BJP का 'विजन 2022' पेश, जावड़ेकर बोले- विपक्ष के पास नहीं है नेता, नीति और रणनीति

माना जा रहा है कि पीएम मोदी समापन सत्र को संबोधित करते हुए नेताओं-कार्यकर्ताओं को 2019 में होने वाले आम चुनाव के लिए जीत का मंत्र दे सकते हैं.


Updated: September 9, 2018, 11:09 PM IST
BJP का 'विजन 2022' पेश, जावड़ेकर बोले- विपक्ष के पास नहीं है नेता, नीति और रणनीति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बैठक के समापन पर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे.

Updated: September 9, 2018, 11:09 PM IST
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की दो दिनों की बैठक का रविवार को दूसरा और आखिरी दि है. लोकसभा और विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच आज गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने बीजेपी का 'विजन 2022' पेश किया, जिसे राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने सर्वसम्मति से पास कर दिया.

वहीं, राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में शामिल केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने विपक्ष पर निशाना साधा. 2019 के चुनाव में नरेंद्र मोदी को जीत की 'गारंटी' देते हुए जावड़ेकर ने कहा कि विपक्ष (कांग्रेस) के पास न तो नेता है, न नीति और न ही रणनीति. जबकि हमारी सरकार के पास ये तीनों चीजें हैं.

ये हैं बीजेपी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी की 10 बड़ी बातें:-

>> गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने पीएम मोदी के 'विजन 2022' की सराहना करते हुए प्रस्ताव पेश किया. इस प्रस्ताव में 'न्यू इंडिया' की बात कही गई, जो गरीबी मुक्त होगी और जहां कोई भी बेघर नहीं होगा.

>>राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में शामिल केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने यह जानकारी देते हुए बताया कि इस प्रस्ताव में विश्वास जताया गया है कि न्यू-इंडिया का सपना पूरा होकर ही रहेगा. वहीं 'विज़न 2022' में राम मंदिर के जिक्र को लेकर जावड़ेकर से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, प्रस्ताव में इसका जिक्र नहीं था.



>>जावड़ेकर ने इसके साथ ही कहा, 'विपक्ष के पास कोई एजेंडा नहीं है. वे बस 'मोदी रोको अभियान' में यकीन करते हैं. देश के लोग उन्हें अच्छी तरह जानते हैं. 2019 का चुनाव हम पिछली बार से भी ज्यादा बहुमत से जीतेंगे.'



>>केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने प्रस्ताव की जानकारी देते हुए कहा, 'राजनीतिक प्रस्ताव में बताया गया है कि किस प्रकार आज देश में एक इनोवेशन का कल्चर शुरू हुआ है. खुद की तरक्की करते हुए लोग देश की तरक्की में सहभागी हो रहें है.'

>>जावड़ेकर ने बताया, 'पीएम मोदी दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता हैं. साढ़े चार के कार्यकाल के बाद भी उनकी लोकप्रियता 70 फीसदी के स्तर पर है. ऐसा दुनिया में पहले कभी भी नहीं हुआ था. ऐसा दुनिया में किसी और देश में आज तक नहीं हुआ है.'

>>राफेल डील के सवाल पर जावड़ेकर ने बताया कि प्रस्ताव में राफेल सौदे का कोई जिक्र नहीं था. उन्होंने कहा, 'इस सौदे में जो लोग भ्रष्टाचार का आरोप लगा रहे हैं, उन्हें यह समझना होगा कि इस डील में बिचौलिया शामिल नहीं था.'



>>जावड़ेकर ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी अध्यक्ष ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा, 'बंगाल में 30 कार्यकर्ता की हत्या हो चुकी है, लेकिन फिर भी डरे नहीं हैं और 250 से ज्यादा युवा विस्तारक बन कर निकले हैं.'

>>बीजेपी के राजनीतिक प्रस्ताव में कहा गया कि 'न्यू इंडिया' की दिशा में भारत ने बहुत तरक्की है और समाज के लोगों ने भी साथ दिया है. यह नया भारत भ्रष्टाचार, संप्रदायवाद और गरीबी से मुक्त होगा.

>>प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि यह नया भारत 2022 तक बनेगा. सरकार की जिस तरह की योजनाएं हैं और पीएम मोदी का कृतित्व है, उससे ये साकार होगा. विजन. पैशन और इमैजिनेशन से यह सफल होगा.

शनिवार की बैठक में क्या हुआ था?

इससे पहले शनिवार को शुरू हुई बीजेपी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने सबको संबोधित किया था. उन्होंने 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव को जीतने का फॉर्मूला अपने पार्टी कार्यकर्ताओं से साझा किया था.

इसके अलावा अमित शाह ने कहा कि आने वाले लोकसभा चुनाव को बीजेपी मोदी सरकार की उपलब्धियों और संगठन की शक्ति के बल पर लड़ेगी.

बैठक के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ-साथ बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण, गृह मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री अरुण जेटली, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज समेत बीजेपी के कई दिग्गज नेता इसमें शामिल थे.

बीजेपी की राष्‍ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक से गायब रहे ये बड़े नेता

कांग्रेस के लिए बनाई ये रणनीति

सूत्रों के मुताबिक, 2019 के आम चुनाव में बीजेपी ने विपक्ष की जाति आधारित इलेक्शन की कोशिश की काट के तौर पर राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) को मुद्दा बनाए जाने की रणनीति बनाई है. राष्ट्रीय कार्यकारिणी में एनआरसी पर भी विस्तार से प्रेजेंटेशन दिया गया, जिसमें कहा गया कि घुसपैठियों के लिए देश में कोई जगह नहीं है. बता दें कि असम में एनआरसी के ड्राफ्ट को लेकर राजनीति गरमाई हुई है.

 
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर