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कुछ सप्ताह में मिलेगी वैक्सीन, एक करोड़ हैल्थ वर्कर्स के बाद दो करोड़ फ्रंटलाइनर्स को लगाई जाएगी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आईआईटी 2020 ग्लोबल समिट को संबोधित किया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आईआईटी 2020 ग्लोबल समिट को संबोधित किया.

Covid-19 Vaccine: कोविड-19 का टीका (Covid-19 Vaccine) कुछ सप्ताह में तैयार हो सकता है और वैज्ञानिकों की हरी झंडी मिलते ही देश में टीकाकरण अभियान शुरू कर दिया जाएगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 5, 2020, 1:36 AM IST
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नई दिल्ली.  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने शुक्रवार को कहा कि भारत में कोविड-19 का टीका (Covid-19 Vaccine) कुछ सप्ताह में तैयार हो सकता है और वैज्ञानिकों की हरी झंडी मिलते ही देश में टीकाकरण अभियान शुरू कर दिया जाएगा. कोरोना वायरस (corona virus) की स्थिति को लेकर चर्चा के लिए बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि कोरोना वायरस के मरीजों के इलाज में जुटे स्वास्थ्यकर्मियों, अग्रिम मोर्चे पर डटे अन्य कर्मियों तथा पहले से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे बुजुर्ग लोगों को टीकाकरण में प्राथमिकता दी जाएगी.

इस डिजिटल बैठक में विपक्षी नेताओं ने भी अपनी राय रखी. राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि कोरोना वायरस जैसी महामारियों से देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा पैदा हो सकता है और ऐसे में राष्ट्रीय स्तर पर नीतियां तय करने वालों को इस चुनौती से प्रभावी ढंग से निपटना चाहिए. आजाद ने इस बात पर जोर दिया कि कोरोना वायरस का टीका किफायती दर पर और जल्द हासिल करने के लिए देश को तैयारी करनी चाहिए. कोरोना वायरस महामारी की शुरुआत के बाद संक्रमण के हालात पर चर्चा करने के लिए सरकार की ओर से आयोजित यह दूसरी सर्वदलीय बैठक थी.

भारत के वैज्ञानिक अपनी सफलता को लेकर बहुत आश्वस्त
बैठक में स्वास्थ्य मंत्रालय ने प्रस्तुति थी. उसने कहा कि टीका आने के बाद पहले सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र में काम करने वाले करीब एक करोड़ स्वास्थ्यकर्मियों को टीका लगाया जाएगा और फिर अग्रिम मोर्चे पर डटे करीब दो करोड़ कर्मियों को टीका लगाया जाएगा. मोदी ने कहा, ‘कुछ दिन पहले भारत में टीका बनाने का प्रयास कर रहे वैज्ञानिकों के दल से काफी देर तक मेरी सार्थक बातचीत हुई. भारत के वैज्ञानिक अपनी सफलता को लेकर बहुत आश्वस्त हैं.’




गंभीर बीमारियों से जूझ रहे बुजुर्ग लोगों को दी जाएगी वैक्सीन
उन्होंने कहा, ‘विशेषज्ञ मानकर चल रहे हैं कि कोविड-19 के टीके के लिए अब बहुत ज्यादा इंतजार नहीं करना होगा और माना जा रहा है कि यह कुछ सप्ताह में तैयार हो सकता है.’ मोदी ने बताया कि जैसे ही वैज्ञानिकों की हरी झंडी मिलेगी भारत में कोविड-19 टीकाकरण का अभियान शुरू कर दिया जाएगा. टीकाकरण के पहले चरण में टीका किसे लगाया जाएगा, इसे लेकर भी केंद्र सरकार, राज्य सरकारों से मिले सुझावों के आधार पर काम कर रही है. इसमें प्राथमिकता कोरोना वायरस के मरीजों के इलाज में जुटे स्वास्थ्यकर्मियों, अग्रिम मोर्चे पर डटे अन्य कर्मियों तथा पहले से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे बुजुर्ग लोगों को दी जाएगी.’

