Assembly Banner 2021

Pariksha Pe Charcha: PM नरेंद्र मोदी ने बताया, वे खाली समय में क्या करना पसंद करते हैं

'परीक्षा पर चर्चा' कार्यक्रम के तहत छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से संवाद करते पीएम मोदी. (BJPLive Tweet/7 April 2021)

'परीक्षा पर चर्चा' कार्यक्रम के तहत छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से संवाद करते पीएम मोदी. (BJPLive Tweet/7 April 2021)

PM Narendra Modi Pariksha Pe Charcha: प्रधानमंत्री मोदी साल 2018 से परीक्षा से पहले छात्रों से चर्चा करते रहे हैं. पहली बार इसका आयोजन दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में हुआ था.

  • Share this:
नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने बुधवार को कहा कि उन्हें खाली समय में झूला झूलना पसंद है. उन्होंने कहा, "मैं काम के बीच में भी झूले पर बैठना पसंद करना हूं. इससे मुझे खुशी मिलती है." 'परीक्षा पर चर्चा' (Pariksha Pe Charcha) कार्यक्रम के तहत छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से संवाद के दौरान पीएम मोदी ने यह बात कही.

पीएम मोदी ने कहा कि अगर आपको पता है कि आपके पास आज के दिन में खाली समय होगा तो आप अपने परिवार वालों की मदद कर सकते हैं या फिर आप ऐसा कुछ कर सकते हैं जो कि आपको पसंद है. उन्होंने कहा, "खाली समय को खाली न समझें, ये खजाना है. ये एक अवसर है. आपकी दिनचर्या में खाली समय के पल होने ही चाहिए वरना जिंदगी नीरस हो जाती है."

छात्रों से बातचीत में पीएम मोदी ने कहा, "यह भी ध्यान रखने की जरूरत है कि खाली समय में किन चीजों से बचना चाहिए, नहीं तो वो ही चीज सारा समय खा जाएंगी. अंत में रिफ्रेश-रिलेक्स होने के बजाए आप तंग हो जाएंगे. थकान महसूस करने लगेंगे." उन्होंने कहा, "खाली समय, इसको खाली मत समझिए, ये खजाना है, खजाना. खाली समय एक सौभाग्य है, खाली समय एक अवसर है. आपकी दिनचर्या में खाली समय के पल होने ही चाहिए."



प्रधानमंत्री ने कहा, "जब आप खाली समय earn करते हैं तो आपको उसकी सबसे ज्यादा value पता चलती है. इसलिए आपकी लाइफ ऐसी होनी चाहिए कि जब आप खाली समय earn करें तो वो आपको असीम आनंद दे. खाली समय में हमें अपनी Curiosity, जिज्ञासा बढ़ाने की और ऐसी कौन सी चीजें हम कर सकते हैं जो शायद बहुत productive हो जाएगी."
इस बार ‘‘परीक्षा पे चर्चा’’ कार्यक्रम डिजिटल माध्यम से किया जा रहा है. गत फरवरी महीने में शिक्षा मंत्रालय ने इसकी घोषणा की थी. प्रधानमंत्री मोदी साल 2018 से परीक्षा से पहले छात्रों से चर्चा करते रहे हैं. पहली बार इसका आयोजन दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में हुआ था. 'परीक्षा पे चर्चा' कार्यक्रम के जरिए वह हर साल छात्रों से संवाद करते हैं और उन्हें परीक्षा के तनाव को दूर करने के उपाय सुझाते हैं.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज