खबरें आती हैं कि एक दिन में खादी स्टोर पर एक करोड़ रुपये के सामान की बिक्री हो जाती है. पीएम मोदी ने कहा कि पिछले पांच सालों में खादी की बिक्री का 20 साल का रिकॉर्ड टूट गया.

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पीएम मोदी ने कहा कि हम कई बार अपनी सामर्थ्य का पूरा उपयोग नहीं करते हैं. यही समस्या पहले सरकारी तौर तरीकों में भी थी. प्रधानमंत्री ने कहा कि रायबरेली की रेल कोच फैक्ट्री में वर्षों पहले निवेश हुआ, संसाधन लगे, मशीनें लगीं, बड़ी-बड़ी घोषणाएं हुई, लेकिन कई वर्षों तक वहां सिर्फ डेंटिंग-पेंटिंग का ही काम होता था. पीएम मोदी ने कहा कि 2014 के बाद हमने सोच बदली, तौर तरीका बदला. परिणाम ये हुआ कि कुछ महीने में ही यहां से पहला कोच तैयार हुआ और आज यहां हर साल सैकड़ों कोच तैयार हो रहे हैं. सामर्थ्य के सही इस्तेमाल का ये एक उदाहरण है. हमने सरकार में आने के बाद एक के बाद एक नीतिगत निर्णय लिए. इसी का नतीजा है कि आज देश में यूरिया कारखाने पूरी क्षमता से काम कर रहे हैं.

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में छात्रों को आत्ममंथन करने के लिए प्रेरित किया. इसके साथ ही साथ छात्र जीवन का आंनद लेने के साथ-साथ लोगों को प्रेरित करने के काम करने के लिए भी निर्देशित किया.
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