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गुजरात के पूर्व CM दिलीप पारिख का निधन, पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि

भाषा
Updated: October 25, 2019, 8:12 PM IST
गुजरात के पूर्व CM दिलीप पारिख का निधन, पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि
गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री दिलीप पारिख का निधन हो गया है (फोटो क्रेडिट- विकी कॉमन्स)

दिलीप पारिख (Dilipbhai Parikh) अक्टूबर 1997 और मार्च 1998 के बीच राज्य के 13वें मुख्यमंत्री (CM) रहे. उस वक्त वह शंकरसिंह वाघेला (Shankersinh Vaghela) द्वारा गठित राष्ट्रीय जनता पार्टी (RJP) के साथ थे, जो भाजपा (BJP) से अलग हो कर बनाई गई थी.

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अहमदाबाद. गुजरात (Gujarat) के पूर्व मुख्यमंत्री दिलीप पारिख (Dilipbhai Parikh) का लंबी बीमारी के बाद शुक्रवार को यहां के एक निजी अस्पताल (Private Hospital) में निधन हो गया. उनके परिजनों ने यह जानकारी दी. वह 82 वर्ष थे.

दिलीप पारिख अक्टूबर 1997 और मार्च 1998 के बीच राज्य के 13वें मुख्यमंत्री (CM) रहे. उस वक्त वह शंकरसिंह वाघेला (Shankersinh Vaghela) द्वारा गठित राष्ट्रीय जनता पार्टी (RJP) के साथ थे, जो भाजपा से अलग हो कर बनाई गई थी. पारिख की सरकार को कांग्रेस (Congress) का समर्थन प्राप्त था.

1990 के दशक में की थी राजनीतिक करियर की शुरुआत
पारिख ने 1990 के दशक के मध्य में बतौर भाजपा विधायक (BJP MLA) अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी. वह एक उद्योगपति (Businessman) थे और गुजरात चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष भी रह चुके हैं.


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प्रधानमंत्री और गुजरात के मुख्यमंत्री ने भी ट्वीट कर दी श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने पारिख के निधन पर शोक जताया है और कहा कि उन्होंने पूरे समर्पण के साथ गुजरात (Gujarat) की जनता के लिये काम किया.

मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘दिलीप भाई पारिख (Dilipbhai Parikh) ने उद्योग एवं लोकसेवा की दुनिया में छाप छोड़ी. उन्होंने पूरे समर्पण के साथ गुजरात की जनता के लिये काम किया.’’ उन्होंने कहा, ‘‘अपने मिलनसार स्वभाव के कारण उन्होंने हर तबके के लोगों के दिलों में जगह बनायी. उनके निधन से दुखी हूं. उनके परिवार एवं प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदनाएं. ओम शांति!’’

गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी (Vijay Rupani) ने भी ट्वीट कर दिवंगत मुख्यमंत्री को श्रद्धांजलि दी. रूपाणी ने कहा, ‘‘गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री श्री दिलीप पारिख जी के निधन से दुखी हूं. मैं दिवंगत आत्मा की शांति के लिये प्रार्थना करता हूं. उनके परिवार एवं मित्रों के प्रति मैं गहरी संवेदनाएं प्रकट करता हूं.’’

करीब 6 महीने रहे थे गुजरात के मुख्यमंत्री
वाघेला 1996 में विद्रोह कर भाजपा (BJP) से अलग हो गये थे और पारिख ने क्षत्रिय नेता से हाथ मिला लिया तथा उनकी पार्टी आरजेपी (RJP) में शामिल हो गये. इसके बाद वाघेला कांग्रेस के समर्थन से मुख्यमंत्री बने. एक साल बाद जब मतभेदों के कारण कांग्रेस (Congress) ने समर्थन वापस लेने की धमकी दी तब वाघेला पीछे हट गये.

समझौते के फॉर्मूले के तहत वाघेला के विश्वस्त पारिख ने अक्टूबर 1997 में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और मार्च 1998 तक वह मुख्यमंत्री (CM) पद पर रहे. इसके बाद भाजपा विधानसभा चुनाव जीत कर वापस सत्ता में आयी.

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First published: October 25, 2019, 6:00 PM IST
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