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धुएं की चादर में लिपटा उत्‍तर भारत: प्रदूषण पर कैसे हो कंट्रोल, पीएम मोदी ने की मीटिंग

News18Hindi
Updated: November 5, 2019, 8:28 PM IST
धुएं की चादर में लिपटा उत्‍तर भारत: प्रदूषण पर कैसे हो कंट्रोल, पीएम मोदी ने की मीटिंग
यह बैठक प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पी के मिश्रा द्वारा दिल्ली, पंजाब और हरियाणा के शीर्ष अधिकारियों के साथ रविवार और सोमवार को की गई एक के बाद एक समीक्षा बैठकों के बाद हुई है. File photo

प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के अनुसार मोदी (Modi) ने पश्चिम भारत के हिस्सों में चक्रवातीय दशाओं से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा भी की. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक मंगलवार को सुबह पौने नौ बजे के 365 से घटकर पौने चार बजे 331 हो गया.

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  • Last Updated: November 5, 2019, 8:28 PM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली और उसके आसपास के क्षेत्रों में वायु की गुणवत्ता ‘गंभीर’ और ‘बहुत खराब’ के बीच रहने के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने उत्तर भारत में प्रदूषण (Pollution) की स्थिति पर चर्चा करने के लिए मंगलवार को एक बैठक की अध्यक्षता की. प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने ट्वीट किया, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने एक बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें उत्तरी भारत के विभिन्न हिस्सों में प्रदूषण के कारण उत्पन्न स्थिति पर चर्चा हुई.’ प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार मोदी (Modi) ने पश्चिम भारत के हिस्सों में चक्रवातीय दशाओं से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा भी की. यह बैठक प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पी के मिश्रा द्वारा दिल्ली, पंजाब और हरियाणा के शीर्ष अधिकारियों के साथ रविवार और सोमवार को की गई एक के बाद एक समीक्षा बैठकों के बाद हुई है.

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक मंगलवार को सुबह पौने नौ बजे के 365 से घटकर पौने चार बजे 331 हो गया. राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में ग्रेटर नोएडा (348), नोएडा (358), गाजियाबाद (351), फरीदाबाद (311) और गुड़गांव (328) में भी वायु की गुणवत्ता में सुधार आया. एक्यूआई 0-50 के बीच ‘अच्छा’, 51-100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101-200 के बीच ‘मध्यम’, 201-300 के बीच ‘खराब’, 301-400 के बीच ‘अत्यंत खराब’, 401-500 के बीच ‘गंभीर’ और 500 के पार ‘बेहद गंभीर’ माना जाता है.


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प्रधानमंत्री द्वारा चक्रवात ‘महा’ के लिए तैयारी की समीक्षा किए जाने से एक दिन पूर्व राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति ने छह नवंबर की रात को द्वारका और दीव के बीच इस चक्रवात के पहुंचने से पहले गुजरात, महाराष्ट्र तथा दमन एवं दीव में तैयारी की समीक्षा की थी. जिला प्रशासनों को अलर्ट रखा गया है और मछली पकड़ने की गतिविधियां फिलहाल टाल दी गई हैं. दमन एवं दीव प्रशासन ने समिति को अपनी तैयारी और लोगों को हटाकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की अपनी योजना के बारे में बताया.

सफल मिशन था चंद्रयान 2, युवाओं में जिज्ञासा पैदा हुई: प्रधानमंत्री मोदी
देश के वैज्ञानिकों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि चंद्रयान 2 एक सफल मिशन था और इससे युवाओं में विज्ञान को लेकर उत्सुकता पैदा हुई. प्रधानमंत्री ने कहा कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के बिना दुनिया का कोई भी देश प्रगति नहीं कर सकता. उन्होंने कहा कि जीवन के अन्य पहलुओं के विपरीत लोगों को वैज्ञानिक अनुसंधानों से तत्काल परिणामों की उम्मीद नहीं करनी चाहिए. उन्होंने जोर दिया कि हो सकता है कि वैज्ञानिक खोजों से वर्तमान पीढ़ी को तत्काल मदद नहीं मिले लेकिन भविष्य में यह फायदेमंद हो सकती हैं.

उन्होंने वीडियो कॉफ्रेंस के जरिए कोलकाता में भारत अंतरराष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव को संबोधित करते हुए कहा, ‘हमारे वैज्ञानिकों ने चंद्रयान 2 पर बहुत मेहनत की. सब कुछ योजना के अनुसार नहीं हुआ, लेकिन यह मिशन सफल था. यदि आप व्यापक परिप्रेक्ष्य की ओर देखें, तो आप पाएंगे कि यह भारत की वैज्ञानिक उपलब्धियों की सूची में एक प्रमुख उपलब्धि है. प्रधानमंत्री ने कहा कि चंद्रयान 2 मिशन ने युवाओं और पुराने लोगों में एक जैसी जिज्ञासा पैदा की. उन्होंने कहा, ‘इस जिज्ञासा को रास्ता दिखाना और उन्हें एक मंच देना हमारी जिम्मेदारी है. हमें मानवीय मूल्यों के साथ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी अनुसंधानों को आगे ले जाना होगा. हमारे देश ने दुनिया के कई शीर्ष वैज्ञानिक दिए हैं.’

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First published: November 5, 2019, 7:32 PM IST
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