नौकरी से लेकर किसानों की आय तक, 100 दिन का एजेंडा बनाने में जुटे पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को अपने दूसरे कार्यकाल के बजट से पहले वित्त और अन्य मंत्रालयों के बड़े अधिकारियों के साथ बैठक की.

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Updated: June 19, 2019, 6:05 AM IST
नौकरी से लेकर किसानों की आय तक, 100 दिन का एजेंडा बनाने में जुटे पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को अपने दूसरे कार्यकाल के बजट से पहले वित्त और अन्य मंत्रालयों के बड़े अधिकारियों के साथ बैठक की. (तस्वीर साभार- पीटीआई)
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Updated: June 19, 2019, 6:05 AM IST
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने दूसरे कार्यकाल के बजट से पहले मंगलवार को वित्त और अन्य मंत्रालयों के बड़े अधिकारियों के साथ बैठक की. पीएम ने इस बैठक में सुस्त पड़ती अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने और रोजगार सृजन को ध्यान में रखते हुए सरकार के 100 दिन के एजेंडा को अंतिम रूप देने पर जोर दिया.

भारत को बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने पर ज़ोर
सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास पर हुई इस बैठक में वित्त मंत्रालय के सभी पांच सचिवों के अलावा कुछ अन्य मंत्रालयों के अधिकारी और नीति आयोग के शीर्ष अधिकारी भी मौजूद रहे. खबर है कि इस हाई लेवल मीटिंग में कम से कम समय में देश को 5000 अरब डॉलर की इकोनॉमी बनाने के लक्ष्य को ध्यान रखते हुए सरकार के पांच वर्ष के विज़न पर भी विचार-विमर्श हुआ.

किसानों की आय दोगुना करने पर हुई बात

माना जा रहा है कि बैठक में किसानों की आय दोगुना करने, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री आवास योजना, सबको पेयजल, सबको बिजली समेत प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की भविष्य की रूपरेखा पर भी बातचीत की गई.

कृषि क्षेत्र की समस्याओं को देखते हुए पिछले हफ्ते ही पीएम मोदी ने कृषि क्षेत्र में सुधार किए जाने, निजी निवेश बढ़ाए जाने, किसानों को बाजार समर्थन उपलब्ध कराने और लॉजिस्टिक व्यवस्था को दुरुस्त करने पर जोर देने की बात कही थी.

कारोबार को आसान करने पर हुई बात
प्रधानमंत्री मोदी ने सभी विभागों के साथ सुधारों की रूपरेखा पर विचार किया ताकि देश में कारोबार करने की व्यवस्थाएं और सुगम की जा सकें तथा अर्थव्यवस्था को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके.

सूत्रों ने कहा कि बैठक में राजस्व बढ़ाने तथा सुधारों के जरिये जीडीपी की वृद्धि की रफ्तार तेज करने के उपायों पर भी चर्चा हुई. गौरतलब है कि वित्त वर्ष 2018-19 में जीडीपी की वृद्धि दर घटकर 6.8 प्रतिशत पर आ गई है, जो इसका पांच साल का निचला स्तर है.

आंकड़ों के अनुसार महंगाई भारतीय रिजर्व बैंक के संतोषजनक स्तर के दायरे में है, लेकिन जनवरी-मार्च तिमाही में आर्थिक वृद्धि दर 5.8 प्रतिशत के पांच साल के निचले स्तर पर आ गई. इससे वृद्धि दर के मामले में भारत अब चीन से पिछड़ गया है.

5 जुलाई को पेश होगा बजट
वित्त वर्ष 2019-20 का पूर्ण बजट पांच जुलाई को पेश किया जाना है. मोदी ने उससे पहले शीर्ष अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श शुरू किया है. इन विचारों को बजट में शामिल किया जा सकता है.

माना जा रहा है कि पीएम मोदी के नेतृत्व में नयी सरकार जहां विनिर्माण में निवेश को प्रोत्साहन देने का प्रयास करेगी, वहीं वह आगामी बजट में कृषि क्षेत्र की परेशानियों को दूर करने और किसानों की आय बढ़ाने के कदम भी उठाएगी.

इस मुद्दों से निपटने के लिए कदम उठाएगी सरकार
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए जाने वाले बजट में अर्थव्यवस्था की धीमी रफ्तार, फंसे कर्ज में वृद्धि और गैर-बैंकिग वित्तीय कंपनियों के नकदी संकट जैसी वित्तीय क्षेत्र की मुश्किलों, रोजगार सृजन, निजी निवेश, निर्यात पुनरोद्धार और कृषि संकट समेत अन्य मुद्दों से निपटने के लिए कदम उठाए जाने की उम्मीद है.

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