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CAA पर पीएम मोदी ने विरोधियों को याद दिलाया एक पाकिस्तानी विज्ञापन, जानिए क्या है मामला

News18Hindi
Updated: January 28, 2020, 5:00 PM IST
CAA पर पीएम मोदी ने विरोधियों को याद दिलाया एक पाकिस्तानी विज्ञापन, जानिए क्या है मामला
पीएम ने कहा हमारी सरकार दशकों पुरानी समस्याएं सुलझा रही है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने कहा कि सीएए (CAA) का विरोध ऐसे लोग कर रहे हैं जिन्होंने शत्रु सम्पत्ति कानून का भी विरोध किया था.

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  • Last Updated: January 28, 2020, 5:00 PM IST
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नई दिल्ली. नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध को लेकर विपक्षी दलों पर वोट बैंक पर कब्जा करने की स्पर्धा में शामिल होने का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने मंगलवार को कहा कि दशकों पुरानी समस्याएं सुलझा रही उनकी सरकार के फैसले पर जो लोग सांप्रदायिकता का रंग चढ़ा रहे हैं, उनका असली चेहरा देश देख भी रहा है और समझ भी रहा है.

राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी NCC) के कैडेटों को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, ‘कुछ राजनीतिक दल वोट बैंक पर कब्जा करने की स्पर्धा में लगे हैं, आखिर किसके हितों के लिए काम कर रहे हैं ये लोग.’ इस संबोधन में प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान की सेना के एक विज्ञापन का जिक्र किया जो बीते दिनों सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था. हालांकि यह विज्ञापन अगस्त 2018 का है, जिसे लेकर उस  समय भी खासा बवाल हुआ था.

पीएम ने कहा, 'जो लोग सीएए से डर रहे हैं, वे पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों का उत्पीड़न नहीं देख पा रहे हैं. क्या हमें सताए हुए लोगों की मदद नहीं करनी चाहिए? कुछ समय पहले पाकिस्तान सेना का एक विज्ञापन सामने आया था जिसमें यह स्पष्ट रूप से लिखा गया था कि केवल गैर-मुस्लिम सफाई कर्मी पद के लिए आवेदन कर सकते हैं.'

पाकिस्तान सेना द्वारा दिया गया विज्ञापन




क्या है पूरा मामला
पीएम ने कहा, 'इन लोगों को पाकिस्तान में दलितों पर अत्याचार दिखाई नहीं देता. वहां से जो लोग धार्मिक प्रताड़ना के चलते भागकर भारत आए हैं, उनमें से अधिकतर हमारे दलित भाई हैं. कुछ समय पहले पाकिस्तान में वहां की सेना ने अधिकृत रूप से एक विज्ञापन छपवाया. सेना में सफाई कर्मियों की भर्ती के लिए विज्ञापन था. उसमें जो लिखा था यह जानकर आप चौंक जाएंगे. इन विज्ञापनों में लिखा था- सफाई कर्मचारी के लिए वही अप्लाई कर सकते हैं जो मुस्लिम नहीं हैं. यानी यह विज्ञापन किसके लिए था, हमारे दलित भाई बहनों के लिए. इसी काम के लिए हिंदुस्तान के लोगों का उपयोग हो रहा है और हम चुप बैठे रहें?'

बता दें कि साल 2018 में यह खबर आई थी कि पाकिस्तान के सिंध में सेना हेडक्वार्टर में 10 विभिन्न रैंक और ट्रेड्स के लिए आवेदन मांगे गए थे. इसमें सब इंस्पेक्टर से लेकर सफाई कर्मी तक के पद थे. अन्य रैंक और ट्रेड्स के लिए तो किसी भी धर्म विशेष का उल्लेख नहीं किया गया था लेकिन दर्जी, नाई, कारपेंटर, पेंटर, बूट मेकर, वाटर कैरियर और सफाई कर्मियों की ट्रेड में स्पष्ट लिखा था- सिर्फ गैर मुस्लिम लोग ही आवेदन करें. इस विज्ञापन के बाद से ही सोशल मीडिया पर खूब हंगामा मचा था.

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First published: January 28, 2020, 3:25 PM IST
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