शिखर सम्मेलन में बोले PM मोदी- इस क्षेत्र में सबकी सुरक्षा और विकास के लिए मजबूत आसियान जरूरी

 प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 17वें आसियान शिखर सम्मेलन की सह अध्यक्षता की (Photo-ANI)
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 17वें आसियान शिखर सम्मेलन की सह अध्यक्षता की (Photo-ANI)

17th ASEAN-India Summit: दक्षिणपूर्वी एशियाई राष्ट्रों के संगठन आसियान को क्षेत्र का सबसे प्रभावशाली समूह माना जाता है तथा भारत, चीन, जापान और ऑस्ट्रेलिया इसके संवाद साझेदार हैं.

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  • Last Updated: November 12, 2020, 6:00 PM IST
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नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने गुरुवार को भारत और 10 दक्षिणपूर्वी एशियाई देशों (South East Asian Countries) के संगठन आसियान (ASEAN) के बीच डिजिटल शिखर बैठक की वियतनाम के प्रधानमंत्री गुयेन जुआन फुक (Vietnamese counterpart Nguyen Xuan Phuc) के साथ सह-अध्यक्षता की. बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और आसियान की रणनीतिक भागीदारी हमारी साझा ऐतिहासिक, भौगोलिक और सांस्कृतिक विरासत पर आधारित है. भारत की हिंद-प्रशांत महासागर पहल और आसियान के हिंद-प्रशांत पर दृष्टिकोण के बीच कई सारी समानताएं हैं. पीएम मोदी ने कहा कि भारत और आसियान के बीच हर तरह के संपर्क को बढ़ाना हमारे लिए एक प्रमुख प्राथमिकता है.

आसियान समूह शुरू से हमारी एक्ट ईस्ट पॉलिसी का मूल केंद्र रहा है. पीएम मोदी ने कहा कि भारत और आसियान के बीच हर प्रकार की कनेक्टिविटी जैसे - भौतिक, आर्थिक, सामाजिक, डिजिटल, वित्तीय, समुद्री परिवहन को बढ़ाना हमारे लिए एक प्रमुख प्राथमिकता है. पीएम मोदी ने कहा कि पिछले कुछ सालों में हम इन सभी क्षेत्रों में क़रीब आते गए हैं. पीएम मोदी ने कहा कि हमारा मानना है कि इस क्षेत्र में सबकी सुरक्षा और विकास के लिए मजबूत और उत्तरदायी आसियान जरूरी है.

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कोरोना के चलते ऑनलाइन शुरू हुआ है सम्मेलन
दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों के संगठन ‘आसियान’ का शिखर सम्मेलन गुरुवार को कोविड-19 महामारी की वजह से ऑनलाइन शुरू हुआ जिसके शुरुआती सत्र में वियतनाम के प्रधानमंत्री ने सदस्य देशों के समक्ष मौजूद चुनौतियों को रेखांकित किया.

एसोसिएशन ऑफ साउथईस्ट एशियन नेशंस (आसियान) के साल में दो बार होने वाले सम्मेलन में इस साल वियतनाम अध्यक्ष है और उम्मीद की जा रही है कि इस सम्मेलन में दक्षिण चीन सागर विवाद, कोरोना वायरस की महामारी और कारोबार सहित विभिन्न मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा.

दक्षिणपूर्वी एशियाई राष्ट्रों के संगठन आसियान को क्षेत्र का सबसे प्रभावशाली समूह माना जाता है तथा भारत, चीन, जापान और ऑस्ट्रेलिया इसके संवाद साझेदार हैं.

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इस शिखर बैठक में आसियान-भारत रणनीतिक साझेदारी की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की जाएगी तथा संपर्क, समुद्री मार्ग संबंधी सहयोग, व्यापार एवं वाणिज्य, शिक्षा और क्षमता निर्माण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में हुई प्रगति पर भी विचार किया जाएगा.

यह शिखर बैठक ऐसे समय में हो रही है जब दक्षिणी चीन सागर और पूर्वी लद्दाख में चीन का आक्रामक व्यवहार देखने को मिल रहा है. कई आसियान देशों का दक्षिणी चीन सागर में चीन के साथ सीमा विवाद है.
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