कीमतें जनता को ध्यान में रखकर तय की जाएंगी
मोदी के मुताबिक, जहां तक कोविड-19 रोधी टीके की कीमत की बात है तो इस बारे में फैसला जनस्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए किया जाएगा और राज्य सरकारों की इसमें पूरी सहभागिता होगी. प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया की नजर कम कीमत वाले सबसे सुरक्षित टीके पर है और यह स्वाभाविक है कि पूरी दुनिया की नजर भारत पर भी है. उन्होंने कहा कि भारत के पास टीका वितरण की विशेषज्ञता और क्षमता भी दुनिया के अन्य देशों के मुकाबले बहुत बेहतर है. प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे पास टीकाकरण के लिए दुनिया का बहुत बड़ा और अनुभवी नेटवर्क भी मौजूद है जिसका पूरा लाभ उठाया जाएगा.

मोदी ने कहा, ‘आप एक तरह से मानकर चलिए कि सभी कमर कस कर तैयार बैठे हैं. करीब-करीब आठ ऐसे संभावित टीके हैं जो परीक्षण के अलग-अलग चरण में हैं और जिनका उत्पादन भारत में ही होना है. भारत के अपने तीन अलग-अलग टीकों का परीक्षण अलग-अलग चरणों में है.’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि कई बार अफवाहें फैल जाती हैं जो जनहित और राष्ट्रहित के खिलाफ होती हैं. उन्होंने कहा कि हमारी जिम्मेदारी जागरुकता फैलाने की है.

मोदी ने विभिन्न दलों के नेताओं को बताया कि भारत ने एक विशेष सॉफ्टवेयर ‘को-विन’ भी बनाया है जिसमें संबंधित समस्त जानकारी होगी. उन्होंने कहा कि भारत ने जिस तरह कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई लड़ी है, वह प्रत्येक देशवासी की अदम्य इच्छाशक्ति को दर्शाता है. विकसित देशों, अच्छे स्वास्थ्य देखभाल ढांचे वाले देशों की तुलना में भी भारत ने इस लड़ाई को कहीं बेहतर तरीके से लड़ा है और अपने ज्यादा से ज्यादा नागरिकों की जान बचाई है.

मोदी ने कहा, ‘‘हम भारतीयों का संयम, हम भारतीयों का साहस, हम भारतीयों का सामर्थ्य, इस पूरी लड़ाई के दौरान अतुलनीय रहा है, अभूतपूर्व रहा है.’ उन्होंने कहा, ‘‘भारत आज उन देशों में शामिल है जहां पर प्रतिदिन जांच बहुत ज्यादा हो रही है. भारत आज उन देशों में शामिल है जहां पर संक्रमितों के स्वस्थ होने की दर भी बहुत ज्यादा है. भारत उन देशों में भी शामिल है जहां पर कोरोना वायरस की वजह से होने वाली मृत्यु दर इतनी कम है.’ मोदी ने कुछ देशों में कोविड-19 के मामलों में हाल ही में हुई वृद्धि की ओर इशारा करते हुए कहा कि कोई नहीं जानता कि भविष्य कैसा होगा. उन्होंने ऐसे में वायरस से बचने के लिए मास्क पहनने तथा सामाजिक दूरी बनाकर रखने जैसे नियमों का पालन करने की जरूरत बताई.

बैठक में तृणमूल कांग्रेस के नेता सुदीप बंदोपाध्याय ने कहा कि राज्य सरकारें कोरोना महामारी से निपटने के लिए केंद्र सरकार के साथ सहयोग करती आ रही हैं तथा वे संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए उपायों के साथ भी सामने आ रही हैं. बैठक में संसद में विभिन्न दलों के सदन के नेताओं ने भाग लिया. कांग्रेस की ओर से अधीर रंजन चौधरी और गुलाम नबी आजाद, तृणमूल कांग्रेस की ओर से सुदीप बंधोपाध्याय, राकांपा से शरद पवार और सपा के रामगोपाल यादव ने इसमें शिरकत की. केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन और संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी भी बैठक में उपस्थित थे.
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